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मोजतबा खामेनेई पर अटकलें: अचानक लारीजानी चर्चा में क्यों, ईरान में कितने ताकतवर? केनेडी से हो चुकी है तुलना
Fri, 13 Mar 2026 10:54 PM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान।
Published by: निर्मल कांत
Updated Fri, 13 Mar 2026 10:54 PM IST
सार
ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई की सेहत पर अटकलें लग रही हैं, वहीं अली लारीजानी नेतृत्व में अहम चेहरा बनकर उभर रहे हैं। तेहरान में कुद्स दिवस रैली के दौरान धमाके के बीच लारीजानी ने अमेरिका और इस्राइल पर कड़ा रुख अपनाया और ईरानी जनता को मजबूत बने रहने का संदेश दिया। पढ़ें रिपोर्ट-
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अली लारीजानी
- फोटो : एक्स/अली लारीजानी
विस्तार
अमेरिका और इस्राइल से जंग का सामना कर रहे ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई की सेहत को लेकर तमाम तरह की अटकलें लग रही हैं। इसी बीच, अली लारीजानी ईरानी नेतृत्व का अहम चेहरा बनकर उभरे हैं। लारीजानी अभी देश की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के महासचिव हैं।
दरअसल, शुक्रवार को राजधानी तेहरान में धमाका हुआ। यह धमाका तेहरान विश्वविद्यालय के पास फिरदौस चौक पर हुआ। यहां फलस्तीन के समर्थन में कुद्स दिवस समारोह आयोजित किया गया था, जिसमें हजारों लोग जुटे थे। लारीजानी भी इसमें शामिल हुए। अपने संबोधन में इस्राइल व अमेरिका पर जमकर बरस पड़े। अयातुल्ला अली खामेनेई की अमेरिकी-इस्राइली हमलों में मौत के बाद नेतृत्व में लारीजानी बड़ा चेहरा बनकर उभर रहे हैं।
रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ईरान पर बमबारी दुश्मन की हताशा है। अमेरिका और इस्राइल को समझना चाहिए कि उनके हमलों से ईरानी जनता डरती नहीं है, बल्कि ये हमले उनको और मजबूत करते हैं। रैली पर हमले ने लोगों को और मजबूत किया है।
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अली लारीजानी कौन हैं?
आइए, सबसे पहले जानते हैं अली लारीजानी कौन हैं? लारीजानी की ईरानी शासन में शांत और व्यावहारिक व्यक्ति के रूप में पहचान रही है। लेकिन हाल के समय में उनका रुख आक्रामक दिखा है। उन्होंने पश्चिमी देशों के साथ परमाणु समझौतों पर वार्ताओं का नेतृत्व किया है। उन्होंने जर्मन दार्शन इमैनुएल कांट पर किताबें भी लिखी हैं।
हाल में आक्रामक दिखे लारीजानी
हाल ही में युद्ध में अली खामेनेई और ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के कमांडर मोहम्मद पाकपुर की मौत हुई। इसके बाद से लारीजानी (67 वर्षीय) आक्रामक दिखे हैं। जब उन्हें अली खामेनेई के मारे जाने की खबर मिली तो उन्होंने टेलीवजन पर आकर कहा, अमेरिका और इस्राइल ने ईरान के दिल में आग लगाई है। हम उनके पछताने पर मजबूर कर देंगे।
ये भी पढ़ें: अमेरिका ने युद्ध में पहली बार दागी प्रिसिजन स्ट्राइक मिसाइल?: शीर्ष सैन्य अधिकारी का खुलासा, सैनिकों को सराहा
ईरानी के केनेडी के रूप में क्यों प्रसिद्ध?
लारीजानी को ईरान के केनेडी के रूप में जाना जाता है। वह इराक के नजफ से एक समृद्ध परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनकी रईसी को देखते हुए टाइम पत्रिका ने साल 2009 में उन्हें ईरान का केनेडी बताया था। लारीजानी के पिता मिर्जा हाशेम अमोली अपने दौर के जाने में धार्मिक विद्वान थे, जबकि उनके भाई ईरान में ताकतवर पदों को संभाल चुके हैं। उनकी पत्नी का ताल्लुक भी एक प्रभावशाली परिवार से है। वहीं उनकी फातिना ने अमेरिका के प्रसिद्ध क्वींसलैंड स्टेट यूनिवर्सिटी से अध्ययन किया है।
कहां तक पढ़ाई की?
