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Nepal: प्रचंड की बढ़ीं मुश्किलें! प्रधानमंत्री की गिरफ्तारी की मांग, सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हुई याचिका
Tue, 07 Mar 2023 02:50 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू
Published by: नितिन गौतम
Updated Tue, 07 Mar 2023 02:50 PM IST
सार
यह याचिका उनके एक पुराने बयान के मामले में दर्ज की गई है, जिसमें दहल ने स्वीकार किया था कि देश में उग्रवाद के दौरान पांच हजार लोगों की मौत हुई थी।
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नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल 'प्रचंड'
- फोटो : ट्विटर/ कॉमरेड प्रचंड (फाइल)
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विस्तार
नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कुमार दहल प्रचंड की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। पहले ही वह सरकार बचाने के मोर्चे पर जूझ रहे हैं। अब उनके खिलाफ नेपाल के सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल हुई है, जिसमें उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की गई है। बता दें कि यह याचिका उनके एक पुराने बयान के मामले में दर्ज की गई है, जिसमें दहल ने स्वीकार किया था कि देश में उग्रवाद के दौरान पांच हजार लोगों की मौत हुई थी।
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गौरतलब है कि प्रचंड के बयान को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने ही प्रशासन को उनके खिलाफ रिट याचिका दायर करने का आदेश दिया था। बता दें कि नेपाल में विद्रोह 13 फरवरी 1996 में हुआ था और 21 नवंबर 2006 को सरकार के साथ व्यापक शांति समझौते के साथ खत्म हो गया था। 15 जनवरी 2020 को काठमांडू में एक कार्यक्रम के दौरान प्रचंड ने कहा था कि 'मुझ पर 17 हजार लोगों की हत्या का आरोप लगाया जाता है लेकिन यह सच नहीं है। हालांकि मैं संघर्ष के दौरान पांच हजार लोगों की हत्या की जिम्मेदारी लेने को तैयार हूं।'
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इससे पहले प्रचंड की गठबंधन सरकार से पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की पार्टी सीपीएन-यूएमएल ने समर्थन वापस ले लिया था। दरअसल प्रधानमंत्री प्रचंड ने राष्ट्रपति चुनाव में नेपाली कांग्रेस के उम्मीदवार का समर्थन करने का एलान किया था, जबकि गठबंधन की पार्टी सीपीएन-यूएमएल के उम्मीदवार का समर्थन नहीं किया था। इसी वजह से गठबंधन में दरार आई और गठबंधन में टूट हो गई। नौ मार्च को नेपाल में राष्ट्रपति पद का चुनाव होना है।