फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   nasa launched icesat-2,monitor on layer of ice deposited on land and sea

नासा ने आइससेट-2 किया लांच, धरती और समुद्र में जमी बर्फ की परतों में बदलाव पर रखेगा नजर

Sun, 16 Sep 2018 10:05 AM IST
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Updated Sun, 16 Sep 2018 10:05 AM IST
विज्ञापन
nasa launched icesat-2,monitor on layer of ice deposited on land and sea
नासा आइससैट-2
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने शनिवार को एक ऐसा उपग्रह लांच किया, जो धरती पर बर्फ की परतों, ग्लेशियरों और समुद्री बर्फ में होने वाले बदलावों का पता लगाएगा। उपग्रह को आइससेट-2 (क्लाउड एंड लैंड एलेवेशन सेटेलाइट) नाम दिया गया है। इसे शनिवार को अमेरिका के वैंडेनबर्ग एयरफोर्स बेस से भारतीय समयानुसार दोपहर 3.32 बजे डेल्टा-2 रॉकेट के जरिये लांच किया गया। आइससेट-2 में वर्तमान में प्रयोग हो रही तकनीकों से बेहतर और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। यह उपग्रह ग्रीनलैंड और अंटार्कटिका को ढकने वाली बर्फ की ऊंचाई में औसत बदलाव का पता लगाएगा। साथ ही बताएगा कि इनके जलस्तर को बढ़ाने में बर्फ की कितनी भूमिका है। इससे पहले नासा ने 2003 में आइससेट लांच किया था।
विज्ञापन


शोधकर्ताओं को मिलेगी काफी मदद
नासा के मुताबिक, एक अरब डॉलर की लागत से बना आइससेट-2 धरती पर बर्फ की परतों, ग्लेशियरों और समुद्री बर्फ में होने वाले बदलावों की सटीक जानकारी देगा। खास तकनीक के कारण यह बर्फ की ऊंचाई में आने वाले छोटे बदलाव का भी आसानी से पता लगा सकता है। इससे शोधकर्ताओं को काफी मदद मिलेगी।
विज्ञापन


जंगल की ऊंचाई का पता लगाने में भी सक्षम 
आइससेट-2 आधुनिक टोपोग्राफिक लेजर एल्टीमीटर सिस्टम (एटलस) लाइट फोटॉन्स के जरिये बर्फ की ऊंचाई में बदलाव के साथ जंगलों की ऊंचाई का भी पता लगाएगा। इसके लिए अंतरिक्ष यान से धरती तक जाने और वापस लौटने में लगे फोटांस के समय का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे प्राप्त जानकारी से समुद्री लहरों और तूफानों के स्तर का भी पता लगाया जा सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


आइससेट से अधिक सटीक है आइससेट-2
-आइससेट एक लेजर बीम के जरिये धरती पर बर्फ की परतों की ऊंचाई का पता लगाता था, जबकि आइससेट-2 छह लेजर बीम के जरिए यह काम करेगा।
-आइससेट-2 में आईससेट के मुकाबले बेहतर और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। यह हर सेकेंड 10000 बार लेजर बीम छोड़ेगा।
-आइससेट फुटबॉल मैदान के बराबर बर्फ की परतों में बदलाव को मापने में सक्षम है, जबकि आइससेट-2 एक इंच के छठवें हिस्से यानी पेंसिल की चौड़ाई के बराबर बदलाव को भी माप सकता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed