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Pakistan: 'भारत महाशक्ति बनने की राह पर और हम भीख मांग रहे', पाकिस्तान के हालात पर फूटा शीर्ष नेता का गुस्सा

Tue, 30 Apr 2024 07:53 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: नितिन गौतम Updated Tue, 30 Apr 2024 07:53 AM IST
सार

मौलाना ने कहा कि 'देश की दुर्दशा के लिए पर्दे के पीछे से फैसले लेने वाली अदृश्य ताकतें हैं, जिन्होंने जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों को कठपुतली बना दिया है।' उन्होंने कहा कि 'यही ताकतें दीवारों के पीछे से हमें नियंत्रित करती हैं। वही फैसले करती हैं, जबकि हम सिर्फ कठपुतलियां हैं।' 

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मौलाना फजलुर रहमान - फोटो : एएनआई/रायटर्स

विस्तार

पाकिस्तान के शीर्ष नेता और जमीयत उलेमा ए इस्लाम (एफ) के अध्यक्ष मौलाना फजलुर रहमान ने भारत से पाकिस्तान की तुलना करते हुए कहा है कि भारत आज महाशक्ति बनने की राह पर है, जबकि हम दिवालियापन से बचने के लिए भीख मांग रहे हैं। मौलाना ने पूछा कि इस हालात के लिए कौन जिम्मेदार है? पाकिस्तान में आम चुनाव के बाद नेशनल असेंबली के पहले सत्र को संबोधित करने के दौरान मौलाना फजलुर रहमान ने ये बात कही। 
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अदृश्य ताकतें ले रहीं फैसले
मौलाना ने कहा कि 'देश की दुर्दशा के लिए पर्दे के पीछे से फैसले लेने वाली अदृश्य ताकतें जिम्मेदार हैं, जिन्होंने जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों को कठपुतली बना दिया है।' उन्होंने कहा कि 'यही ताकतें दीवारों के पीछे से हमें नियंत्रित करती हैं। वही फैसले करती हैं, जबकि हम सिर्फ कठपुतलियां हैं।' पाकिस्तानी संसद की वैधता पर सवाल उठाते हुए मौलाना फजलुर रहमान ने कहा कि 'संसद सदस्यों ने सिद्धांतों को त्याग दिया है और वे लोकतंत्र को बेचने में जुटे हैं। क्या संसद हकीकत में लोगों के जनादेश को प्रतिबिंबित करती है? महलों में और नौकरशाहों द्वारा फैसला किया जाता है कि कौन प्रधानमंत्री होगा।' 
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'देश में ठहराव आ गया है'
मौलाना फजलुर रहमान ने पूछा कि 'कब तक हम समझौता करते रहेंगे? कब तक हम सांसद चुने जाने के लिए बाहरी ताकतों से मदद मांगते रहेंगे?' उन्होंने 2018 और 2024 दोनों चुनावों में चुनावी धांधली की निंदा की। रहमान ने स्वतंत्र रूप से कानून बनाने में कानून निर्माताओं की कथित शक्तिहीनता पर अफसोस जताया। उन्होंने सवाल किया, 'इस सदन में बैठते समय हमारी अंतरात्मा कैसे साफ हो सकती है, क्योंकि हारने वाले और जीतने वाले दोनों संतुष्ट नहीं हैं।' मौलाना ने कहा कि, 'हमने अपने देश को ठहराव का शिकार बना दिया है, ऐसे देश प्रगति नहीं कर सकते।'
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इमरान खान का किया समर्थन
मौलाना फजलुर रहमान ने लोकतांत्रिक अधिकारों के महत्व की अहमियत बताते हुए पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) को सार्वजनिक सभा आयोजित करने की अनुमति देने की वकालत की। पीटीआई ने 2 मई और 9 मई को कराची और पेशावर में 'मिलियन मार्च' की योजना की घोषणा की। मौलाना ने कहा कि 'प्रदर्शनों में बाधा डालने के दुष्परिणाम हो सकते हैं।' मीडिया रिपोर्ट्स में रहमान के हवाले से कहा गया कि, 'लोगों की बाढ़ को रोका नहीं जा सकता और जो लोग कोशिश करेंगे उन्हें परिणाम भुगतना होगा।'
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