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पहले छापे नकली नोट, फिर वेश्यावृत्ति में लुटाए 10 हजार यूरो, ऐसे धरा गया शातिर
Sat, 06 Feb 2021 12:01 AM IST
संजीव कुमार झा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बर्न
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बर्न
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Sat, 06 Feb 2021 12:01 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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स्विट्जरलैंड में एक ऐसा मामला सामने आया है, जो हर किसी को हैरान कर देगा। दरअसल, यहां एक शख्स ने मौज-मस्ती करने के लिए नकली करेंसी छापनी शुरू कर दी। साथ ही, वेश्यावृत्ति पर करीब 10 हजार नकली यूरो लुटा भी दिए। पकड़े जाने के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया। कोर्ट ने कहा कि नकली नोटों की गुणवत्ता बेहद खराब थी। इन्हें तो कोई नेत्रहीन व्यक्ति भी पहचान सकता था।
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ऐसे सामने आया
जानकारी के मुताबिक, स्विट़्जरलैंड में रहने वाले 50 वर्षीय एक शख्स ने यह फर्जीवाड़ा किया। दरअसल, उसने यौन संबंध बनाने के लिए दो महिलाओं को पैसे दिए थे। इनमें से एक महिला ने जब इन नोटों को एटीएम में जमा कराने की कोशिश की तो फर्जीवाड़े का खुलासा हो गया। बताया जा रहा है कि एटीएम ने नकली नोटों को जमा नहीं किया, जिसके बाद 39 वर्षीय पीड़िता को हकीकत की जानकारी हुई। इसके बाद उसने पुलिस से मामले की शिकायत की।
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आरोपी ने दो बार चलाए थे नकली नोट
बताया जा रहा है कि आरोपी ने जून और अक्टूबर 2019 के दौरान दो अलग-अलग महिलाओं को नकली नोट देकर यौन संबंध बनाए थे। उसने पहली महिला को 1800 यूरो दिए थे। वहीं, दूसरी महिला को आठ हजार यूरो देकर मनमानी की थी।
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पीड़िता ने अदालत में कही यह बात
39 वर्षीय पीड़िता ने अदालत को बताया कि रात के वक्त रोशनी काफी कम थी। ऐसे में उसे पता ही नहीं चला कि नोट नकली हैं। इसके बाद अदालत ने कहा कि इन नोटों की गुणवत्ता बेहद खराब है। इन्हें तो कोई नेत्रहीन भी आसानी से पहचान सकता था। वहीं, दूसरी महिला ने बताया कि रुपये मिलते ही उसे नकली करेंसी होने का एहसास हो गया, लेकिन आरोपी ने उस पर चोरी करने का आरोप लगा दिया।
घर में ही छापता था नकली नोट
पीड़िता की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया और मामले की जांच शुरू कर दी। जांच में सामने आया है कि आरोपी ने अपने घर में ही कलर प्रिंटर लगा रखा था, जिससे वह नकली यूरो छापता था। आरोपी को धोखाधड़ी के आरोपी में तीन साल की सजा सुनाई गई है। बता दें कि स्विट्जरलैंड में वेश्यावृति कानूनी रूप से वैध है।