Nepal Politics: फिर प्रधानमंत्री बनने की राह में देउबा के आगे है गगन थापा की चुनौती?
Nepal Politics: मीडिया रिपोर्टों में बताया गया है कि गगन थापा नेपाली कांग्रेस संसदीय दल के नेता पद का चुनाव लड़ने की पूरी तैयारी में हैं। जबकि राम चंद्र पौडेल और प्रकाश मान सिंह अभी पार्टी सांसदों में अपने लिए मौजूद समर्थन का आकलन कर रहे हैं। कुछ पार्टी नेताओं ने कहा है कि नेपाली कांग्रेस के संगठन पर पौडेल और सिंह दोनों की पकड़ है...
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ऐसे संकेत हैं कि कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (माओइस्ट सेंटर) के नेता पुष्प कमल दहल ने प्रधानमंत्री पद के मुद्दे पर अपना रुख नरम कर लिया है। माओइस्ट सेंटर नेपाली कांग्रेस के नेतृत्व वाले पांच दलों के गठबंधन का हिस्सा है। आम चुनाव के बाद नेपाल में नई सरकार बनाने की तेज गतिविधियों के बीच दहल पहले यह मांग कर रहे थे कि अगली सरकार के कार्यकाल में आधी अवधि के लिए पहले उन्हें प्रधानमंत्री बनाया जाए। पर्यवेक्षकों के मुताबिक दहल के अपना रुख नरम करने के बाद अब नेपाली कांग्रेस के नेता के प्रधानमंत्री बनने की संभावना मजबूत हो गई है।
लेकिन नेपाली कांग्रेस के भीतर पार्टी अध्यक्ष और मौजूदा प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा के लिए चुनौतियां बढ़ने के संकेत हैं। देउबा पांच बार प्रधानमंत्री बन चुके हैं। इसलिए अब पार्टी के अन्य दावेदार उनसे इस होड़ से हटने के लिए कह रहे हैं। चुनाव अभियान के दौरान नेपाली कांग्रेस के आधा दर्जन नेताओं ने प्रधानमंत्री बनने की महत्त्वाकांक्षा जताई थी। लेकिन समझा जाता है कि देउबा के लिए सबसे गंभीर चुनौती के रूप में पार्टी महासचिव गगन थापा उभर रहे हैं।
देउबा और थापा के अलावा राम चंद्र पौडेल, शेखर कोइराला, और प्रकाश मान सिंह भी इस होड़ में बने हुए हैं। पहले शशांक कोइराला भी प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार थे, लेकिन अब उन्होंने अपनी राय बदल ली है। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि उनकी दिलचस्पी अब कृषि मंत्री बने रहने तक सीमित रह गई है।
मीडिया रिपोर्टों में बताया गया है कि गगन थापा नेपाली कांग्रेस संसदीय दल के नेता पद का चुनाव लड़ने की पूरी तैयारी में हैं। जबकि राम चंद्र पौडेल और प्रकाश मान सिंह अभी पार्टी सांसदों में अपने लिए मौजूद समर्थन का आकलन कर रहे हैं। कुछ पार्टी नेताओं ने कहा है कि नेपाली कांग्रेस के संगठन पर पौडेल और सिंह दोनों की पकड़ है। इसलिए उनकी उम्मीदवारी को हलके से नहीं लिया जा रहा है।
पार्टी प्रवक्ता प्रकास शरण महत ने रविवार को दावा किया कि देउबा का कोई विकल्प नहीं है। इस बीच खबर है कि शेखर कोइराला भी नेता पद का चुनाव लड़ने को लेकर गंभीर हैं। पिछले साल पार्टी अध्यक्ष के चुनाव में उन्होंने देउबा को चुनौती दी थी, लेकिन चुनाव में हार गए थे। विश्लेषकों के मुताबिक अगर शेखर कोइराला गगन थापा का समर्थन करते हैं, तब देउबा के लिए सचमुच मुश्किल हो सकती है। लेकिन अगर कोइराला और थापा दोनों मैदान में उतर जाते हैं, तो फिर देउबा का रास्ता आसान हो जाएगा।
नेपाल की संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा में 275 सीटें हैं। इनमें से 136 सीटें सत्ताधारी गठबंधन को मिली हैं। बहुमत के लिए जरूरी दो और सीटें जुटाने के लिए सत्ताधारी गठबंधन जनता समाजवादी पार्टी, जनमत पार्टी और लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी के साथ बातचीत कर रहा है। फिलहाल ऐसी संभावना मजबूत हो गई है कि कार्यकाल के पहले आधे समय में नेपाली कांग्रेस के संसदीय दल के निर्वाचित नेता गठबंधन सरकार का नेतृत्व करेंगे। दूसरे आधे समय में प्रधानमंत्री दहल को दिया जा सकता है।