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Guinea Bissau: एक और अफ्रीकी देश में तख्तापलट, सेना ने कब्जाया राष्ट्रपति भवन
Thu, 27 Nov 2025 07:49 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिसाऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिसाऊ
Published by: नितिन गौतम
Updated Thu, 27 Nov 2025 07:49 AM IST
सार
सेना के प्रवक्ता ने बताया कि देश को अस्थिर करने की साजिश रची जा रही थी और चुनाव में भी धांधली की गई थी। उन्होंने कहा कि कुछ राष्ट्रीय नेता, ड्रग माफिया और कुछ विदेशी नागरिकों के साथ मिलकर साजिश रच रहे थे।
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गिनी बिसाऊ में तख्तापलट (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : फ्रीपिक
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विस्तार
पश्चिम अफ्रीकी देश गिनी बिसाऊ में सैन्य तख्तापलट हो गया है। सैनिकों ने राष्ट्रीय टीवी पर आकर बताया कि उन्होंने सत्ता पर कब्जा कर लिया है। इससे पहले राष्ट्रपति भवन में गोलियां चलने की आवाज सुनाई दी थी। गिनी बिसाऊ में सैन्य तख्तापलट ऐसे समय हुआ है, जब तीन दिन पहले ही वहां आम चुनाव हुए। गिनी बिसाऊ के राष्ट्रपति ने भी फ्रांसीसी मीडिया से बताया कि उन्हें पद से हटा दिया गया है और गिरफ्तार कर लिया गया है।
सेना ने राष्ट्रीय टीवी पर जारी किया बयान
गिनी बिसाऊ की सेना के प्रवक्ता डिनीस एन चामा ने एक बयान जारी कर बताया कि 'सैन्य कमांड ने राष्ट्रपति को पद से हटा दिया है। नए आदेश तक सभी लोकतांत्रिक संस्थान भी बर्खास्त रहेंगे।' सेना के प्रवक्ता ने बताया कि देश को अस्थिर करने की साजिश रची जा रही थी और चुनाव में भी धांधली की गई थी। उन्होंने कहा कि कुछ राष्ट्रीय नेता, ड्रग माफिया और कुछ विदेशी नागरिकों के साथ मिलकर साजिश रच रहे थे। हालांकि सैन्य प्रवक्ता ने ज्यादा जानकारी नहीं दी। सेना द्वारा गिनी बिसाऊ के सभी बॉर्डर सील कर दिए गए हैं और मीडिया संस्थानों की गतिविधियों को भी सीमित कर दिया गया है।
गिनी बिसाऊ में तख्तापलट का लंबा इतिहास
पश्चिमी अफ्रीकी देश गिनी बिसाऊ में इससे पहले भी चार बार तख्तापलट हो चुका है और कई बार तख्तापलट की कोशिश हो चुकी है। बीते महीने भी तख्तापलट की कोशिश की गई थी। गिनी बिसाऊ ड्रग तस्करी का भी गढ़ बनकर उभरा है और यहां से बड़े पैमाने पर दक्षिण अमेरिकी और यूरोपीय देशों में ड्रग तस्करी की जाती है। गिनी बिसाऊ में रविवार को हुए चुनाव का अभी तक नतीजा जारी नहीं हुआ है, लेकिन राष्ट्रपति उमारो सिसोको एंबोलो और विपक्षी नेता फर्नांडो डियास डा कोस्टा दोनों ने ही जीत का दावा किया है।
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ये भी पढ़ें- US: ट्रंप ने की अगले साल G20 समिट से दक्षिण अफ्रीका को बाहर करने की घोषणा, सभी भुगतान-सब्सिडी रोकने का भी एलान
कैसे हुआ तख्तापलट
