महिलाओं का यौन शोषण: चीन में चुप करा दी गई #MeeToo आंदोलन की सबसे मुखर आवाज
शियान्जी से देश की एक जानी-मानी शख्सियत के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। उसके बाद से वे देश में #MeeToo आंदोलन का चेहरा बन कर उभरीं। उनका आरोप है कि चीन में सबसे लोकप्रिय ट्विटर जैसे माइक्रोब्लॉगिंग एप विएबो पर उन्हें प्रतिबंधित कर दिया गया है। इस कारण वे अपने दोस्तों और समर्थकों से संवाद नहीं कर पा रही हैं...
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चीन में कभी #MeeToo यानी महिलाओं के यौन शोषण के खिलाफ आवाज बन कर उभरीं शियान्जी ने बीबीसी को फोन पर दिए इंटरव्यू के जरिए अपनी पीड़ा दुनिया को बताई है। इंटरव्यू की शुरुआत में उन्होंने कहा- ‘पिछले आधे घंटे से मैं लगातार रो रही हूं।’ उनकी ये हालत कोर्ट के आए उस फैसले के एक दिन बाद की है, जिसमें उनके आरोपों को खारिज कर दिया गया था। कोर्ट ने कहा कि अपने आरोपों के पक्ष में शियान्जी पर्याप्त सबूत पेश नहीं कर पाईं।
शियान्जी ने देश की एक जानी-मानी शख्सियत के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। उसके बाद से वे देश में #MeeToo आंदोलन का चेहरा बन कर उभरीं। लेकिन वे अपने को अंधकार से घिरी पा रही हैं। उनका आरोप है कि चीन में सबसे लोकप्रिय ट्विटर जैसे माइक्रोब्लॉगिंग एप विएबो पर उन्हें प्रतिबंधित कर दिया गया है। इस कारण वे अपने दोस्तों और समर्थकों से संवाद नहीं कर पा रही हैं। बीबीसी के मुताबिक जब 28 वर्षीया शियान्जी को ये जानकारी मिली कि उन्हें ऑनलाइन दुनिया से पूरी तरह काट दिया गया है, तो उनके सामने रोने के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचा।
शियान्जी ने बीबीसी से कहा- ‘लोगों के ऑनलाइन अकाउंट लगातार सस्पेंड किए जा रहे हैं। मेरे पास कोई रास्ता नहीं है, जिससे मैं उनसे संपर्क कर सकूं। पिछले तीन साल की अवधि नारीवादियों को जबरन एक दूसरे जुदा कर देने की रही है।’ 2018 में चीन में #MeeToo आंदोलन ने चीन में भी जोर पकड़ा था। शियान्जी ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर सरकारी टीवी चैनल सीसीटीवी के मशहूर एंकर झू जुन के साथ अपने अनुभवों को साझा किया। उन्होंने लगभग 3000 शब्दों में अपनी पूरी कहानी लिखी। देखते-देखते ये कहानी चीनी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।
शियान्जी का असली नाम झाउ शियाओशुआन है। लेकिन उनकी शोहरत उनके छद्म नाम शियान्जी से है। शियान्जी के मुताबिक झू जून ने उनका तब यौन उत्पीड़न किया था, जब वे उनके ड्रेसिंग रूम में चली गई थीँ। तब शियान्जी की उम्र 21 साल थी। शियान्जी ने बताया था कि झू ने उन्हें जबरन पकड़ लिया और उनके तमाम प्रतिरोध के बावजूद उनका चुंबन लेने लगे। उन्होंने कहा कि अचानक हुई इस घटना से वे इतने सदमे में चली गईं कि चिल्ला भी नहीं सकीं।
शियान्जी ने लिखा था कि उन्हें इस बात का अंदेशा था कि झू उनके करियर को बर्बाद कर देंगे। इसलिए उन्होंने तब कहीं शिकायत भी दर्ज नहीं कराई। झू ने इन आरोपों का खंडन किया था। उन्होंने कहा था कि वे उनके खिलाफ छेड़े गए बदनाम करने के अभियान का शिकार हुए हैं, जो उनके लिए बेहद अपमानजनक रहा है। पिछले हफ्ते कोर्ट ने उनकी दलीलों को स्वीकार कर लिया और शियान्जी के मुकदमे को रद्द कर दिया।
शियान्जी पिछले तीन साल से अपना केस लड़ने के साथ यौन उत्पीड़न की दूसरी पीड़िताओं के मामले भी उठाती रही हैं। इस कारण विएबो साइट पर उनके तीन लाख से ज्यादा फॉलोवर हैं। लेकिन अब ऐसा लगता है कि सिस्टम ने उनकी कहानी पर विराम लगा दिया है।