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नया खतरा: ब्रिटेन के दो लोगों में मिला मंकीपॉक्स, विशेषज्ञों ने बताया दुर्लभ घटना
Sat, 12 Jun 2021 08:05 AM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वेल्स
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वेल्स
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 12 Jun 2021 08:05 AM IST
सार
मंकीपॉक्स वायरस काफी हद तक स्मॉलपॉक्स के वायरस की तरह ही होता है। यह बीमारी घातक नहीं होती, चिकनपॉक्स की तरह ही पूरे शरीर पर तेजी से फैलता है।
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मंकीपॉक्स
- फोटो : twitter
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विस्तार
दुनियाभर में कोरोना का कहर जारी है लेकिन वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों समेत नागरिकों की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। कोरोना के साथ अब एक नए वायरस की एंट्री हो गई है। इसका नाम मंकीपॉक्स है। इसके दो मामले ब्रिटेन के वेल्स में मिले हैं। वैज्ञानिकों ने बताया कि यह वायरस ज्यादातर अफ्रीका में पाया जाता है।
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खास बात यह है कि जिन लोगों में इस नए वायरस की पहचान हुई है वे दोनों घर पर ही रहते थे। इस कारण लोगों में डर फैल गया है। वहीं विशेषज्ञों के मुताबिक यह काफी पुराना वायरस है। बताया जा रहा है कि दोनों संक्रमित लोगों को इंग्लैंड में एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिनमें से एक को छुट्टी मिल गई और एक अब भी अस्पताल में भर्ती है।
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पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड भी हालातों पर नजर बनाए हुए है। स्वास्थ्य सुरक्षा में पब्लिक हेल्थ वेल्स के सलाहकार रिचर्ड फर्थ ने कहा कि ब्रिटेन में मंकीपॉक्स के पुष्ट मामले एक दुर्लभ मामला है और इस वायरस से आम जनता के लिए जोखिम बहुत कम है। इस संक्रमण की क्या संभावनाएं रहेंगी इस पर भी कड़ी नजर रहेगी।
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दो प्रकार का होता है मंकीपॉक्स
संभवत: इस वायरस की दो प्रजातियां होती हैं पश्चिम अफ्रीकी और मध्य अफ्रीकी। यह वायरस ज्यादातर उष्णकटिबंधीय वर्षावनों के पास, मध्य और पश्चिम अफ्रीकी देशों के दूरदराज के हिस्सों में ही फैलता है। मंकीपॉक्स वायरस काफी हद तक स्मॉलपॉक्स के वायरस की तरह ही होता है। यह बीमारी घातक नहीं होती और विशेषज्ञों का कहना है कि संक्रमण की संभावना कम है।
इसके लक्षणों की बात की जाए तो मंकीपॉक्स वायरस के मामले में शुरुआत में बुखार, सिरदर्द, सूजन, कमर में दर्द, मांसपेशियों में अकड़न और दर्द होता है। इसमें भी चिकनपॉक्स की तरह ही दाने होते हैं, दो बुखार के साथ पूरे शरीर के साथ चेहरे पर विकसित होते रहते हैं। मंकीपॉक्स वायरस 14 से 21 दिनों तक रहता है।