बुधवार दोपहर में राष्ट्रपति भवन के पास गोलीबारी की आवाजें सुनाईं दीं। मीडिया ने बताया कि राष्ट्रपति भवन जाने वाली सभी सड़कों को ब्लॉक कर दिया गया था और जगह-जगह हथियारबंद सेना के जवान तैनात थे। राष्ट्रपति भवन के अधिकारियों ने बताया कि हथियारबंद सेना के जवानों ने राष्ट्रपति भवन पर हमला किया और इस दौरान सेना के जवानों और राष्ट्रपति भवन के गार्ड्स के बीच गोलीबारी हुई। मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य निर्वाचन अधिकारियों को गिरफ्तार कर चुनाव आयोग के कार्यालय को सील कर दिया गया है। पश्चिम अफ्रीकी देशों में साल 2020 से कई तख्तापलट हो चुके हैं। इस क्षेत्र के माली, नाइजर और बुर्किना फासो में हाल के समय में सैन्य तख्तापलट हुए और अब इन देशों में सैन्य शासन ही लागू है।
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सेना ने राष्ट्रीय टीवी पर जारी किया बयान
गिनी बिसाऊ की सेना के प्रवक्ता डिनीस एन चामा ने एक बयान जारी कर बताया कि 'सैन्य कमांड ने राष्ट्रपति को पद से हटा दिया है। नए आदेश तक सभी लोकतांत्रिक संस्थान भी बर्खास्त रहेंगे।' सेना के प्रवक्ता ने बताया कि देश को अस्थिर करने की साजिश रची जा रही थी और चुनाव में भी धांधली की गई थी। उन्होंने कहा कि कुछ राष्ट्रीय नेता, ड्रग माफिया और कुछ विदेशी नागरिकों के साथ मिलकर साजिश रच रहे थे। हालांकि सैन्य प्रवक्ता ने ज्यादा जानकारी नहीं दी। सेना द्वारा गिनी बिसाऊ के सभी बॉर्डर सील कर दिए गए हैं और मीडिया संस्थानों की गतिविधियों को भी सीमित कर दिया गया है।
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गिनी बिसाऊ में तख्तापलट का लंबा इतिहास
पश्चिमी अफ्रीकी देश गिनी बिसाऊ में इससे पहले भी चार बार तख्तापलट हो चुका है और कई बार तख्तापलट की कोशिश हो चुकी है। बीते महीने भी तख्तापलट की कोशिश की गई थी। गिनी बिसाऊ ड्रग तस्करी का भी गढ़ बनकर उभरा है और यहां से बड़े पैमाने पर दक्षिण अमेरिकी और यूरोपीय देशों में ड्रग तस्करी की जाती है। गिनी बिसाऊ में रविवार को हुए चुनाव का अभी तक नतीजा जारी नहीं हुआ है, लेकिन राष्ट्रपति उमारो सिसोको एंबोलो और विपक्षी नेता फर्नांडो डियास डा कोस्टा दोनों ने ही जीत का दावा किया है।
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कैसे हुआ तख्तापलट
बुधवार दोपहर में राष्ट्रपति भवन के पास गोलीबारी की आवाजें सुनाईं दीं। मीडिया ने बताया कि राष्ट्रपति भवन जाने वाली सभी सड़कों को ब्लॉक कर दिया गया था और जगह-जगह हथियारबंद सेना के जवान तैनात थे। राष्ट्रपति भवन के अधिकारियों ने बताया कि हथियारबंद सेना के जवानों ने राष्ट्रपति भवन पर हमला किया और इस दौरान सेना के जवानों और राष्ट्रपति भवन के गार्ड्स के बीच गोलीबारी हुई। मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य निर्वाचन अधिकारियों को गिरफ्तार कर चुनाव आयोग के कार्यालय को सील कर दिया गया है। पश्चिम अफ्रीकी देशों में साल 2020 से कई तख्तापलट हो चुके हैं। इस क्षेत्र के माली, नाइजर और बुर्किना फासो में हाल के समय में सैन्य तख्तापलट हुए और अब इन देशों में सैन्य शासन ही लागू है।
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