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NATO: यूक्रेन को 43 अरब डॉलर की सैन्य सहायता का किया एलान, रूस की आक्रामकता के समर्थन पर चीन की आलोचना की

Fri, 12 Jul 2024 01:04 AM IST
विशांत श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन डीसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन डीसी Published by: विशांत श्रीवास्तव Updated Fri, 12 Jul 2024 01:04 AM IST
सार

नाटो के सदस्यों ने यूक्रेन को अगले एक साल के अंदर 43 अरब डॉलर की सैन्य सहायता देना का एलान किया है। साथ ही रूस की यूक्रेन को लेकर आक्रामकता का समर्थन करने पर चीन की आलोचना की है। 

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NATO leaders pledge USD 43 billion in military aid to Ukraine
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग - फोटो : ANI

विस्तार

नाटो नेताओं ने रूस के खिलाफ अपनी सुरक्षा को मजबूत करने के लिए यूक्रेन को एक साल के अंदर 43 बिलियन अमेरिकी डॉलर की सैन्य सहायता देने का वादा किया है। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक नाटो गठबंधन के सदस्यों ने यूक्रेन और यूरोप की सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए व्यक्तिगत और संयुक्त कदमों की भी घोषणा की। क्योंकि 32 देशों का समूह रूस को यूरोप के लिए एक बढ़ता खतरा मानता है। 

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यूक्रेनी सेना को देंगे  F-16 लड़ाकू जेट
संयुक्त राज्य अमेरिका, नीदरलैंड और डेनमार्क ने घोषणा की कि वे इस गर्मी तक यूक्रेनी सैन्य पायलटों को नाटो का दिया हुआ पहला F-16 लड़ाकू जेट देंगे। अमेरिका ने आगे कहा कि वह 2026 में जर्मनी में लंबी दूरी की मिसाइलें तैनात करेगा। इसका उद्देश्य सिर्फ रूस के बढ़ते खतरे से यूरोप को सुरक्षित रखना है।शीत युद्ध के बाद से यूरोप की में तैनात किया जाने वाला यह सबसे शक्तिशाली अमेरिकी हथियार होगा।
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हालांकि इस तरह के हथियार की तैनाती पर 1987 में अमेरिका और सोवियत संघ के द्वारा इंटरमीडिएट-रेंज परमाणु बल संधि के तहत प्रतिबंधित किया था। लेकिन 2019 में यह संधि टूट चुकी है। 
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नाटो सदस्यों ने चीन की आलोचना की
सीएनएन रिपोर्ट के मुताबिक यूक्रेन के खिलाफ रूसी आक्रामकता का समर्थन करने के कारण नाटो के सदस्यों ने रूस की आलोचना की है। वाशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन द्वारा आयोजित शिखर सम्मेलन में 32-सदस्यीय गठबंधन ने एक संयुक्त घोषणा जारी किया, जिसमें चीन को रूस की आक्रामकता के "निर्णायक समर्थक" के रूप में निंदा की गई।


चीन के निर्यात पर प्रतिबंध के बावजूद चीनी सेमीकंडक्टर, मशीन टूल्स और अन्य चीजें रूस के रक्षा उद्योग के लिए महत्वपूर्ण बन गए हैं। नाटो का तर्क है कि इससे यूक्रेन में मॉस्को के सैन्य अभियानों को और बढ़ावा मिला है। चीन के निर्यात पर प्रतिबंध के बावजूद अब चीनी अर्धचालक, मशीन टूल्स और अन्य भागों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। अब नाटो नेताओं ने अपनी पिछली चिंताओं   से आगे बढ़ाते हुए अंतरिक्ष में चीन की बढ़ती क्षमताओं और गतिविधियों पर भी ध्यान केंद्रित किया। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने बीजिंग की कथित "दुर्भावनापूर्ण साइबर गतिविधियों", गलत सूचना अभियान जैसे हाइब्रिड ऑपरेशन और अपने परमाणु हथियारों  के तेजी से विस्तार के बारे में भी आशंका जताते हुए चिंता व्यक्त की। 

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