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नेपाल: ईवीएम से हो रहे पूर्व PM ओली के नेतृत्व वाली कम्युनिस्ट पार्टी के चुनाव, अध्यक्ष पद पर पोखरेल से चुनौती

Thu, 18 Dec 2025 06:08 AM IST
लव गौर एजेंसी
एजेंसी Published by: लव गौर Updated Thu, 18 Dec 2025 06:08 AM IST
सार

नेपाल में पूर्व पीएम ओली के नेतृत्व वाली कम्युनिस्ट पार्टी के चुनाव ईवीएम से हो रहे हैं। अध्यक्ष पद पर ओली को वरिष्ठ नेता ईश्वर पोखरेल से चुनौती मिल रही है। 

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Nepal: Elections are being held using EVMs for Communist Party led by former PM Oli
पूर्व पीएम केपी शर्मा ओली की फाइल फोटो - फोटो : ANI Photos

विस्तार

नेपाल के पूर्व पीएम केपी शर्मा ओली के नेतृत्व वाली सीपीएन-यूएमएल के भीतर 11वें महाधिवेशन में बुधवार को मतदान शुरू हुआ। मतदान प्रक्रिया सोमवार से कई बार स्थगित होने के बाद शुरू हुई, जो तकनीकी गड़बड़ी के कारण एक घंटे देरी से शुरू हुई। चुनाव ईवीएम से हो रहे हैं। अध्यक्ष पद पर ओली को पार्टी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष ईश्वर पोखरेल से चुनौती मिल रही है।
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महाधिवेशन में कुल 2,263 प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं और तकनीशियन के अनुसार प्रत्येक प्रतिनिधि के मतदान में लगभग 30 मिनट लगेंगे। मतदान शुरू में मंगलवार रात 9 बजे से होना था, लेकिन ईवीएम की तकनीकी दिक्कत से इसे स्थगित करना पड़ा।  ईश्वर पोखरेल के नेतृत्व वाले गुट ने रात में मतदान का विरोध किया था। स्थगन से पहले पार्टी अध्यक्ष ओली और वरिष्ठ उपाध्यक्ष पोखरेल ने इस मुद्दे पर चर्चा की।
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संसद बहाली की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब
नेपाल के सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) की बहाली की मांग को लेकर दायर एक याचिका पर सरकार से कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह याचिका नेपाली कांग्रेस के प्रतिनिधि सभा के 8 पूर्व सदस्यों ने दाखिल की है। याचिका में राष्ट्रपति कार्यालय, प्रधानमंत्री सुशीला कार्की और मंत्रिपरिषद को पक्षकार बनाया गया है। याचिकाकर्ताओं ने अंतरिम सरकार को असांविधानिक बताते हुए उसे रद्द करने और प्रतिनिधि सभा को बहाल कर नेपाली कांग्रेस के नेतृत्व में नई सरकार गठन की मांग की है। 
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बता दें, प्रधानमंत्री कार्की ने 12 सितंबर को शपथ ली थी। इसके तीन दिन पहले तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को जेन-जी के नेतृत्व में हुए बड़े आंदोलन के बाद इस्तीफा देना पड़ा था। शपथ के तुरंत बाद राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने प्रतिनिधि सभा को भंग कर 5 मार्च 2026 को नए चुनाव कराने की घोषणा की थी।


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संसद भंग होने के समय नेपाली कांग्रेस के 88 सदस्य थे, जो 275 सदस्यीय सदन में सबसे बड़ी पार्टी थी। संविधान के अनुच्छेद 76(3) के तहत कांग्रेस सरकार बनाने का दावा कर रही है। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश प्रकाश मान सिंह राउत की अध्यक्षता वाली संवैधानिक पीठ ने की। विपक्षी दल सीपीएन-यूएमएल भी संसद बहाली की मांग कर रहा है।
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