{"_id":"672266a334b36d1998073410","slug":"man-lost-in-washington-state-s-vast-wilderness-for-a-month-survives-on-mushrooms-and-berries-2024-10-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"US: जॉगिंग के लिए निकला और 30 दिन तक जंगल में भटकता रहा, मशरूम खाकर, पानी पीकर बचाई जान; शख्स ने बताया अनुभव","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
US: जॉगिंग के लिए निकला और 30 दिन तक जंगल में भटकता रहा, मशरूम खाकर, पानी पीकर बचाई जान; शख्स ने बताया अनुभव
Wed, 30 Oct 2024 10:32 PM IST
पवन पांडेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: पवन पांडेय
Updated Wed, 30 Oct 2024 10:32 PM IST
सार
अमेरिका में वाशिंगटन के एक विशाल जंगल में एक शख्स रोजाना की तरह घर से जॉगिंग के लिए निकला था, लेकिन वो अचानक रास्ता भूल गया। जिसके बाद करीब 30 दिनों तक वो उसी जंगल में भटकता रहा और आखिरकार चमत्कारिक रूप से पैसिफिक नॉर्थवेस्ट ट्रेल एसोसिएशन के दल ने उसे जीवित पाया।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अमेरिका के एक जंगल में रॉबर्ट शॉक नाम का शख्त तब खो गया, जब वो घर से नियमित जॉगिंग के लिए अपने कुत्ते और सीमित सामान के साथ वाशिंगटन के नॉर्थ कैस्केड्स नेशनल पार्क में दौड़ने के लिए निकला। लेकिन इसके कुछ देर बाद ही उसे पता चला की वो जंगल में खो गया है और वो सीमित सामान और छोटे से बैग के साथ 30 दिनों तक उसी जंगल में भटकता रहा।
किसी तरह जीवित रहने में रहा कामयाब
एक रिपोर्ट के अनुसार, 31 जुलाई को, रॉबर्ट शॉक के लापता होने के बाद बड़े पैमाने पर उसको खोजने का अभियान शुरू हुआ और आखिरकार चमत्कारिक रूप से, 30 दिनों तक कठोर परिस्थितियों को झेलने के बाद उसे जीवित पाया गया। जानकारी के मुताबिक रॉबर्ट शॉक पूरे एक महीने तक बिना भोजन, फोन और बेहतर कपड़ों के जीवित रहा। रॉबर्ट शॉक को जीवित पाने वाले पैसिफिक नॉर्थवेस्ट ट्रेल एसोसिएशन ने कहा कि रॉबर्ट शॉक जीवित, लेकिन ठीक स्थिति में नहीं पाया गया। असंभव बाधाओं और बहुत अधिक मनोवैज्ञानिक नुकसान के बावजूद वो किसी तरह जीवित रहने में कामयाब रहा।
मौत के काफी करीब था- रॉबर्ट शॉक
जानकारी के मुताबिक उसे हेलीकॉप्टर से एयरलिफ्ट कर अस्पताल ले जाया गया और कुछ दिनों तक उसे केवल नसों के माध्यम से भोजन दिया जा सका। कुछ दिन के इलाज के बाद उसे अपने भयावह अनुभव को साझा किया है। जिसमें उसने बताया कि वह बचाए जाने से पहले वह मौत के कितने करीब पहुंच गया था। उसने बताया कि, मैं कई दिनों की यात्राओं पर नहीं जाता, मुझे मछली पकड़ना नहीं आता, वहां जाने के दौरान मेरे पास कोई शर्ट नहीं थी, मेरे पास सिर्फ एक जोड़ी शॉर्ट्स थी, मेरा कुत्ता फ्रेडी और एक डॉग पैन था। मेरे छोटे बैकपैक में केवल यही चीजें थीं।
विज्ञापन
मशरूम खाकर, पानी पीकर बचाई जान
उसने खुलासा किया कि वह जंगल में एक महीने तक केवल मशरूम, बेरी और पानी पर जीवित रहा। अपने कष्ट के दौरान, उसने पूरे दिन सिर्फ मशरूम ही खाया और उसका स्वाद जाना-पहचाना लगा। उसने कहा, मैंने पूरे दिन मशरूम खाया और इसका स्वाद बिल्कुल वैसा ही था जैसा कि आप पिज्जा या किसी और चीज पर खाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस घटना ने उनके शरीर और दिमाग पर गहरा असर डाला है, जिससे वो कई साल बूढ़ा हो गया है। अब उसने कभी भी नॉर्थ कैस्केड्स नेशनल पार्क में वापस न आने की कसम खाई है।
विज्ञापन
किसी तरह जीवित रहने में रहा कामयाब
एक रिपोर्ट के अनुसार, 31 जुलाई को, रॉबर्ट शॉक के लापता होने के बाद बड़े पैमाने पर उसको खोजने का अभियान शुरू हुआ और आखिरकार चमत्कारिक रूप से, 30 दिनों तक कठोर परिस्थितियों को झेलने के बाद उसे जीवित पाया गया। जानकारी के मुताबिक रॉबर्ट शॉक पूरे एक महीने तक बिना भोजन, फोन और बेहतर कपड़ों के जीवित रहा। रॉबर्ट शॉक को जीवित पाने वाले पैसिफिक नॉर्थवेस्ट ट्रेल एसोसिएशन ने कहा कि रॉबर्ट शॉक जीवित, लेकिन ठीक स्थिति में नहीं पाया गया। असंभव बाधाओं और बहुत अधिक मनोवैज्ञानिक नुकसान के बावजूद वो किसी तरह जीवित रहने में कामयाब रहा।
विज्ञापन
मौत के काफी करीब था- रॉबर्ट शॉक
जानकारी के मुताबिक उसे हेलीकॉप्टर से एयरलिफ्ट कर अस्पताल ले जाया गया और कुछ दिनों तक उसे केवल नसों के माध्यम से भोजन दिया जा सका। कुछ दिन के इलाज के बाद उसे अपने भयावह अनुभव को साझा किया है। जिसमें उसने बताया कि वह बचाए जाने से पहले वह मौत के कितने करीब पहुंच गया था। उसने बताया कि, मैं कई दिनों की यात्राओं पर नहीं जाता, मुझे मछली पकड़ना नहीं आता, वहां जाने के दौरान मेरे पास कोई शर्ट नहीं थी, मेरे पास सिर्फ एक जोड़ी शॉर्ट्स थी, मेरा कुत्ता फ्रेडी और एक डॉग पैन था। मेरे छोटे बैकपैक में केवल यही चीजें थीं।
विज्ञापन
मशरूम खाकर, पानी पीकर बचाई जान
उसने खुलासा किया कि वह जंगल में एक महीने तक केवल मशरूम, बेरी और पानी पर जीवित रहा। अपने कष्ट के दौरान, उसने पूरे दिन सिर्फ मशरूम ही खाया और उसका स्वाद जाना-पहचाना लगा। उसने कहा, मैंने पूरे दिन मशरूम खाया और इसका स्वाद बिल्कुल वैसा ही था जैसा कि आप पिज्जा या किसी और चीज पर खाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस घटना ने उनके शरीर और दिमाग पर गहरा असर डाला है, जिससे वो कई साल बूढ़ा हो गया है। अब उसने कभी भी नॉर्थ कैस्केड्स नेशनल पार्क में वापस न आने की कसम खाई है।