फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Malaysia political crisis deepened due to non-emergence of new government

प्रधानमंत्री का इस्तीफा: नई सरकार की सूरत ना उभरने से गहराया मलयेशिया का राजनीतिक संकट

Wed, 18 Aug 2021 03:32 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सिंगापुर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सिंगापुर Published by: Harendra Chaudhary Updated Wed, 18 Aug 2021 03:32 PM IST
सार

वैकल्पिक प्रधानमंत्री के तौर पर जिन नामों की चर्चा है, उनमें यासीन सरकार में उप प्रधानमंत्री रहे साबरी याकूब, विपक्षी नेता और पूर्व प्रधानमंत्री अनवर इब्राहीम, और 11 बार सांसद चुने गए नेता तेंगकू रजालेह हमजा शामिल हैं...

विज्ञापन
Malaysia political crisis deepened due to non-emergence of new government
मलयेशिया के प्रधानमंत्री - फोटो : Facebook @ Muhyiddin Yassin

विस्तार

मलयेशिया के प्रधानमंत्री मुहिद्दिन यासीन के इस्तीफे के बाद देश में पैदा हुए राजनीतिक खालीपन के तुरंत भरने की संभावना नजर नहीं आ रही है। यासीन ने संसद में बहुमत गंवाने के बाद बीते सोमवार को इस्तीफा दे दिया था। वे 17 महीनों तक प्रधानमंत्री रहे। उनके कार्यकाल के दौरान लगातार उनके नेतृत्व को चुनौतियां मिलती रहीं। साथ ही उनकी सरकार पर कोरोना महामारी से ठीक से न निपट पाने के आरोप भी थे।

विज्ञापन


मलयेशिया के शाह ने यासीन से कार्यवाहक प्रधानमंत्री बने रहने को कहा है। मलयेशिया में संवैधानिक राजतंत्र है, जहां संसदीय बहुमत के आधार पर शाह प्रधानमंत्री नियुक्त करते हैँ। पर्यवेक्षकों के मुताबिक यासीन के इस्तीफे के बाद इस बात के कोई संकेत नहीं मिले हैं कि अगली सरकार कौन बनाएगा। उनके मुताबिक विपक्षी दल यासीन के पेरिकेतान नेसिओनाल (पीएन) गठबंधन की सरकार गिराने में तो सफल हो गए, लेकिन प्रधानमंत्री पद के लिए कोई वैकल्पिक नाम सुझाने में वे सफल नहीं हुए हैं।
विज्ञापन


कंसल्टैंसी फर्म सोलारिस स्ट्रेटेजीज के वरिष्ठ अंतरराष्ट्रीय विश्लेषक मुस्तफा इज्जुद्दीन ने वेबसाइट एशिया टाइम्स से कहा- ‘मुहिद्दीन यासीन के इस्तीफे से सत्ता तंत्र में एक शून्य पैदा हो गया है। इससे राजनीतिक उथल-पुथल मच सकती है। हो सकता है कि यासीन अपेक्षाकृत लंबे समय तक कार्यवाहक प्रधानमंत्री बने रहें, क्योंकि कोई ऐसा नेता नजर नहीं आता जिसके पास संसदीय बहुमत हो।’
विज्ञापन
विज्ञापन


वैकल्पिक प्रधानमंत्री के तौर पर जिन नामों की चर्चा है, उनमें यासीन सरकार में उप प्रधानमंत्री रहे साबरी याकूब, विपक्षी नेता और पूर्व प्रधानमंत्री अनवर इब्राहीम, और 11 बार सांसद चुने गए नेता तेंगकू रजालेह हमजा शामिल हैँ। बताया जाता है कि हमजा के नाम पर अलग-अलग दलों में सहमति बन सकती है।

राजमहल ने कहा है कि इस वक्त कोविड-19 महामारी की गंभीर स्थिति को देखते हुए नया चुनाव कराना सही रास्ता नहीं होगा। मलयेशिया में कई महीनों तक सख्त लॉकडाउन लागू रहा। उसके बावजूद वहां कोरोना संक्रमण से 12 हजार से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। प्रति दस लाख पर मृत्यु दर के हिसाब से दक्षिण-पूर्व एशिया में सबसे ज्यादा मौतें मलयेशिया में ही हुई हैं। वहां अभी भी औसतन रोज 20 हजार से ज्यादा संक्रमण के नए मामले सामने आ रहे हैं।

इस्तीफा देने के बाद राष्ट्र को संबोधित करते हुए यासीन ने भरोसा जताया था कि मलयेशिया को कोरोना महामारी से बहुत जल्द मुक्ति मिल जाएगी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने कोरोना वैक्सीन के लगभग नौ करोड़ डोज का ऑर्डर दिए हैं। उनके मलयेशिया पहुंचने के बाद महामारी पर काबू पा लिया जाएगा। मलयेशिया की आबादी सवा तीन करोड़ से कुछ ज्यादा है।


यासीन की सरकार यूनाइटेड मलय नेशनल ऑर्गनाइजेशन पार्टी के समर्थन वापस ले लेने के कारण गिरी। इस पार्टी के 11 सांसद हैं। यासीन का कहना है कि ये पार्टी चाहती थी कि सरकार कुछ अदालती मामलों को प्रभावित करे। इससे उन्होंने इनकार कर दिया। तब उसने समर्थन वापस ले लिया। मलयेशिया की संसद में कुल 220 सदस्य हैं। प्रधानमंत्री यासीन ने जुलाई 2022 में नए चुनाव कराने का वादा किया था। लेकिन उसके लगभग एक साल पहले ही बिना वैकल्पिक सरकार की सूरत साफ हुए उनकी सरकार गिर गई। इससे मलयेशिया राजनीतिक संकट में फंस गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed