फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Many Sharia laws canceled Kelantan state Malaysia no power State make civil laws Supreme Court

Supreme Court: मलयेशिया के इस राज्य में कई शरिया कानून रद्द, नागरिक कानून बनाने की नहीं है शक्ति

Sat, 10 Feb 2024 07:31 AM IST
यशोधन शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, क्वालालम्पुर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, क्वालालम्पुर Published by: यशोधन शर्मा Updated Sat, 10 Feb 2024 07:31 AM IST
सार

केलंतन राज्य में 2021 में पारित विशिष्ट शरिया कानूनों के खिलाफ एक वकील और उनकी बेटी ने सांविधानिक चुनौती दी थी। मलयेशिया के पूर्वोंतर राज्य केलंतन में पार्टी इस्लाम से मलेशिया (पीएएस) संगठन की सरकार है, जो सख्त इस्लामी कानून को लागू करने की वकालत करती रही है।

विज्ञापन
Many Sharia laws canceled Kelantan state Malaysia no power State make civil laws Supreme Court
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI

विस्तार

मलयेशिया की शीर्ष अदालत ने शुक्रवार को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए केलंतन राज्य की ओर से पारित करीब 16 इस्लामी (शरिया) कानूनों को असांविधानिक घोषित कर दिया। अदालत ने कहा, यह ऐसे कानून थे जो देश के अन्य हिस्सों में लागू समान शरिया कानूनों को प्रभावित करते।

विज्ञापन


नौ सदस्यीय पीठ ने कहा, परिवार में व्यभिचार, जुआ, यौन उत्पीड़न और पूजा स्थलों को अपवित्र करने जैसे अपराध नागरिक कानून के तहत आते हैं। केलंतन राज्य ने इसे शरिया कानून में शामिल कर लिया, इसलिए अदालत 8-1 से इस फैसले को अमान्य घोषित करती है। मुख्य न्यायाधीश तेंगकु मैमुन तुआन मैट ने कहा कि देश के पूर्वोत्तर राज्य (केलंतन) के पास कानून बनाने का कोई अधिकार नहीं है। क्योंकि इन विषयों पर कानून बनाने की शक्ति केवल संसद के पास ही है। उन्होंने कहा, इन प्रावधानों के सार संघीय सूची के तहत आते हैं।
विज्ञापन


बता दें कि मलयेशिया में दोहरी कानूनी प्रणाली है। इस्लामी कानून (शरिया) और नागरिक कानून। इस्लामी कानून राज्य विधानसभाओं द्वारा जबकि नागरिक कानून संसद द्वारा अधिनियमित किए जाते हैं। केलंतन राज्य में 2021 में पारित विशिष्ट शरिया कानूनों के खिलाफ एक वकील और उनकी बेटी ने सांविधानिक चुनौती दी थी। मलयेशिया के पूर्वोंतर राज्य केलंतन में पार्टी इस्लाम से मलेशिया (पीएएस) संगठन की सरकार है, जो सख्त इस्लामी कानून को लागू करने की वकालत करती रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


मामले का देश में इस्लाम की स्थिति से कोई लेना देना नहीं
कोर्ट ने कहा, इस मामले का देश में इस्लाम की स्थिति से कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने कहा कि केलंतन की विधायिका ने अपनी शक्तियों से परे जा कर काम किया है। उन्होंने कहा, देखा जाए तो सिविल कोर्ट की ओर से इस्लाम या शरिया अदालतों को समर्थन न देने का मुद्दा ही नहीं उठता।


केलंतन सरकार ने कहा, हम सुल्तान से परामर्श करेंगे
केलंतन सरकार के अधिकारी मोहम्मद फाजली हसन ने फैसले पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य अपने निर्णय और इस्लामी कानून पर अपने शाही शासक सुल्तान मुहम्मद वी से परामर्श करेगा। बता दें कि मलयेशिया के 13 राज्यों में से नौ का नेतृत्व राजा करते हैं जो इस्लाम के संरक्षक के रूप में कार्य करते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed