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Citizenship: अमेरिका में जन्मे बच्चे की नागरिकता मामले में ट्रंप के आदेश पर रोक, न्यू हैम्पशायर के जज का फैसला

Fri, 11 Jul 2025 02:03 AM IST
शुभम कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: शुभम कुमार Updated Fri, 11 Jul 2025 02:03 AM IST
सार

न्यू हैम्पशायर के फेडरल जज ने ट्रंप के उस आदेश पर रोक लगाई, जिसमें अवैध रूप से रह रहे लोगों के बच्चों को नागरिकता देने से मना किया गया था। जज ने इसे असंवैधानिक बताते हुए देशभर में लागू होने से रोकने का फैसला सुनाया है। 

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New Hampshire judge pauses Trump's birthright citizenship order nationwide via class action lawsuit
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : ANI

विस्तार

अमेरिका के न्यू हैम्पशायर के फेडरल जज जोसेफ ला प्लांटे ने गुरुवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक बड़ा झटका दिया है। इसके तहत फेडरल जज ने ट्रंप के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें अमेरिका में अवैध या अस्थायी रूप से रह रहे लोगों के बच्चों को जन्म से नागरिकता देने से मना किया गया था। फैसले पर रोक लगाते हुए उन्होंने कहा कि यह आदेश असंवैधानिक, गैरकानूनी और बच्चों के अधिकारों के खिलाफ है। इस फैसले के साथ ही उन्होंने पूरे देश में इस आदेश को लागू होने से रोका और एक क्लास-एक्शन मुकदमे को भी मंजूरी दी, जो उन सभी बच्चों की ओर से है जिन्हें यह आदेश प्रभावित कर सकता था।

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बता दें कि यह मामला सीधे तौर पर अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन से जुड़ा है, जिसमें साफ कहा गया है कि जो कोई भी अमेरिका में जन्म लेता है और यहां के कानूनों के अधीन होता है वह अमेरिकी नागरिक होता है। इसपर ट्रंप प्रशासन का कहना था कि कानून के अधीन होने का मतलब है कि अगर मां-बाप अवैध रूप से रह रहे हैं, तो बच्चे को नागरिकता नहीं दी जानी चाहिए।
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ट्रंप प्रशासन का फैसला मान्य नहीं ठहराया जा सकता- जज
मामले में सुनवाई के दौरान जज ला प्लांटे ने कहा कि ट्रंप सरकार के तर्क गंभीर तो हैं, लेकिन उन्हें मान्य नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने कहा कि नागरिकता से वंचित करना किसी व्यक्ति के लिए सबसे बड़ी और अपूरणीय हानि है। वहीं इस मामले में मुकदमा लड़ने वाले वकील कोडी वॉफसी ने कहा कि यह फैसला देशभर के हर बच्चे को इस क्रूर और असंवैधानिक आदेश से सुरक्षा देगा।


किन-किन लोगों ने दायर की याचिका
ट्रंप प्रशासन के इस फैसले के विरोध में ये याचिका एक गर्भवती महिला, दो माता-पिता और उनके नवजात बच्चों की ओर से दायर की गई है। होंडुरास की रहने वाली गर्भवती महिला अमेरिकी नागरिक बनने की उम्मीद में हैं। कारण है कि आने वाले अक्तूबर में अपने चौथे बच्चे को जन्म देने वाली है। इसके साथ ही इस मामले में पिछले पांच साल से फ्लोरिडा में रहने वाले एक ब्राजीलियाई नागरिक ने कहा कि उनका बच्चा अमेरिका में जन्मा है और उसे अमेरिकी नागरिकता का पूरा हक है।

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मामला जल्द पहुंच सकता है सुप्रीम कोर्ट
न्यू हैम्पशायर के फेडरल जज सोसेफ ला प्लांटे के इस फैसले के बाद अब यह मामला जल्द ही सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच सकता है। वहां यह तय होगा कि क्या ट्रंप का आदेश संविधान के खिलाफ है या नहीं। सीएएसए नाम की प्रवासी अधिकार संस्था ने भी मैरीलैंड में एक और मुकदमा दायर किया है और पूरे देश में आदेश पर रोक लगाने की मांग की है। संस्था ने अपने सदस्यों से कहा है कि अभी घबराने की जरूरत नहीं है, कानूनी लड़ाई जारी है।

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