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China: पहले कम होती आबादी का संकट, अब चीन में चार दशक में सबसे कम शादियां हुईं; जानें ड्रैगन की नई चुनौती

Tue, 13 Jun 2023 07:37 PM IST
शिवेंद्र तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Tue, 13 Jun 2023 07:37 PM IST
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सार
हाल ही सामने आए आंकड़े उस वक्त के हैं जब चीन में कोरोना वायरस की वजह से लोगों के बाहर निकलने पर सख्त पाबंदियां लगी हुई थीं। हालांकि, यहां यह भी देखने को मिल रहा है कि 2013 के बाद से शादी के बंधन में बंधने वालों की संख्या लगातार गिर ही रही है। चीनी अधिकारी देश में कम विवाह और गिरते जन्म दर के बीच सीधा संबंध देखते हैं। 
 
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Marriages in China slump to historic low, Know why youth are running away from holy custom
चीन में शादी - फोटो : AMAR UJALA

विस्तार

चीन गिरते जन्म दर से जूझ रहा है। यहां की सरकार देश की आबादी को फिर से बढ़ाने के लिए कई उपाय कर रही है। युवा शादी कर सकें, इसके लिए रूढ़िवादी नियम खत्म किए जा रहे हैं। चीन के लिए चिंता की बात यह है कि अब तक इससे कोई सकारात्मक नतीजा सामने नहीं आ पाया है। दरअसल, चीन के नागरिक मामलों के मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, देश में पिछले साल सबसे कम शादियां हुईं। यह आंकड़ा चार दशक में सबसे कम है। इस जनसांख्यिकीय संकट ने जिनपिंग सरकार की चिंता और बढ़ा दी है।


चीन में शादियों को लेकर नए आंकड़े क्या हैं? चीन में कम होती शादियों की वजह क्या है? चीन में और कौन से जनसांख्यिकीय संकट हैं? इससे निटपने के लिए सरकार क्या कर रही है? आइए जानते हैं...

कोरोनावायरस के बीच चीन में शादी
कोरोनावायरस के बीच चीन में शादी - फोटो : PTI
पहले जानते हैं चीन में शादियों को लेकर नए आंकड़े क्या हैं?
चीनी नागरिक मामलों के मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, 2022 में करीब 68.3 लाख जोड़ों ने शादी की। यह 2021 में 76.3 लाख विवाह पंजीकरण से लगभग 10.5 फीसदी कम है। स्थानीय मीडिया की मानें तो 1970 के दशक के बाद से पिछले साल चीन में शादियों की संख्या सबसे कम दर्ज की गई है, जो देश के बिगड़ते जनसांख्यिकीय संकट को दर्शाता है।

नए आंकड़ों के मुताबिक, शादी के पंजीकरण में अब लगातार नौ वर्षों की गिरावट आई है। 2013 की तुलना में हालिया आंकड़े (68.3 लाख शादियां) लगभग आधे हो गए हैं, जब रिकॉर्ड 134.7 लाख जोड़े शादी के बंधन में बंधे थे। पिछली बार इतने कम लोगों ने चीन में लगभग चार दशक पहले शादी की थी, जब 1979 में 63.7 लाख जोड़ों ने विवाह के लिए पंजीकरण कराया था। 2022 में 141 करोड़ आबादी की तुलना में चीन में कम शादियों का अर्थ है कि देश में अब विवाह दर काफी कम है।

कोरोनावायरस के बीच चीन में शादी
कोरोनावायरस के बीच चीन में शादी - फोटो : Twitter
अब जानते हैं क्यों कम हो रही विवाह दर?
हाल ही सामने आए आंकड़े उस वक्त के हैं जब चीन में कोरोना वायरस की वजह से लोगों के बाहर निकलने पर सख्त पाबंदियां लगी हुई थीं। हालांकि, यहां यह भी देखने को मिल रहा है कि 2013 के बाद से शादी के बंधन में बंधने वालों की संख्या लगातार गिर ही रही है। चीनी अधिकारी देश में कम विवाह और गिरते जन्म दर के बीच सीधा संबंध देखते हैं। 

चीन जनसंख्या संघ के उपाध्यक्ष प्रोफेसर युआन शिन कहते हैं, 'युवा अब एक बच्चे के इर्द-गिर्द घूमने वाले जीवन के बजाय खुद के विकास और आनंद के इर्द-गिर्द घूमने वाले जीवन को जी रहे हैं।' उन्होंने कहा, 'यदि एक परिवार शुरू करना उनके स्वयं के विकास और आनंद के रास्ते में आता है, तो वे बच्चे को जन्म नहीं देंगे या यहां तक कि शादी से दूरी बना लेंगे।'

