NASA: पृथ्वी पर जल्द होगी सुनीता विलियम्स और विल्मोर की वापसी, 19 मार्च को अंतरिक्ष स्टेशन से होगी रवानगी
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने कहा है कि दोनों अंतरिक्ष यात्री 19 मार्च से पहले अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से रवाना हो जाएंगे। नासा-स्पेसएक्स क्रू-10 को अब 14 मार्च को शाम 7.03 बजे से पहले लॉन्च कर देगा। अगर यह लॉन्च सफल रहता है तो सुनीता विलियम्स और बैरी विल्मोर की धरती पर वापसी हो सकेगी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नौ महीने से अंतरिक्ष में फंसी भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और उनके साथी बैरी विल्मोर की पृथ्वी पर वापसी अब जल्द होने की उम्मीद है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने कहा है कि दोनों अंतरिक्ष यात्री 19 मार्च से पहले अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से रवाना हो जाएंगे। नासा-स्पेसएक्स क्रू-10 को अब 14 मार्च को शाम 7.03 बजे से पहले लॉन्च कर देगा। अगर यह लॉन्च सफल रहता है तो सुनीता विलियम्स और बैरी विल्मोर की धरती पर वापसी हो सकेगी।
अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स की अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (आईएसएस) से वापसी गुरुवार को टल गई थी। नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च होने से करीब एक घंटे पहले क्रू-10 मिशन को एक बार फिर टाल दिया गया था। बताया गया कि स्पेसएक्स के फैल्कन 9 रॉकेट में ग्राउंड सपोर्ट क्लैंप आर्म के साथ हाइड्रॉलिक सिस्टम समस्या के कारण लॉन्चिंग को रद्द कर दिया गया था।
यह भी पढ़ें: सुनीता विलियम्स को ISS से पृथ्वी पर वापस लाने का नासा का नया मिशन क्या, कैसे-कब लौटाने की योजना? जानें
सुनीता विलियम्स को किस मिशन पर भेजा गया था?
5 जून 2024 को नासा का बोइंग क्रू फ्लाइट टेस्ट मिशन लॉन्च किया गया था। इस मिशन के तहत नासा ने अपने दो अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बैरी बुच विल्मोर को आठ दिन की यात्रा पर भेजा। दोनों को स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान के जरिए मिशन पर भेजा गया था। यह अंतरिक्ष यात्रियों के साथ अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) के लिए स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान की पहली उड़ान थी।
जिस मिशन पर सुनीता और बैरी हैं वो नासा के व्यावसायिक क्रू कार्यक्रम का हिस्सा है। दरअसल, नासा का लक्ष्य है कि वह अमेरिका के निजी उद्योग के साथ साझेदारी में अमेरिका से अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन तक सुरक्षित, विश्वसनीय और कम लागत के मानव मिशन भेजे। इसी उद्देश्य से यह टेस्ट मिशन लॉन्च किया गया था। इस मिशन का लक्ष्य अंतरिक्ष स्टेशन पर छह महीने के रोटेशनल मिशन (बारी-बारी से मिशन) को अंजाम देने की स्टारलाइनर की क्षमता को दिखाना था। लंबी अवधि की उड़ानों से पहले तैयारी को परखने और जरूरी परफॉर्मेंस डेटा जुटाने के लिए क्रू उड़ान परीक्षण को बनाया गया था।
सुनीता विलियम्स की वापसी में होगा विलंब; तकनीकी खामी के कारण नासा-स्पेस एक्स ने टाला मिशन
क्रू-10 मिशन में कौन अंतरिक्ष में जा रहा है?
क्रू-10 मिशन के तहत नासा के कुल चार अंतरिक्ष यात्री अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) भेजे जा रहे हैं। इनमें कमांडर के तौर पर एन मैक्लेन का नाम शामिल किया गया है। इसके अलावा निकोल आयर्स पायलट की भूमिका में होंगी। जापानी अंतरिक्ष एजेंसी (JAXA) के अंतरिक्ष यात्री तकुया ओनिशी मिशन स्पेशलिस्ट के तौर पर बेड़े में भेजे जाएंगे। रूसी अंतरिक्ष यात्री किरिल पेस्कोव मिशन स्पेशलिस्ट के तौर पर जा रहे हैं।
संबंधित वीडियो
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.