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प्रशांत महासागर में मालाबार सैन्य अभ्यास का आगाज, चीन की बढ़ सकती है चिंता
Wed, 25 Sep 2019 11:01 AM IST
Priyesh Mishra
वर्ल्ड डेस्क, सासेबो
वर्ल्ड डेस्क, सासेबो
Published by: Priyesh Mishra
Updated Wed, 25 Sep 2019 11:01 AM IST
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Navy Joint Exercise
- फोटो : social media
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भारत-अमेरिका और जापान के बीच होने वाले मालाबार सैन्य अभ्यास के 23वें संस्करण की शुरूआत जापाक ने ससेबो शहर के समीप पश्चिमी प्रशांत महासागर में हो गई है। पूर्वी चीन सागर के समीप होने वाला यह सैन्य अभ्यास चीन के लिए बड़ा सिरदर्द साबित हो सकता है।
तीन देशों के इस युद्धाभ्यास में इस साल भी ऑस्ट्रेलिया को शामिल नहीं किया गया है। भारत और ऑस्ट्रेलिया अपने नौसैनिक संबंधों को और बेहतर बनाने के लिए इस साल अप्रैल महीने में विशाखापट्टनम में अलग से ऑसइंड एक्स नाम से एक नौसेना अभ्यास को आयोजित किया था। जिसमें दोनों देशों की नौसेनाओं ने भाग लिया था।
बता दें कि चीन पहले से ही समुद्र के इस हिस्से को अपना जलक्षेत्र मानता है और किसी भी प्रकार की सैन्य गतिविधि को सीधा अपनी संप्रभुता का उल्लंघन समझता है। माना जा रहा है कि चीन इस अभ्यास पर कड़ी प्रतिक्रिया दे सकता है। हालांकि भारत पहले से ही चीन सागर के किसी भी प्रकार के सैन्यीकरण के खिलाफ है।
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साल 2007 में बंगाल की खाड़ी में आयोजिक मालाबार नौसेनिक अभ्यास पर चीन ने आपत्ति जाहिर की थी क्योंकि इसमें भारत, अमेरिका और जापान के अलावा सिंगापुर-ऑस्ट्रेलिया भी हिस्सा लेने वाले थे। लेकिन, चीन के दबाव में ऑस्ट्रेलिया ने अंतिम समय में इस अभ्यास में आने से मना कर दिया। जिसके बाद से ऑस्ट्रेलिया के बार-बार अनुरोध करने के बावजूद भारत ने आज तक उसे इस अभ्यास में शामिल नहीं किया।
भारत की ओर से इस अभ्यास में 6100 टन वजनी आईएनएस सहयाद्रि, पनडुब्बी विध्वंसक आईएनएस किल्टन और पी8आई मैरीटाइम पेट्रोल एयरक्राफ्ट हिस्सा ले रहे हैं। यहग पहला मौका है जब जापान में भारत का पी8आई एयरक्राफ्ट पहुंचा है।
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तीन देशों के इस युद्धाभ्यास में इस साल भी ऑस्ट्रेलिया को शामिल नहीं किया गया है। भारत और ऑस्ट्रेलिया अपने नौसैनिक संबंधों को और बेहतर बनाने के लिए इस साल अप्रैल महीने में विशाखापट्टनम में अलग से ऑसइंड एक्स नाम से एक नौसेना अभ्यास को आयोजित किया था। जिसमें दोनों देशों की नौसेनाओं ने भाग लिया था।
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बता दें कि चीन पहले से ही समुद्र के इस हिस्से को अपना जलक्षेत्र मानता है और किसी भी प्रकार की सैन्य गतिविधि को सीधा अपनी संप्रभुता का उल्लंघन समझता है। माना जा रहा है कि चीन इस अभ्यास पर कड़ी प्रतिक्रिया दे सकता है। हालांकि भारत पहले से ही चीन सागर के किसी भी प्रकार के सैन्यीकरण के खिलाफ है।
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साल 2007 में बंगाल की खाड़ी में आयोजिक मालाबार नौसेनिक अभ्यास पर चीन ने आपत्ति जाहिर की थी क्योंकि इसमें भारत, अमेरिका और जापान के अलावा सिंगापुर-ऑस्ट्रेलिया भी हिस्सा लेने वाले थे। लेकिन, चीन के दबाव में ऑस्ट्रेलिया ने अंतिम समय में इस अभ्यास में आने से मना कर दिया। जिसके बाद से ऑस्ट्रेलिया के बार-बार अनुरोध करने के बावजूद भारत ने आज तक उसे इस अभ्यास में शामिल नहीं किया।
भारत की ओर से इस अभ्यास में 6100 टन वजनी आईएनएस सहयाद्रि, पनडुब्बी विध्वंसक आईएनएस किल्टन और पी8आई मैरीटाइम पेट्रोल एयरक्राफ्ट हिस्सा ले रहे हैं। यहग पहला मौका है जब जापान में भारत का पी8आई एयरक्राफ्ट पहुंचा है।