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शरण: तख्तापलट के बाद म्यांमार के 9 हजार से ज्यादा लोग पहुंचे मिजोरम, शरणार्थियों में एक मुख्यमंत्री भी शामिल
Wed, 16 Jun 2021 12:22 PM IST
प्रशांत कुमार
वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला
वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Wed, 16 Jun 2021 12:22 PM IST
सार
म्यांमार में तख्तापलट के बाद लोग देश छोड़ने को मजबूर हैं। बड़ी संख्या में लोग भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में शरण ले रहे हैं। बीते दिनों म्यांमार के 9 हजार से ज्यादा लोगों ने मिजोरम में शरण ली है। शरणार्थियों में एक मुख्यमंत्री भी शामिल हैं।
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म्यांमार से 9 हजार लोगों ने भारत में ली शरण
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
म्यामांर में सैन्य तख्तापलट के बाद वहां के नागरिक भारत में आकर शरण ले रहे हैं। नागिरकों में एक मुख्यमंत्री भी शामिल हैं। चिन प्रांत के मुख्यमंत्री सलाई लियान लुआइ समेत 9 हजार 247 लोगों ने मिजोरम में शरण ली है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, 'चिन प्रांत के मुख्यमंत्री अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करके सोमवार रात को चंफाई शहर में पहुंचे। उन्होंने कहा कि लुआई समेत आंग सान सू ची की पार्टी नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी के 24 सांसदों ने भी मिजोरम के अलग-अलग हिस्सों में शरण ली है। सीमावर्ती राज्य में शरण लेने वालों में से अधिकांश चिन के हैं, इन्हें 'जो' समुदाय के रूप में जाना जाता है। इस वंश के लोग मिजोरम के मिजो के समान वंश, जातीयता और संस्कृति को साझा करते हैं।
मिजोरम के 10 जिलों में घुसे 9 हजार से ज्यादा म्यांमार के निवासी
मिजोरम पुलिस के अपराध जांच शाखा की ओर से जारी आंकड़े के मुताबिक, राज्य के दस जिलों में म्यांमार के कम से कम 9 हजार 247 लोग ठहरे हुए हैं और उनमें से सबसे अधिक 4156 चंफाई में हैं। वहीं असम राइफल्स के सूत्रों ने बताया कि कई मौकों पर म्यांमार के नागरिकों द्वारा अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करने की कोशिश लगातार की जाती है। हालांकि सीमाओं पर से कई नागरिकों को वापस भेज दिया जाता है, लेकिन कुछ लोग दूसरे रास्ते से भारत के अन्य हिस्सों में घुस जाते हैं। हालांकि सीमा सुरक्षबलों की ओर से इनपर नजर रखी जाती है, फिर भी लोग भारत में प्रवेश कर जाते हैं।
तख्तापलट के बाद आपातकाल लागू
गौरतलब है कि 1 फरवरी को सेना द्वारा राष्ट्रपति यू विन मिंट और स्टेट काउंसलर आंग सान सू की को हिरासत में लिए जाने के बाद म्यांमार में एक साल के लिए आपातकाल लागू कर दिया गया है। इसके बाद सत्ता वरिष्ठ जनरल मिन आंग हलिंग को देश की कमान सौंप दी गई है।
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मिजोरम के 10 जिलों में घुसे 9 हजार से ज्यादा म्यांमार के निवासी
मिजोरम पुलिस के अपराध जांच शाखा की ओर से जारी आंकड़े के मुताबिक, राज्य के दस जिलों में म्यांमार के कम से कम 9 हजार 247 लोग ठहरे हुए हैं और उनमें से सबसे अधिक 4156 चंफाई में हैं। वहीं असम राइफल्स के सूत्रों ने बताया कि कई मौकों पर म्यांमार के नागरिकों द्वारा अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करने की कोशिश लगातार की जाती है। हालांकि सीमाओं पर से कई नागरिकों को वापस भेज दिया जाता है, लेकिन कुछ लोग दूसरे रास्ते से भारत के अन्य हिस्सों में घुस जाते हैं। हालांकि सीमा सुरक्षबलों की ओर से इनपर नजर रखी जाती है, फिर भी लोग भारत में प्रवेश कर जाते हैं।
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तख्तापलट के बाद आपातकाल लागू
गौरतलब है कि 1 फरवरी को सेना द्वारा राष्ट्रपति यू विन मिंट और स्टेट काउंसलर आंग सान सू की को हिरासत में लिए जाने के बाद म्यांमार में एक साल के लिए आपातकाल लागू कर दिया गया है। इसके बाद सत्ता वरिष्ठ जनरल मिन आंग हलिंग को देश की कमान सौंप दी गई है।
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