Nepal Election: नेपाल में हर जुबान पर एक सही सवाल- कौन बनेगा प्रधानमंत्री?
Nepal Election: सत्ताधारी गठबंधन ने किसी नेता को प्रधानमंत्री पद का अपना उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। इसकी वजह यह बताई जाती है कि गठबंधन में कम से कम ऐसे पांच नेता हैं, जो खुद को अगले प्रधानमंत्री के रूप में देख रहे हैं...
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विपक्षी दल कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (यूएमएल) ने केपी शर्मा ओली को इस आम चुनाव में अपना प्रधानमंत्री पद का चेहरा घोषित किया है। यूएमएल 2017 में हुए पिछले आम चुनाव में सबसे बड़ा दल बन कर उभरी थी और ओली प्रधानमंत्री बने थे। लेकिन पार्टी में फूट पड़ जाने से पिछले साल उनकी सरकार गिर गई। तब नेपाली कांग्रेस के नेतृत्व में पांच दलों के गठबंधन ने नई सरकार बनाई।
सत्ताधारी गठबंधन ने किसी नेता को प्रधानमंत्री पद का अपना उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। इसकी वजह यह बताई जाती है कि गठबंधन में कम से कम ऐसे पांच नेता हैं, जो खुद को अगले प्रधानमंत्री के रूप में देख रहे हैं। जबकि ऐसी खबरें भी आई हैं कि प्रधानमंत्री और नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (माओइस्ट सेंटर) के नेता पुष्प कमल दहल ने आपसी रजामंदी कर ली है, जिसके तहत दोनों आधे-आधे समय के लिए प्रधानमंत्री बनेंगे।
माओइस्ट सेंटर के नेता नारायण काजी श्रेष्ठ ने इस बात की पुष्टि की है कि नेपाली कांग्रेस और माओइस्ट सेंटर में बारी-बारी से सरकार का नेतृत्व करने पर सहमति बनी है। लेकिन दोनों दलों में से पहले कौन नेतृत्व बनेगा, इस बारे में उन्होंने कुछ कहने से इनकार किया है। श्रेष्ठ ने अखबार काठमांडू पोस्ट से कहा- ‘दहल और देउबा के बीच कोई खास समझौता नहीं हुआ है कि चुनाव के तुरंत बाद कौन प्रधानमंत्री बनेगा। लेकिन दोनों नेता पांच साल के कार्यकाल को आपस में बांट कर गठबंधन का नेतृत्व करेंगे, यह तय है।’
लेकिन ऐसे दावों से नेपाली कांग्रेस के कई नेता सहमत नहीं हैं। उनके मुताबिक राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, स्पीकर और मंत्री पद के बारे में फैसले चुनाव के बाद विभिन्न पार्टियों के बीच बातचीत से होंगे। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक खुद नेपाली कांग्रेस के अंदर प्रधानमंत्री पद के दावेदार नेताओं कतार है। रामचंद्र पौडेल, गगन थापा और प्रकाश मान सिंह प्रधानमंत्री बनने की अपनी महत्त्वाकांक्षा को छिपा नहीं रहे हैं। ये तीनों प्रतिनिधि सभा के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। गगन थापा ने बुधवार को कहा- ‘प्रधानमंत्री बनने के लिए मुझे पहले अपनी सीट जीतनी होगी। मैं इसमें कामयाब रहा, तो संसदीय दल के नेता पद का चुनाव अवश्य लड़ूंगा।’ प्रकाश मान सिंह भी सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि वे नेता पद की होड़ में शामिल हैं।
दहल गोरखा-2 सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। चुनाव प्रचार के दौरान वे कह रहे हैं- ‘गोरखा के लोग मुझे देश के प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं।’ नेपाल में संसदीय और सात प्रांतों की विधायिकाओं के लिए आम चुनाव हो रहा है। इन सदनों की प्रत्यक्ष निर्वाचन वाली सीटों पर मतदान 20 नवंबर को होगा।
नेपाल समाजवादी पार्टी के नेता बाबूराम भट्टराई माओइस्ट सेंटर के चुनाव निशान पर मैदान में उतरे हैं। उन्होंने कहा है कि अभी देउबा और दहल के बीच इस बारे में कोई सहमति नहीं बनी है कि चुनाव के तुरंत बाद कौन प्रधानमंत्री बनेगा। सत्ताधारी गठबंधन के नेताओं के ऐसे बयानों से यूएमएल को चुनावी मुद्दा मिला है। ओली ने कई बार कटाक्ष करते हुए पूछा है कि सत्ताधारी गठबंधन प्रधानमंत्री पद के अपने उम्मीदवार का नाम क्यों नहीं बता रहा है।