{"_id":"659f3b5158d0d3a9ed047275","slug":"maldives-ruling-coalition-stokes-anti-india-sentiments-in-elections-2024-01-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Report: मालदीव के सत्तारूढ़ गठबंधन ने चुनावों में भारत विरोधी भावनाएं भड़काईं, चलाया ऑनलाइन दुष्प्रचार अभियान","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Report: मालदीव के सत्तारूढ़ गठबंधन ने चुनावों में भारत विरोधी भावनाएं भड़काईं, चलाया ऑनलाइन दुष्प्रचार अभियान
Thu, 11 Jan 2024 06:20 AM IST
यशोधन शर्मा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
Published by: यशोधन शर्मा
Updated Thu, 11 Jan 2024 06:20 AM IST
सार
मालदीव के लिए यूरोपियन इलेक्शन ऑब्जरवेशन मिशन (ईयू ईओएम) ने पिछले साल 9 और 30 सितंबर को हुए दो दौर के चुनाव पर मंगलवार को अपनी अंतिम रिपोर्ट प्रकाशित की।
विज्ञापन
Mohamed Muizzu
- फोटो : Social Media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मालदीव में प्रोग्रेसिव पार्टी ऑफ मालदीव (पीपीएम) और पीपुल्स नेशनल कांग्रेस (पीएनसी) के सत्तारूढ़ गठबंधन ने 2023 के राष्ट्रपति चुनावों के दौरान भारत विरोधी भावनाओं को भड़काया और इस विषय पर दुष्प्रचार का प्रयास किया। यूरोपीय संघ (ईयू) की एक रिपोर्ट में यह कहा गया है।
विज्ञापन
मालदीव के लिए यूरोपियन इलेक्शन ऑब्जरवेशन मिशन (ईयू ईओएम) ने पिछले साल 9 और 30 सितंबर को हुए दो दौर के चुनाव पर मंगलवार को अपनी अंतिम रिपोर्ट प्रकाशित की। इसमें कहा गया है, पीपीएम-पीएनसी गठबंधन की तरफ से चलाया गया अभियान राष्ट्र पर भारत के प्रभाव की आशंकाओं पर आधारित था। ईयू ईओएम पर्यवेक्षकों ने पीपीएम-पीएनसी की ओर से तत्कालीन राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलेह के प्रति अपमानजनक भाषा के उदाहरण देखे हैं।
विज्ञापन
इस चुनाव में पीएमसी के मोहम्मद मुइज्जू 54 फीसदी मतों के साथ चुनाव जीते थे। रिपोर्ट में कहा गया, पार्टियों के अभियान में भारत विरोधी भावनाएं शामिल थीं। देश के अंदर भारतीय सैन्यकर्मियों की मौजूदगी के बारे में भी चिंता प्रकट की गई थी। भारत के खिलाफ ऑनलाइन दुष्प्रचार अभियान चलाए गए।
विज्ञापन
पूर्व उपराष्ट्रपति बोले- भारत हमारा मददगार, सरकार माफी मांगे
मालदीव के पूर्व उपराष्ट्रपति और पर्यटन मंत्री रहे अहमद अदीब ने कहा कि यह जो भी घटनाक्रम हुआ है इससे भारत के लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। भारत हमारा हमेशा से मददगार रहा है। हमारी सरकार को चाहिए कि भारत से माफी मांगे। इसके अलावा मालदीव के राष्ट्रपति को व्यक्तिगत तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात भी करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जिन जूनियर मंत्रियों ने बयानबाजी की है मूलतः वो एक्टिविस्ट रहे हैं। लेकिन अब वह सरकार में जिम्मेदार पद पर है। एक्टिविज्म और सरकार में होना दोनों में बड़ा अंतर होता है।
भारत के बहिष्कार का असर शुरू
अदीब ने कहा कि हमारे देश के पर्यटन में भारत का मार्केट पहले नंबर पर है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद भारत में जिस तरीके से बहिष्कार करना शुरू किया गया है उससे हमारे देश के पर्यटन पर बुरा प्रभाव पड़ना शुरू हो गया है। मालदीव के लग्जरी रिसॉर्ट और फ्लाइट्स की बुकिंग कैंसल होने लगी हैं और यह सब सिर्फ राजनीति की वजह से हो रहा है। मालदीव और मालदीव की जनता इस बात को कभी स्वीकार नहीं करेगी की राजनीति की वजह से उनकी अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़े।