Halloween: सऊदी अरब में हैलोवीन मनाने की तस्वीरें आईं सामने तो भड़क गए मुसलमान, दे रहे ऐसी प्रतिक्रिया
सऊदी अरब दुनिया भर के इस्लामी जगत का केंद्र माना जाता है। यहां मुस्लिम लोगों का सबसे पवित्र माना जाने वाला स्थान मक्का भी है। कुछ सालों पहले तक सऊदी अरब में इस तरह का कोई भी त्योहार मनाया जाना गुनाह माना जाता था, लेकिन मोहम्मद बिन सलमान ने क्राउन प्रिंस बनने के बाद से ही सऊदी में इस्लामिक रिवाजों में आधुनिक बदलावों की नई चर्चा शुरू की है।
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विस्तार
दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल के इटावन में शनिवार को एक लोकप्रिय नाइट स्पॉट हैलोवीन पर भारी भीड़ जुटने के बाद भगदड़ मच गई थी। इस हादसे में काफी लोग मारे भी गए थे। वहीं, अब कुछ तस्वीरें सऊदी अरब से भी सामने आईं हैं, जिसमें सऊदी के लोग हैलोवीन मनाते नजर आ रहे हैं। गौरतलब है कि सऊदी अरब को दुनिया का सेंटर ऑफ इस्लाम कहा जाता है। ऐसे में वहां, हैलोवीन के रंग में रंगे लोगों की तस्वीरें सऊदी अरब से सामने आने के बाद एक नए विवाद ने जन्म ले लिया है। दरअसल, इस्लाम में ऐसा कोई भी आयोजन गुनाह माना जाता है। इस्लामी जगत से जुड़े लोग इस पर तरह तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
31 अक्तूबर को मनाया जाता है हैलोवीन
हैलोवीन हर साल 31 अक्तूबर को ही मनाया जाता है, जो एक नवंबर को मनाया जाने वाला पश्चिमी ईसाई पर्व ऑल हैलोज डे की पूर्व संध्या को चिह्नित करता है। यह ईसाईयों का एक त्योहार है। हैलोवीन का नाम सुनते ही हमारे दिमाग में तरह-तरह के डरावने चित्र उभरने लगते हैं। हैलोवीन गतिविधियों में ट्रिक-या-ट्रीटिंग, कॉस्ट्यूम पार्टियों में भाग लेना, कद्दू को तराशना, अलाव जलाना, खेल, शरारते करना और हैलोवीन-थीम वाली फिल्में देखना शामिल हैं। ईसाई धर्म में कई प्रकार के त्योहार मनाये जाते हैं जैसे क्रिसमस, गुड फ्राइडे, ईस्टर और हैलोवीन।
सऊदी अरब में मनाए जाने के पीछे का तर्क
गौरतलब है कि सऊदी अरब दुनिया भर के इस्लामी जगत का केंद्र माना जाता है। यहां मुस्लिम लोगों का सबसे पवित्र माना जाने वाला स्थान मक्का भी है। कुछ सालों पहले तक सऊदी अरब में इस तरह का कोई भी त्योहार मनाया जाना गुनाह माना जाता था, लेकिन मोहम्मद बिन सलमान ने क्राउन प्रिंस बनने के बाद से ही सऊदी में इस्लामिक रिवाजों में आधुनिक बदलावों की नई चर्चा शुरू की है। इस साल का हैलोवीन उनके इस मॉडर्न इस्लाम वाली सोच का ही नतीजा है। हालांकि सऊदी अरब सरकार ने भले ही इसे मनाने की अनुमति अपने देश के लोगों को दे दी हो, लेकिन दुनियाभर के ज्यादातर मुस्लिमों को ये नागवार गुजरा है।
तरह तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे लोग
सोशल मीडिया पर सामने आईं हैलोवीन मनाने की तस्वीरों पर लोग तरह तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। यहां काफी संख्या में लोगों ने इसे हराम करार दिया है वहीं, कई लोग इस्लाम में इस तरह के आधुनिक बदलावों के पक्ष में भी नजर आए। सऊदी में मनाए गए हैलोवीन को लेकर कुछ लोगों ने यह भी कहा कि सऊदी अरब सिर्फ ट्रेंड को फॉलो कर रहा है तो वहीं, कई ने कहा कि ये मोहम्मद बिन सलमान का आधुनिक इस्लाम है।