चीनी समाजशास्त्री मानते हैं कि आज युवाओं का जीवन भारी तनाव से भरा है। इस पर महंगी शादी का खर्च, घर खरीदना, बच्चे पालने के खर्च उन्हें मुश्किलों में डाल रहे हैं। अन्य देशों के के मुकाबले यहां भोजन, घर का किराया और रखरखाब कई गुना महंगा है। जनसांख्यिकी विशेषज्ञ हे याफू कहते हैं, 'जीवन यापन और शादी करने की बढ़ती लागत, युवाओं की कम होती संख्या, बेटों की रूढ़िवादी चाहत और शादी करने वालों की बढ़ती औसत आयु कुछ ऐसी वजहें हैं जिससे शादियों की संख्या कम हुई है।'

वहीं एक अन्य जनसांख्यिकी विशेषज्ञ युआन कहते हैं, 'युवा चीनी माता-पिता पारंपरिक रूप से अपने बच्चों का पालन पोषण करने के लिए संघर्ष करते रहे हैं लेकिन अब युवा तेजी से उस पैसे को खुद के विकास के लिए लगा रहे हैं। इसके अलावा कम परिवार बच्चे पैदा करने का विकल्प चुन रहे हैं।'

मुश्किल तलाक भी इस संख्या को कम होने की एक वजह है। जनवरी 2021 से चीन में तलाक के लिए 30 दिन के कूलिंग-ऑफ पीरियड का प्रावधान किया गया है। इससे तलाक भी घटे हैं। लोग इसे आजादी के खिलाफ मान रहे हैं, क्योंकि अब तलाक लेना आसान नहीं रहा।

चीन में शादी
चीन में शादी - फोटो : Twitter
चीन के लिए अन्य जनसांख्यिकीय संकट क्या हैं?
चीन की जनसंख्या में साल 1961 के बाद सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। चीन में अब नकारात्मक जनसंख्या ग्रोथ शुरू हो गई है। बता दें कि चीन में मरने वालों का आंकड़ा, पैदा होने वाले बच्चों से ज्यादा है। चीन के नेशनल ब्यूरो ऑफ स्टैटिक्स के आंकड़ों के अनुसार, साल 2022 के अंत में देश की जनसंख्या 1.41175 अरब थी जो कि साल 2021 के 1.41260 अरब के मुकाबले कम है। 

china wedding
china wedding - फोटो : istock
इससे निटपने के लिए सरकार क्या कर रही है?
चीन में कई दशकों तक जनसंख्या नियंत्रण नीति लागू रही और माना जा रहा है कि उन जनसंख्या नियंत्रण के उपायों के चलते ही देश की जनसंख्या में गिरावट आ रही है। हालांकि, गिरती जनसंख्या से चीन की सरकार चिंतित है। वह देश की आबादी को फिर से बढ़ाने के लिए कई उपाय कर रही है, लेकिन किसी का भी सकारात्मक नतीजा सामने नहीं आ रहा है। 

1. युवाओं के लिए ‘नया युग’ नाम की योजना: इसी साल अपने देश में लगातार घट रही आबादी को बढ़ाने के लिए चीन एक अनोखी स्कीम लेकर लाया। इसका मकसद बीजिंग के 20 से अधिक शहरों में युवाओं को जल्दी शादी करने और बच्चों पैदा करने के लिए लुभाना था। इसके लिए हाल ही में सरकार की ओर से युवाओं के लिए ‘नया युग’ नामक प्रोजेक्ट लॉन्च किया गया। इसके अलावा देश के दक्षिण-पश्चिमी प्रांत सिचुआन ने अविवाहित लोगों को बच्चे पैदा करने की इजाजत दी गई। चीन मोटे तौर पर एक कंजरवेटिव (रूढ़िवादी) समाज है। यहां अविवाहित जोड़ों के साथ रहने या समलैंगिक संबंधों को सामाजिक स्वीकृति नहीं है, लेकिन चीन में सरकारें जन भावनाओं के खिलाफ जाकर भी जन्म दर बढ़ाने की कोशिश में हैं।

2. 30 दिनों की पेड मैरिज लीव की भी शुरुआत: इसी क्रम में चीन इसी साल नवविवाहित जोड़ों के लिए योजना लेकर आया, जिसके तहत इन जोड़ों को 30 दिनों की पेड मैरिज लीव दी जाएगी, ताकि पति-पत्नी आपस में समय बिता सके और जनसंख्या बढ़ाने में भागीदार बन सके। बता दें कि पहले चीन में शादी के लिए मात्र तीन दिनों की पेड लीव मिलती थी, लेकिन जब यहां तेजी से जनसंख्या घटने लगी तो मजबूरन सरकार को अपनी नीति में बदलाव करनी पड़ी।

3. 'ब्राइड प्राइस' नाम की परंपरा भी खत्म की गई: चीन ने लोग ज्यादा से ज्यादा बच्चे पैदा करें और लोगों की शादियां आसानी से हो जाएं, इसके लिए 'ब्राइड प्राइस' नाम की परंपरा भी खत्म कर दी गई। यहां परंपरा है कि लड़के वाले लड़की वालों को दहेज देते हैं। यहां शादी के रीति-रिवाज में लगभग सालभर लग जाता है। इसके अलावा शादी में खर्च भी बहुत होता है। इसके चलते बहुत से लोग शादी भी नहीं करते हैं।
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