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Maria Machado: नोबेल शांति विजेता मचाडो पर विवाद क्यों? इस्राइली समर्थन और विदेशी हस्तक्षेप के आरोपों से घिरी

Sat, 11 Oct 2025 11:48 PM IST
शिवम गर्ग वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: शिवम गर्ग Updated Sat, 11 Oct 2025 11:48 PM IST
सार

नोबेल शांति पुरस्कार 2025 की विजेता मारिया कोरिना मचाडो पर विवाद छिड़ गया है। आलोचकों ने उन पर इस्राइल के समर्थन और वेनेजुएला में सरकार गिराने के लिए विदेशी हस्तक्षेप की मांग का आरोप लगाया है। जानें पूरा मामला...

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Maria Corina Machado Nobel 2025: Controversy Over Israel, Venezuela and Foreign Aid
नोबेल शांति पुरस्कार मारिया कोरिना मचाडो को मिला - फोटो : X

विस्तार

वेनेजुएला की लोकतंत्र समर्थक नेता मारिया कोरिना मचाडो को नोबेल शांति पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया गया, लेकिन इस ऐलान के कुछ ही घंटों बाद विवाद शुरू हो गया। आलोचकों का कहना है कि मचाडो ने इस्राइल और गाजा में बमबारी का समर्थन किया था और अपने देश में सत्ता परिवर्तन के लिए विदेशी हस्तक्षेप की भी मांग की थी।
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क्यों मिला नोबेल शांति पुरस्कार
नॉर्वे स्थित नोबेल कमेटी ने मचाडो को लोकतंत्र की मशाल जलाए रखने वाली शांति की योद्धा बताया। समिति के अध्यक्ष जॉर्गन वॉटने फ्राइडनेस ने कहा मचाडो ने यह दिखाया है कि लोकतंत्र के औजार ही शांति के औजार हैं। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी देश नहीं छोड़ा और लाखों लोगों के लिए प्रेरणा बनीं। मचाडो वेनेजुएला की विपक्षी राजनीति का प्रमुख चेहरा रही हैं और उन्होंने वर्षों से तानाशाही शासन के खिलाफ आवाज उठाई है।
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आलोचना और विरोध की वजहें
हालांकि, उनके पुराने सोशल मीडिया पोस्ट्स अब विवाद का कारण बन गए हैं। आलोचक कह रहे हैं कि मचाडो ने पहले इस्राइल और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का खुलकर समर्थन किया था। उन्होंने एक पोस्ट में लिखा था वेनेजुएला की लड़ाई, इस्राइल की लड़ाई है। एक अन्य पोस्ट में उन्होंने कहा था कि अगर वह सत्ता में आती हैं तो वेनेजुएला का दूतावास यरुशलम स्थानांतरित करेंगी। इसी वजह से कई संगठनों का मानना है कि गाजा नरसंहार के बीच उन्हें शांति पुरस्कार देना नोबेल समिति की विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है।
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मुस्लिम संगठनों की कड़ी प्रतिक्रिया
अमेरिका स्थित काउंसिल ऑन अमेरिकन-इस्लामिक रिलेशंस (CAIR) ने इसे अविवेकपूर्ण निर्णय बताया। संगठन ने कहा कि नोबेल समिति को ऐसे व्यक्ति को सम्मानित करना चाहिए जो हर इंसान के लिए न्याय की बात करता हो, न कि उस व्यक्ति को जिसने युद्ध समर्थक रुख अपनाया।

विदेशी हस्तक्षेप का आरोप
मचाडो पर एक और गंभीर आरोप है उन्होंने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की सरकार गिराने के लिए विदेशी मदद की अपील की थी। 2018 में उन्होंने इस्राइल और अर्जेंटीना को पत्र लिखकर अपने देश में लोकतंत्र बहाल करने के लिए सहयोग मांगा था, जिसे विपक्षी हस्तक्षेप की मांग के तौर पर देखा गया।


ट्रंप से जुड़ा विवाद भी उभरा
मचाडो ने अपने नोबेल पुरस्कार को पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को समर्पित किया। इसके बाद व्हाइट हाउस ने इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि नोबेल कमेटी ने शांति से ज्यादा राजनीति को महत्व दिया।
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