फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   New Research: A new hidden world also resides in the Earth! There are not only solids but also liquids in the inner core

नई रिसर्च: पृथ्वी के भीतर भी बसती है एक नई दुनिया! सिर्फ ठोस ही नहीं, आंतरिक कोर में हैं कई तरल पदार्थ 

Sat, 30 Oct 2021 10:23 AM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव Updated Sat, 30 Oct 2021 10:23 AM IST
सार

नई रिसर्च में सामने आया है कि भूकंप की तरंगे, जिन्हें टकराकर वापस लौट आना था, वह आरपार हो गईं। इससे वैज्ञानिक हैरान हैं। 
 

विज्ञापन
New Research: A new hidden world also resides in the Earth! There are not only solids but also liquids in the inner core
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

विस्तार

पृथ्वी का ऊपरी हिस्सा जितना रहस्यों से भरा हुआ है, उससे भी ज्यादा रहस्य पृथ्वी के आंतरिक हिस्से में हैं। शायद यहां कोई नई दुनिया हो? या फिर पृथ्वी का आंतरिक हिस्सा कई ऐसे तरल पदार्थों से भरा हो, जिन्हें हम अभी तक जानते ही न हों। अभी तक हमने स्कूल, कॉलेज या कहीं भी पृथ्वी के आंतरिक हिस्से यानी पाताल लोक के बारे में जो कुछ सुना या जाना है, अब नया अध्ययन आपके सिर को घुमा देगा। 

विज्ञापन


अभी तक यह धारणा थी कि हमारी धरती का केंद्र बिंदु यानी इनर कोर ठोस है, जिसके बाहर तरल मौजूद है, लेकिन नई रिसर्च में  सामने आया है कि यह पूरी तरह से ठोस नहीं है। 
विज्ञापन


कई जगहों पर नरम है इनर कोर 
फिजिक्स ऑफ द अर्थ एंड प्लैनेटरी इंटीरियर्स नाम की एक पत्रिका में यह नया अध्ययन प्रकाशित हुआ है। इसके तहत पृथ्वी का इनर कोर, जिसे हम पाताल लोक कहते हैं। उसकी पहली पर्त ठोस है, तो उसके बाद दूसरी पर्त कुछ नरम है, वहीं तीसरी पतर में तरल धातु होती है। इंग्लैंड के ब्रिस्टल विश्वविद्यालय के भूविज्ञानी जेसिका इरविंग ने बताया कि हम एक पूरी की पूरी नई दुनिया को ढूंढ रहे हैं। जितना ज्यादा हम इसे देखते जाते हैं, पता चलता है कि यह सिर्फ लोहे की ठोस गेंद नहीं है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


रहस्यों से भरा है पाताल लोक 
इस रिसर्च में जोआना थॉम्पसन लिखते हैं कि 1864 में जूल्स वर्ने ने अपनी रिसर्च जर्नी टू द सेंटर ऑफ द अर्थ में बताया था कि पृथ्वी का आतंरिक हिस्सा यानी केंद्र खोखला है। इसके बाद 1950 में वैज्ञानिकों ने इस थ्योरी को खारिज कर दिया। नई रिसर्च में सामने आया कि हमारा ग्रह खोखला नहीं है। 


पृथ्वी के केंद्र में हो सकती है नई दुनिया
भूवैज्ञानिक रेट बटलर बताते हैं कि उन्होंने भूकंपों से उठने वाली भूगर्भीय तरंगों की जांच की । उन्होंने बताया कि अध्ययन में पता चला कि कुछ तरंगे इनर कोर से टकराकर वापस लौट आईं, जबकि कुछ उसे पार कर गईं। अगर पूरी कोर ठोस होती तो सभी तरंगों को वापस लौटना था। उन्होंने कहा कि इससे पता चलता है कि पृथ्वी के भीतर भी एक नई दुनिया हो सकती है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed