Nepal Politics: नेपाल में प्रधानमंत्री बनने की होड़, पुष्प कमल दहल अपनी गोटियां सेट करने में जुटे
Nepal Politics: देउबा के नेतृत्व वाली नेपाली कांग्रेस में उनके अलावा दो और नेता- गगन थापा और रामचंद्र पौडेल प्रधानमंत्री पद पर दावा ठोक चुके हैं। दहल नेपाली कांग्रेस के भीतर की इस खींचतान को दहल अपने अनुकूल मान रहे हैं...
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नेपाल के सत्ताधारी गठबंधन में दूसरे सबसे बड़े दल कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (माओइस्ट सेंटर) के अध्यक्ष पुष्प कमल दहल ने खुद प्रधानमंत्री बनने की जोड़तोड़ शुरू कर दी है। दहल ने अपनी पार्टी के नेताओं से कहा है कि हालात उनके पक्ष में बन रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री बनने का अपना गणित पार्टी नेताओं को समझाया है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक दहल की गणना है कि नेपाली कांग्रेस के कई नेता इस पक्ष में नहीं हैं कि शेर बहादुर देउबा फिर प्रधानमंत्री बनें। इसलिए वे उन्हें अपना समर्थन दे सकते हैं।
नेपाल में आम चुनाव में प्रत्यक्ष निर्वाचन वाली संसदीय सीटों का तकरीबन पूरा नतीजा आ चुका है। आनुपातिक प्रतिनिधित्व वाली सीटों के आवंटन की प्रक्रिया अभी चल रही है। लेकिन यह लगभग साफ हो चुका है कि किसी एक पार्टी को बहुमत के लिए जरूरी 138 सीटें नहीं मिल पाएंगी। इसलिए सरकार बनाने के लिए गठबंधन और नए समीकरणों की जरूरत पड़ेगी।
देउबा के नेतृत्व वाली नेपाली कांग्रेस में उनके अलावा दो और नेता- गगन थापा और रामचंद्र पौडेल प्रधानमंत्री पद पर दावा ठोक चुके हैं। दहल नेपाली कांग्रेस के भीतर की इस खींचतान को दहल अपने अनुकूल मान रहे हैं। माओइस्ट सेंटर के कुछ नेताओं ने पत्रकारों से बातचीत में दावा किया है कि नेपाली कांग्रेस का एक धड़ा दहल को गठबंधन का नेता बनाने का समर्थन कर रहा है।
लेकिन नेपाली कांग्रेस के उपाध्यक्ष पूर्ण बहादुर खड़का ने इसका खंडन किया है। उन्होंने अखबार काठमांडू पोस्ट से कहा- हम देउबा के विकल्प पर विचार नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा- ‘हमने चुनाव देउबा के नेतृत्व में लड़ा। हमें सम्मानजनक परिणाम हासिल हुए हैं। इसलिए इस बात में किसी को शक नहीं होना चाहिए कि देउबा ही नेपाली कांग्रेस के निर्विवाद नेता हैं।’
दहल यह दावा करते रहे हैं कि 2017 के आम चुनाव के बाद कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (यूएमएल) के नेता केपी शर्मा ओली उन्हें प्रधानमंत्री बनाने के अपने वादे से मुकर गए थे। इसीलिए माओइस्ट सेंटर को नेपाली कांग्रेस से हाथ मिलाना पड़ा। पिछले हफ्ते यह खबर आई थी कि देउबा और दहल के बीच यह सहमति बन गई है कि दोनों अगले कार्यकाल में आधे-आधे समय तक प्रधानमंत्री रहेंगे। लेकिन गुरुवार को सियासी हलकों में यह चर्चा जोर पकड़ गई कि दहल अपनी गोटियां सेट कर रहे हैं।
ऐसी खबर है कि अपने नाम पर समर्थन जुटाने के लिए दहल ने नई उभरी जनमत पार्टी और नागरिक उन्मुक्ति पार्टी के नेताओं से बातचीत की है। गुरुवार को उनकी जनमत पार्टी के प्रमुख केसी राउत और लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी को अध्यक्ष महंत ठाकुर से गुप्त मुलाकातें हुईं। खबरों के मुताबिक ठाकुर उनके नाम पर राजी हो गए हैं।
नेपाली कांग्रेस के एक नेता ने काठमांडू पोस्ट से कहा- ‘नेपाली कांग्रेस के नेताओं को भय है कि दहल पाला बदल कर यूएमएल से हाथ मिला सकते हैं। उन्हें ऐसा करने से रोकने के लिए हमें उन्हें मौजूदा गठबंधन के नेता के रूप में स्वीकार करना पड़ सकता है।’
अब तक मतगणना से मिले संकेतों के मुताबिक अगली प्रतिनिधि सभा में लगभग 90 सीटों के साथ नेपाली कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी होगी। यूएमएल को तकरीबन 80 सीटें मिलने की संभावना है। माओइस्ट सेंटर 31 सीटों के साथ तीसरी सबसे बड़ी पार्टी होगा। नई उभरी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी को 21 सीटें मिली हैं।