{"_id":"69c5e631c5ad0b15a8068b77","slug":"major-oil-spill-in-the-gulf-of-mexico-pollution-spread-over-600-kilometers-threat-to-marine-life-2026-03-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेक्सिको की खाड़ी में तेल का रिसाव: 600 किलोमीटर तक फैला प्रदूषण, सात प्राकृतिक रिजर्व प्रभावित","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
मेक्सिको की खाड़ी में तेल का रिसाव: 600 किलोमीटर तक फैला प्रदूषण, सात प्राकृतिक रिजर्व प्रभावित
Fri, 27 Mar 2026 07:36 AM IST
अमन तिवारी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मेक्सिको सिटी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मेक्सिको सिटी
Published by: अमन तिवारी
Updated Fri, 27 Mar 2026 07:36 AM IST
सार
मेक्सिको की खाड़ी में तेल रिसाव से 600 किलोमीटर का इलाका प्रदूषित हो गया है। इसमें एक अज्ञात जहाज और दो प्राकृतिक स्रोत शामिल हैं। इस घटना से सात प्राकृतिक रिजर्व और 17 मूंगा चट्टानों को नुकसान पहुंचा है। कछुए और मछलियों जैसे कई समुद्री जीव मारे गए हैं।
विज्ञापन
मेक्सिको की खाड़ी
- फोटो : एडोब स्टॉक
विस्तार
मेक्सिको की खाड़ी में मार्च की शुरुआत में तेल का भारी रिसाव हुआ। अब इसका प्रदूषण 600 किलोमीटर से ज्यादा बड़े इलाके में फैल गया है। मेक्सिकन अधिकारियों ने बताया कि यह रिसाव एक ऐसे जहाज से शुरू हुआ जिसकी पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। इसमें दो प्राकृतिक स्रोत भी शामिल हैं। इस घटना ने सात प्राकृतिक रिजर्व क्षेत्रों को अपनी चपेट में ले लिया है।
क्या बोले अधिकारी?
नौसेना सचिव एडमिरल रायमुंडो मोरालेस ने मीडिया वार्ता में बताया कि सैटेलाइट तस्वीरों और जांच से रिसाव के तीन मुख्य ठिकानों का पता चला है। पहला स्रोत वेराक्रूज राज्य के कोत्जाकोआल्कोस बंदरगाह के पास खड़ा एक जहाज है। इस जहाज की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है क्योंकि उस समय वहां 13 जहाज मौजूद थे। दूसरा स्रोत इसी बंदरगाह से 8 किलोमीटर दूर एक ऐसी जगह है जहाँ से कच्चा तेल प्राकृतिक रूप से निकलता है। तीसरा स्रोत कैम्पेचे की खाड़ी में स्थित एक और प्राकृतिक रिसाव वाली जगह है।
मोरालेस ने स्वीकार किया कि तेल का रिसाव अब भी जारी है। कैम्पेचे की खाड़ी में स्थित कंटारेल से सबसे ज्यादा रिसाव हो रहा है। यहां से प्राकृतिक रूप से तेल निकलता रहता है। हालांकि, पिछले महीने में प्रदूषकों का बहाव काफी ज्यादा रहा है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: West Asia Crisis: परिवहन बाधित होने से बढ़ा हीलियम संकट, चिप उद्योग प्रभावित; हाई-टेक उद्योगों पर भी सीधा असर
कई राज्यों के लंबे तट प्रभावित
इस रिसाव ने वेराक्रूज और टबैस्को राज्यों के 200 किलोमीटर लंबे तट को प्रभावित किया है। अब तक 430 टन हाइड्रोकार्बन इकट्ठा किया जा चुका है। मामले पर पर्यावरण सचिव एलिसिया बारसेना ने बताया कि इस रिसाव से वेराक्रूज और ताबास्को राज्यों के सात संरक्षित प्राकृतिक रिजर्व प्रभावित हुए हैं, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि हमें पर्यावरण को किसी भी तरह का गंभीर नुकसान होता हुआ नहीं दिखा है।
