फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Nepal Election Results Update Whose government will be formed speculation on this Issue Latest News

Nepal Election Results: नेपाल में अब बनेगी किसकी सरकार? इस सवाल पर अटकलों का दौर

Mon, 28 Nov 2022 04:45 PM IST
अभिषेक दीक्षित वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Mon, 28 Nov 2022 04:45 PM IST
सार

राजनीतिक पर्यवेक्षकों की राय है कि अगर सत्ताधारी गठबंधन एकजुट रहा, तो वह संभवतः सरकार बनाने की स्थिति में होगा। सभी सात प्रांतों में भी उसकी सरकार बन सकती है।

विज्ञापन
Nepal Election Results Update Whose government will be formed speculation on this Issue Latest News
नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा - फोटो : ANI

विस्तार

नेपाल में संसदीय चुनाव के बाद उभरने वाली तस्वीर कुछ हद तक साफ हो रही है। अब तक के रुझान को नेपाली कांग्रेस के नेतृत्व वाले सत्ताधारी गठबंधन के लिए निराशाजनक माना जा रहा है। संकेत हैं कि पांच दलों के शामिल होने के बावजूद गठबंधन में निर्णायक जनादेश नहीं पा सकेगा। उधर पूर्व प्रधानमंत्री पी शर्मा ओली की कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (यूएमएल) का प्रदर्शन उम्मीद से बेहतर रहा है। 

विज्ञापन


वैसे राजनीतिक पर्यवेक्षकों की राय है कि अगर सत्ताधारी गठबंधन एकजुट रहा, तो वह संभवतः सरकार बनाने की स्थिति में होगा। सभी सात प्रांतों में भी उसकी सरकार बन सकती है। लेकिन संभव है कि इसके लिए संघीय और प्रांतीय दोनों स्तरों पर गठबंधन को कुछ नए दलों का समर्थन भी हासिल करना पड़े। सारे चुनाव नतीजे आठ दिसंबर तक सामने आ पाएंगे। 
विज्ञापन


सत्ताधारी गठबंधन में नेपाली कांग्रेस के अलावा कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (माओइस्ट सेंटर), कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (यूनिफाइड सोशलिस्ट), राष्ट्रीय जनमोर्चा और लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी शामिल हैं। प्रत्यक्ष निर्वाचन वाली 165 सीटों में से जो नतीजे अब तक घोषित हुए हैं या जहां के रुझान सामने आए हैं, उनके मुताबिक संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा में सत्ताधारी गठबंधन को 84 सीटें मिल सकती हैं। यूएमएल को 42 सीटें मिलने का अनुमान है। बाकी सीटें अन्य दलों के खाते में जा सकती हैँ। आनुपातिक प्रतिनिधित्व के तहत हुए मतदान में यूएमएल सबसे आगे चल रही है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


नेपाली कांग्रेस के नेता मिन बहादुर विश्वकर्मा ने स्वीकार किया है कि सत्ताधारी गठबंधन मतदाताओं के सामने एक साझा नजरिया रखने में नाकाम रहा। इसलिए उसे अपेक्षित सफलता नहीं मिल पाई। माओइस्ट सेंटर के उप महासिचव हरिबोल गुजारेल ने अखबार काठमांडू पोस्ट से बातचीत में कहा कि उनकी पार्टी ‘यूएमएल के नेतृत्व में इकट्ठा हुईं प्रतिगामी ताकतों’ के विरोध में सत्ताधारी गठबंधन में शामिल हुई थी। लेकिन इन ताकतों को रोकने की कोशिश कामयाब नहीं हुई है। 

राजनीतिक विश्लेषक मुमाराम खनाल ने कहा- ‘यह सच है कि गठबंधन में शामिल पार्टियों का यह अनुमान सही नहीं साबित हुआ कि गठजोड़ सबको फायदा होगा। लेकिन नेपाली कांग्रेस को इससे जरूर लाभ हुआ है।’ विश्लेषकों ने कहा है कि गठबंधन में शामिल पार्टियों के जमीनी कार्यकर्ताओं ने अपने नेतृत्व के निर्देशों के मुताबिक काम नहीं किया। इसके अलावा गठबंधन नई बनी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी की लोकप्रियता का अनुमान लगाने में नाकाम रही। इस पार्टी ने बहुत से चुनाव क्षेत्रों में सत्ताधारी गठबंधन को नुकसान पहुंचाया है। 


प्रतिनिधि सभा की आनुपातिक प्रतिनिधित्व वाली 110 सीटों में से सबसे बड़ा हिस्सा यूएमएल को जाने का अनुमान है। ऐसे में प्रत्यक्ष निर्वाचन वाली सीटों में उससे काफी आगे रहने के बावजूद पर्यवेक्षकों का अनुमान है कि प्रतिनिधि सभा में सत्ताधारी गठबंधन को बहुमत के लिए जरूरी 138 सीटें नहीं मिल पाएंगी। वैसे हालात में उसे राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी या राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी से समर्थन मांगना पड़ सकता है। लेकिन इस संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है कि दोनों कम्युनिस्ट पार्टियां फिर से यूएमएल से मिल जाएं। वैसे कुछ हलकों में यह कयास भी है कि केपी शर्मा ओली नेपाली कांग्रेस को भी समर्थन दे सकते हैं, बशर्ते नेपाली कांग्रेस उनकी पार्टी को महत्त्वपूर्ण मंत्री पद देने पर राजी हो जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed