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मॉरीशस तेल रिसाव: जापानी जहाज के भारतीय कैप्टन गिरफ्तार, बर्थडे पार्टी के लिए तट के पास लाए थे जहाज
Wed, 19 Aug 2020 01:39 PM IST
Tanuja Yadav
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पोर्ट लुईस
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पोर्ट लुईस
Published by: Tanuja Yadav
Updated Wed, 19 Aug 2020 01:39 PM IST
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तेल रिसाव के एमवी वाकाशियो के हुए दो टुकड़े
- फोटो : social media
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मॉरीशस ने जापानी के शिप एमवी वाकाशियो के कैप्टन सुनील कुमार नंदेश्वर को लापरवाही के चलते गिरफ्तार कर लिया है। नंदेश्वर की उम्र 58 साल है और वो भारतीय मूल के हैं। मॉरीशस पुलिस ने कैप्टन नंदेश्वर को इस आरोप के साथ गिरफ्तार किया है कि वो बर्थडे पार्टी और वाईफाई सिग्नल कैच करने के लिए जहाज को तट के करीब लाए थे।
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तट के करीब लाने की वजह से ही जहाज कोरल की चट्टान से टकरा गया और दो हिस्सों में टूट गया। इसके बाद जहाज से हजारों टन तेल निकला और हिंद महासागर में फैल गया। इसके अलावा पुलिस इस जहाज के दूसरे क्रू मेंबर्स से भी पूछताछ कर रहा है। मंगलवार को नंदेश्वर को पोर्ट लुईस के एक कोर्ट में पेश किया गया था।
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कोर्ट ने उन्हें 25 अगस्त तक पुलिस हिरासत में रखने का आदेश दिया है, इसके अलावा जहाज के फर्स्ट ऑफिसर को भी गिरफ्तार किया गया है। कार्गो शिप एमवी वकाशियो जापानी कंपनी नागाशिकी के लिए काम करने वाली मिटसुई ओएसके लाइन्स का है।
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कंपनी ने जहाज के टकराने का कारण खराब मौसम बताया है। कंपनी ने बताया कि जहाज के निचली सतह में दरार आ गई थी, जिसके बाद जहाज से हजारों टन तेल का रिसाव हुआ था। तकनीकी तौर पर जहाज को तट से 16 किलोमीटर दूर रहना था, जबकि यह सिर्फ एक किलोमीटर की दूरी पर फंसा हुआ था।
मॉरिशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ ने इस मामले पर आठ अगस्त को पर्यावरण आपातकाल की घोषणा कर दी थी। जहाज से तेल का रिसाव ऐसी जगह हुआ है जहां से ब्लू बे मरीन पार्क रिजर्व और आइलैंड पास है। तेल रिसाव से मरीन रिजर्व पार्क के समुद्री जीवों और पौधों की कई प्रजातियों को खतरा है। रिसाव के बाद मॉरिशस के कई समुद्री तटों पर पानी का रंग काला हो गया है।
जहाज के तीन टैंकों में 2,500 मिट्रिक टन कच्चा तेल था। जहाज के टूटे हुए दो टुकड़ों में से एक टुकड़े को तट के पास लाया गया। इसके अलावा 90 टन कच्चे तेल वाले दूसरे टुकड़े को समुद्र में डूबाने की योजना है। हालांकि पर्यावरणीय समाजकर्ताओं ने इस पर आपत्ति जताई है।
उनका कहना है कि जहाज के दूसरे हिस्से को जहां डंप किया जा रहा है, वहां व्हेल मछलियों के लिए प्रोटेक्टिव रीजन बनाया हुआ है। अगर ऐसा होता है तो इससे समुद्री जीवों को बहुत नुकसान होगा।