हैलोवीन का इतिहास
इतिहास के अनुसार हैलोवीन दिवस को करीब 2000 वर्ष से पहले ‘आल सेट्स डे’ के रूप में पूरे उत्तरी यूरोप में मनाया जाता था। वहीं कुछ इतिहासकारों का कहना है कि हैलोवीन प्राचीन सेल्टिक त्योहार जिसे सम्हैन कहा जाता है, से संबंधित है। इस दिन पर मान्यता है कि मरे हुए लोगों की आत्माएं उठती है और धरती पर प्रकट हो कर जीवित आत्माओं के लिए परेशानी पैदा करती हैं। इन बुरी आत्माओं से डर भगाने के लिए लोग राक्षस जैसे कपड़े पहनते हैं। इसके अलावा इन्हें भगाने के लिए हर जगह आग जलाकर उसमें मरे हुए जानवरों की हड्डियां उसमें फेंकी जाती है।
सेल्टिक कैलेंडर का आखिरी दिन
यह दिन सेल्टिक कैलेंडर का आखिरी दिन होता है। इसलिए सेल्टिक लोगों के बीच यह नए वर्ष की शुरुआत के रूप में मनाया जाता है। इसे ऑल सेंट्स डे भी कहा जाता है जोकि एक नवंबर को मनाया जाता है। ऑल सेंट्स डे से पहले ऑल हेलोस ईव की शाम होती है। जिसे अब हैलोवीन ईव के नाम से जाना जाता है। इस उत्सव में मूर्तियों की पूजा की जाती थी, लेकिन कुछ पोप्स ने इसे दूसरे ईसाई धर्म के साथ मिलाने की कोशिश की, जिसके परिणामस्वरूप ऑल सेंटस डे और हैलोवीन डे एक ही दिन मनाया जाने लगा।
हैलोवीन मनाने का तरीका
हैलोवीन दिवस को मनाने तरीका काफी अलग है। कथाओं के अनुसार आइरिश लोग हैलोवीन पर जैक ओ लैंटर्न बनाते हैं। लोग कद्दू को खोखला करके उसमें आंख, नाक और मुंह बनाते हैं और अंदर मोमबत्ती जलाते हैं। जिसे घर के बाहर या फिर पेड़ों पर लटका दिया जाता है। जिसके बाद उसे दफना दिया जाता है। इस दिन लोग डरावने कपड़े पहनते हैं और लोगों के घर-घर जा कर कुछ कैंडी उपहार में देते हैं। इस दिन बच्चे कद्दू (Pumpkin) जैसे आकार का बैग लेकर घर-घर जाते हैं। बच्चे इस दिन पड़ोसी और रिश्तेदारों से चॉकलेट्स लेते हैं। कई देशों में इसकी अलग-अलग प्रथा है।
इस दिन की सबसे अलग पहचान यह है कि इस त्योहार को मनाने के लिए लोग अलग-अलग प्रकार की वेश-भूषा धारण करते हैं, जो इस त्योहार की संस्कृति है। इस दिन लोगों के कपड़े दानव, शैतान, भूत, पिशाच, ग्रीम रीपर, मोंस्टर, ममी, कंकाल, वैम्पायर, करामाती, वेयरवोल्फ और चुडैलों आदि से प्रभावित होते हैं। हैलोवीन पर लोग डरावने कपड़े पहनते हैं और जमकर पार्टी करते हैं। इस दिन दोस्त और परिवार मिलकर कई गेम खेलते हैं। ऐसा ही एक गेम है एप्पल बोबिंग। जिसमें पानी के टब में एप्पल रहते हैं, जो दांत से सबसे पहले बाहर फेकता है वो विनर होता है। लोग तरह-तरह से हैलोवीन पर एन्जॉय करते हैं।
हैलोवीन का सबसे रोचक तथ्य
क्रिसमस के बाद हैलोवीन अमेरिकन व यूरेपियन देशों में मनाया जाने वाला सबसे बड़ा त्योहार है। हैलोवीन के दिन अमेरिका में बच्चे ट्रिक और ट्रीट मनाते है और पड़ोसियों के घर में जाकर बोलते है ट्रिक और ट्रीट। तब पडोसी उन्हें ट्रीट बोलकर उन्हें खाने के लिए चॉकलेट देते हैं। केल्टिक लोगों ने ट्रिक और ट्रीट की शुरुआत की थी। जिसमें वो अपने घरों के बाहर खाने पीने की वस्तुएं रखकर आत्माओं को बुलाते थे।