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येती नहीं, भालू के हैं पैरों के निशान, इस तरह के निशान कई बार देखे : नेपाल
Fri, 03 May 2019 06:21 AM IST
Avdhesh Kumar
एजेंसी, काठमांडू
एजेंसी, काठमांडू
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Fri, 03 May 2019 06:21 AM IST
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हिममानव येती
- फोटो : social media
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नेपाल ने कहा है कि हिमालयन रेंज में स्थित मकालू बेस कैंप पर जो विशाल पैरों के निशान दिखाई दिए हैं, वह किसी येती के नहीं बल्कि जंगली भालू के हैं। नेपाल की सेना के एक अधिकारी ने कहा कि इस तरह के पैरों के निशान इस इलाके में अक्सर नजर आते हैं। यह निशान जंगली भालू के पैरों के हैं न कि किसी येती के।
नेपाल की सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल बिग्यान देव पांडेय ने कहा, जब भारतीय सेना के जवानों ने पैरों के निशान देखे तब हमारी लाइजेन टीम उनके साथ थी। हमने सच का पता लगाने की कोशिश कि लेकिन स्थानीय लोगों और पोर्टर्स ने बताया कि यह जंगली भालू के पैरों के निशान हैं, जो अक्सर इस इलाके में नजर आते रहते हैं।
बता दें कि भारतीय सेना की ओर से सोमवार को कुछ तस्वीरें ट्वीट की गई थीं। जिसके बारे में कहा गया था कि यह रहस्यमय प्राणी के पैरों के निशान हो सकते हैं, जिसे येती यानी हिममानव कहा जाता है। सेना ने नेपाल-तिब्बत बॉर्डर के करीब मकालू-बारून संरक्षित क्षेत्र में इन निशानों को देखे जाने की बात कही थी। यह घटना नौ अप्रैल की बताई गई है।
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नेपाल की सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल बिग्यान देव पांडेय ने कहा, जब भारतीय सेना के जवानों ने पैरों के निशान देखे तब हमारी लाइजेन टीम उनके साथ थी। हमने सच का पता लगाने की कोशिश कि लेकिन स्थानीय लोगों और पोर्टर्स ने बताया कि यह जंगली भालू के पैरों के निशान हैं, जो अक्सर इस इलाके में नजर आते रहते हैं।
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बता दें कि भारतीय सेना की ओर से सोमवार को कुछ तस्वीरें ट्वीट की गई थीं। जिसके बारे में कहा गया था कि यह रहस्यमय प्राणी के पैरों के निशान हो सकते हैं, जिसे येती यानी हिममानव कहा जाता है। सेना ने नेपाल-तिब्बत बॉर्डर के करीब मकालू-बारून संरक्षित क्षेत्र में इन निशानों को देखे जाने की बात कही थी। यह घटना नौ अप्रैल की बताई गई है।
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