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नेपाल में ओली-प्रचंड के फार्मूले पर पार्टी पैनल की मुहर, इन शर्तों पर तैयार हुए दोनों नेता

Mon, 24 Aug 2020 06:18 AM IST
संजीव कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडो Published by: संजीव कुमार झा Updated Mon, 24 Aug 2020 06:18 AM IST
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Nepal Political crisis, Party panel agree on kp sharma Oli and Prachand formula in Nepal
Prachand and kp sharma oli - फोटो : पीटीआई

नेपाल में सत्ताधारी पार्टी एनसीपी के अंदर चल रही प्रभुत्व की लड़ाई थमने की संभावना बन गई है। इस आंतरिक विवाद का हल निकालने के लिए पार्टी की तरफ से गठित छह सदस्यीय पैनल ने उसी फार्मूले पर मुहर लगा दी है, जो प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ ने 15 अगस्त को आपसी मुलाकात में तय किया था। 

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एनसीपी की स्थायी समिति के सदस्य व वरिष्ठ नेता गणेश शाह ने रविवार को कहा कि पैनल ने शनिवार को अपनी रिपोर्ट ओली और प्रचंड को सौंप दी। रिपोर्ट में ओली को प्रधानमंत्री के तौर पर 5 साल पूरे करने का मौका देने और प्रचंड को पार्टी मामलों में अपनी सभी कार्यकारी शक्तियों के उपयोग की छूट देने की सिफारिश की गई है।
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हालांकि अभी इस रिपोर्ट को स्थायी समिति की बैठक में रखा जाएगा, वहां पारित होने के बाद ही इसे मंजूरी मिलेगी। बैठक इसी सप्ताह होने की संभावना है। सूत्रों का कहना है कि बैठक के बाद पीएम ओली अपनी कैबिनेट में फेरबदल कर प्रचंड के लोगों को जगह देकर सत्ता संतुलन बनाने की कोशिश करेंगे।
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नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (एनसीपी) के सर्वोच्च शक्तिशाली केंद्रीय सचिवालय ने 17 अगस्त को इस पैनल का गठन किया था। पार्टी महासचिव विष्णु पोदयाल की अध्यक्षता वाले पैनल में स्थायी समिति सदस्य शंकर पोखरैल, जनार्दन शर्मा, भीम रावल, सुरेंद्र पांडे और पांफा भुसाल शामिल थे। हालांकि पैनल की रिपोर्ट की ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है।


लेकिन माना जा रहा है कि इससे पार्टी में आई दरार घटेगी। पार्टी में उस समय दरार पैदा हो गई थी, जब प्रचंड और वरिष्ठ नेता माधव कुमार नेपाल ने प्रधानमंत्री ओली के इस्तीफे की मांग की थी। करीब ढाई साल पहले 2018 में प्रधानमंत्री बनते समय ओली ने प्रचंड के साथ इस पद को आधे-आधे समय के लिए आपस में बांटने का समझौता किया था। ओली के इस्तीफा देने से इंकार करने के बाद से ही पार्टी में आंतरिक बैठकों का दौर चल रहा था।

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