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नए स्ट्रेन का खतरा: चीन, दक्षिण अफ्रीका समेत सात देशों से आने वालों के लिए कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य
Thu, 02 Sep 2021 09:21 PM IST
गौरव पाण्डेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Thu, 02 Sep 2021 09:21 PM IST
सार
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपने ताजा दिशानिर्देशों में उस सूची में सात और देशों के नाम जोड़ दिए जहां से भारत आने वाले लोगों के लिए कोरोना वायरस की निगेटिव आरटी-पीसीआर जांच रिपोर्ट पेश करना अनिवार्य है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : iStock
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विस्तार
कोरोना वायरस के नए और अधिक संक्रामक स्ट्रेन सामने आने की खबरों के बाद भारत सरकार ने इससे बचने के लिए एहतियाती कदम उठाए हैं। गुरुवार को सात और देशों से भारत आने वाले लोगों के लिए कोरोना वायरस की निगेटिव आरटी-पीसीआर जांच रिपोर्ट पेश करना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि यह जांच रिपोर्ट 72 घंटे से अधिक पुरानी नहीं होनी चाहिए।
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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि इन देशों में चीन, दक्षिण अफ्रीका, बांग्लादेश, बोत्स्वाना, चीन, मॉरीशस, न्यूजीलैंड और जिम्बाब्वे शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस का यह नया स्ट्रेन सबसे पहले मई में दक्षिण अफ्रीका में पाया गया था। इसके बाद यह चीन, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कॉन्गो, मॉरीशस, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, पुर्तगाल और स्विट्जरलैंड में भी सामने आ चुका है।
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नए स्ट्रेन पर टीके भी बेअसर साबित हो सकते हैं
पहले यह नियम यूके, यूरोप और मध्य एशिया के देशों से आने वाले यात्रियों पर ही लागू था। माना जा रहा है कि केंद्र ने यह कदम कोरोना वायरस के नए सी.1.2 वेरिएंट के सामने आने के बाद उठाया है। इस वेरिएंट को कोरोना वायरस के अभी तक सामने आए वेरिएंट्स से अधिक संक्रामक बताया जा रहा है। एक शोध में दावा किया गया है कि इस स्ट्रेन पर मौजूदा टीके भी बेअसर साबित हो सकते हैं।
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नए दिशानिर्देशों के अनुसार केवल एसिम्टोमैटिक लोगों को (जिनमें बीमारी के लक्षण न हों) भारत के लिए विमान में चढ़ने की अनुमति दी जाएगी और बाद में फिर उनकी आरटी-पीसीआर जांच की जाएगी। स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से भी कहा है कि जीनोम सर्विलांस के लिए अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के पॉजिटिव आने वाले नमूनों के एक निश्चित फीसद की जानकारी दें।
समाचार एजेंसी एएनआई की एक रिपोर्ट के अनुसार कोरोना का यह स्ट्रेन अभी तक भारत में नहीं पाया गया है।