लारीजानी ने शरीफ तकनीकी विश्वविद्यालय से गणित और कंप्यूटर विज्ञान में स्नातक तक पढ़ाई की। उन्होंने तेहरान विश्वविद्यालय से पश्चिमी दर्शन से स्नातकोत्तर किया। उन्होंने इमैनुएल कांट पर पर अपना शोध पत्र (थीसिस) लिखा। जिसके बाद उन्हें डॉक्टरेट की उपाधि मिली।
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दरअसल, शुक्रवार को राजधानी तेहरान में धमाका हुआ। यह धमाका तेहरान विश्वविद्यालय के पास फिरदौस चौक पर हुआ। यहां फलस्तीन के समर्थन में कुद्स दिवस समारोह आयोजित किया गया था, जिसमें हजारों लोग जुटे थे। लारीजानी भी इसमें शामिल हुए। अपने संबोधन में इस्राइल व अमेरिका पर जमकर बरस पड़े। अयातुल्ला अली खामेनेई की अमेरिकी-इस्राइली हमलों में मौत के बाद नेतृत्व में लारीजानी बड़ा चेहरा बनकर उभर रहे हैं।
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रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ईरान पर बमबारी दुश्मन की हताशा है। अमेरिका और इस्राइल को समझना चाहिए कि उनके हमलों से ईरानी जनता डरती नहीं है, बल्कि ये हमले उनको और मजबूत करते हैं। रैली पर हमले ने लोगों को और मजबूत किया है।
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अली लारीजानी कौन हैं?
आइए, सबसे पहले जानते हैं अली लारीजानी कौन हैं? लारीजानी की ईरानी शासन में शांत और व्यावहारिक व्यक्ति के रूप में पहचान रही है। लेकिन हाल के समय में उनका रुख आक्रामक दिखा है। उन्होंने पश्चिमी देशों के साथ परमाणु समझौतों पर वार्ताओं का नेतृत्व किया है। उन्होंने जर्मन दार्शन इमैनुएल कांट पर किताबें भी लिखी हैं।
हाल में आक्रामक दिखे लारीजानी
हाल ही में युद्ध में अली खामेनेई और ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के कमांडर मोहम्मद पाकपुर की मौत हुई। इसके बाद से लारीजानी (67 वर्षीय) आक्रामक दिखे हैं। जब उन्हें अली खामेनेई के मारे जाने की खबर मिली तो उन्होंने टेलीवजन पर आकर कहा, अमेरिका और इस्राइल ने ईरान के दिल में आग लगाई है। हम उनके पछताने पर मजबूर कर देंगे।
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ईरानी के केनेडी के रूप में क्यों प्रसिद्ध?
लारीजानी को ईरान के केनेडी के रूप में जाना जाता है। वह इराक के नजफ से एक समृद्ध परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनकी रईसी को देखते हुए टाइम पत्रिका ने साल 2009 में उन्हें ईरान का केनेडी बताया था। लारीजानी के पिता मिर्जा हाशेम अमोली अपने दौर के जाने में धार्मिक विद्वान थे, जबकि उनके भाई ईरान में ताकतवर पदों को संभाल चुके हैं। उनकी पत्नी का ताल्लुक भी एक प्रभावशाली परिवार से है। वहीं उनकी फातिना ने अमेरिका के प्रसिद्ध क्वींसलैंड स्टेट यूनिवर्सिटी से अध्ययन किया है।
कहां तक पढ़ाई की?
लारीजानी ने शरीफ तकनीकी विश्वविद्यालय से गणित और कंप्यूटर विज्ञान में स्नातक तक पढ़ाई की। उन्होंने तेहरान विश्वविद्यालय से पश्चिमी दर्शन से स्नातकोत्तर किया। उन्होंने इमैनुएल कांट पर पर अपना शोध पत्र (थीसिस) लिखा। जिसके बाद उन्हें डॉक्टरेट की उपाधि मिली।
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