{"_id":"62db681bb4d0353f53128e1f","slug":"monkeypox-identified-for-the-first-time-in-united-states-infection-confirmed-in-two-children","type":"story","status":"publish","title_hn":"Monkeypox: अमेरिका में पहली बार बच्चों में मिला मंकीपॉक्स, अब तक दुनियाभर में 13 हजार से ज्यादा मामले","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Monkeypox: अमेरिका में पहली बार बच्चों में मिला मंकीपॉक्स, अब तक दुनियाभर में 13 हजार से ज्यादा मामले
Sat, 23 Jul 2022 08:51 AM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Sat, 23 Jul 2022 08:51 AM IST
सार
अमेरिका के स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि कैलिफोर्निया में एक बच्चे व एक शिशु में मंकीपॉक्स की पहचान की गई है। दोनों अमेरिका के निवासी नहीं हैं।
विज्ञापन
मंकीपॉक्स संक्रमण
- फोटो : istock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारत के बाद अमेरिका में भी पहली बार मंकीपॉक्स की पुष्टि हुई है। यहां दो बच्चों में संक्रमण पाया गया है। अमेरिका के स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि कैलिफोर्निया में एक बच्चे व एक शिशु में मंकीपॉक्स की पहचान की गई है। दोनों अमेरिका के निवासी नहीं हैं।
विज्ञापन
भारत में अब तक तीन मामले
केरल में मंकीपॉक्स का तीसरा केस मामला सामने आया है। यह शख्स भी पूर्व में मिले संक्रमित की तरह यूएई से लौटा है। देश में अब तक मिले तीनों केस केरल में ही मिल हैं। 35 साल का यह शख्स इस महीने की शुरुआत में संयुक्त अरब अमीरात से केरल आया है। उसके सैंपल की जांच में मंकीपॉक्स की पुष्टि हुई है। केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज ने बताया कि मलप्पुरम का रहने वाला युवक छह जुलाई को अपने गृह राज्य लौटा था और उसका तिरुवनंतपुरम के मंजेरी मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। जॉर्ज के मुताबिक, युवक की हालत स्थिर है। उन्होंने बताया कि संक्रमित के संपर्क में रहे लोगों पर करीबी नजर रखी जा रही है। इससे पहले 14 जुलाई को केरल में मंकीपॉक्स का पहला मरीज मिला था। कुछ दिनों बाद वहीं दूसरा मरीज भी मिला।
विज्ञापन
65 देशों में 13 हजार मामले
पिछले 11 सप्ताह में मंकीपॉक्स तेजी से फैला है। इसके करीब 13,000 मरीज लगभग 65 देशों में मिले हैं। कोविड महामारी के अनुभव की वजह से लोग चिंतित हैं कि कहीं मंकीपॉक्स एक महामारी और बड़ी समस्या तो नहीं बन जाएगा? लेकिन वैज्ञानिक कारणों पर ध्यान दें, तो ऐसा होने की आशंका बहुत कम है। आश्वस्ति के मुख्य कारण ये हैं कि जहां कोविड सांस से जुड़ा वायरस है और छींकने या खांसने से निकले कणों और बूंदों, दोनों के माध्यम से फैलता है, वहीं मंकीपॉक्स वायरस के प्रसार के लिए प्रभावित व्यक्ति के साथ, सीधे त्वचा से त्वचा का संपर्क होना जरूरी है।
विज्ञापन