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पाकिस्तान: हिंदू मंदिर विध्वंस मामले में लापरवाही के आरोप में 12 पुलिस अधिकारी बर्खास्त
Thu, 14 Jan 2021 04:08 PM IST
सुरेंद्र जोशी
वर्ल्ड डेस्क अमर उजाला, पेशावर
वर्ल्ड डेस्क अमर उजाला, पेशावर
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Thu, 14 Jan 2021 04:08 PM IST
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मंदिर में तोड़-फोड़ करती भीड़, फाइल फोटो
- फोटो : एएनआई
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की सरकार ने राज्य के एक हिंदू मंदिर की रक्षा में ‘लापरवाही’ बरतने के दोषी 12 पुलिस अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया है। एक चरमपंथी इस्लामी पार्टी के सदस्यों के नेतृत्व में भीड़ ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में स्थित इस मंदिर में आग लगा दी थी।
33 पुलिस अधिकारी निलंबित
सरकार ने घटना के सिलसिले में 33 पुलिस अधिकारियों की एक साल की सेवा भी निलंबित कर दी है। खैबर पख्तूनख्वा के करक जिले के तेरी गांव में 30 दिसंबर को भीड़ ने मंदिर पर हमला कर दिया था। इससे पहले ही हिंदू समुदाय के सदस्यों को दशकों पुराने मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए स्थानीय अधिकारियों से अनुमति मिली थी। भीड़ ने मंदिर के पुराने भवन के साथ ही नए निर्माण कार्यों को भी गिरा दिया।
कोहट क्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक तैयब हाफिज चीमा ने घटना की जांच के लिए पुलिस अधीक्षक (जांच प्रकोष्ठ) जहीर शाह को जांच अधिकारी नियुक्त किया था और एक सप्ताह के अंदर इस मामले में रिपोर्ट सौंपी गई, रिपोर्ट के आधार पर ही दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की गई।
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33 पुलिस अधिकारी निलंबित
सरकार ने घटना के सिलसिले में 33 पुलिस अधिकारियों की एक साल की सेवा भी निलंबित कर दी है। खैबर पख्तूनख्वा के करक जिले के तेरी गांव में 30 दिसंबर को भीड़ ने मंदिर पर हमला कर दिया था। इससे पहले ही हिंदू समुदाय के सदस्यों को दशकों पुराने मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए स्थानीय अधिकारियों से अनुमति मिली थी। भीड़ ने मंदिर के पुराने भवन के साथ ही नए निर्माण कार्यों को भी गिरा दिया।
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कोहट क्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक तैयब हाफिज चीमा ने घटना की जांच के लिए पुलिस अधीक्षक (जांच प्रकोष्ठ) जहीर शाह को जांच अधिकारी नियुक्त किया था और एक सप्ताह के अंदर इस मामले में रिपोर्ट सौंपी गई, रिपोर्ट के आधार पर ही दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की गई।
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