समुद्री जीवों को पहुंच रहा नुकसान
दूसरी तरफ, समुद्री संरक्षण के लिए काम करने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था ओशियाना ने अलग जानकारी दी है। संस्था ने बताया कि इस रिसाव से समुद्री कछुए, एक मैनेट (समुद्री गाय) और कई मछलियां मारी गई हैं। साथ ही 17 मूंगा चट्टानों (रीफ) को भी नुकसान पहुंचा है। पर्यावरण अधिकारियों ने भी माना कि समुद्री कछुए, पक्षी और मछलियों समेत छह प्रजातियां इस प्रदूषण से प्रभावित हुई हैं।
तेल का असर लॉस टक्सटलास बायोस्फीयर रिजर्व, वेराक्रूज रीफ सिस्टम नेशनल पार्क, लेचुगुइलास और टोटोनाकापन जैसे कई सुरक्षित क्षेत्रों में देखा गया है। टबैस्को के सेंटला वेटलैंड्स में भी सफाई का काम किया जा रहा है। बता दें कि इससे पांच महीने पहले भी वेराक्रूज में भारी बारिश और बाढ़ के कारण वेराक्रूज में ही एक पाइपलाइन टूट गई थी और तेल का रिसाव हुआ था, जो पैंटेपेक नदी के किनारे-किनारे 8 किलोमीटर तक फैल गया था।
अन्य विडियो-
विज्ञापन
क्या बोले अधिकारी?
नौसेना सचिव एडमिरल रायमुंडो मोरालेस ने मीडिया वार्ता में बताया कि सैटेलाइट तस्वीरों और जांच से रिसाव के तीन मुख्य ठिकानों का पता चला है। पहला स्रोत वेराक्रूज राज्य के कोत्जाकोआल्कोस बंदरगाह के पास खड़ा एक जहाज है। इस जहाज की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है क्योंकि उस समय वहां 13 जहाज मौजूद थे। दूसरा स्रोत इसी बंदरगाह से 8 किलोमीटर दूर एक ऐसी जगह है जहाँ से कच्चा तेल प्राकृतिक रूप से निकलता है। तीसरा स्रोत कैम्पेचे की खाड़ी में स्थित एक और प्राकृतिक रिसाव वाली जगह है।
विज्ञापन
मोरालेस ने स्वीकार किया कि तेल का रिसाव अब भी जारी है। कैम्पेचे की खाड़ी में स्थित कंटारेल से सबसे ज्यादा रिसाव हो रहा है। यहां से प्राकृतिक रूप से तेल निकलता रहता है। हालांकि, पिछले महीने में प्रदूषकों का बहाव काफी ज्यादा रहा है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: West Asia Crisis: परिवहन बाधित होने से बढ़ा हीलियम संकट, चिप उद्योग प्रभावित; हाई-टेक उद्योगों पर भी सीधा असर
कई राज्यों के लंबे तट प्रभावित
इस रिसाव ने वेराक्रूज और टबैस्को राज्यों के 200 किलोमीटर लंबे तट को प्रभावित किया है। अब तक 430 टन हाइड्रोकार्बन इकट्ठा किया जा चुका है। मामले पर पर्यावरण सचिव एलिसिया बारसेना ने बताया कि इस रिसाव से वेराक्रूज और ताबास्को राज्यों के सात संरक्षित प्राकृतिक रिजर्व प्रभावित हुए हैं, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि हमें पर्यावरण को किसी भी तरह का गंभीर नुकसान होता हुआ नहीं दिखा है।
समुद्री जीवों को पहुंच रहा नुकसान
दूसरी तरफ, समुद्री संरक्षण के लिए काम करने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था ओशियाना ने अलग जानकारी दी है। संस्था ने बताया कि इस रिसाव से समुद्री कछुए, एक मैनेट (समुद्री गाय) और कई मछलियां मारी गई हैं। साथ ही 17 मूंगा चट्टानों (रीफ) को भी नुकसान पहुंचा है। पर्यावरण अधिकारियों ने भी माना कि समुद्री कछुए, पक्षी और मछलियों समेत छह प्रजातियां इस प्रदूषण से प्रभावित हुई हैं।
तेल का असर लॉस टक्सटलास बायोस्फीयर रिजर्व, वेराक्रूज रीफ सिस्टम नेशनल पार्क, लेचुगुइलास और टोटोनाकापन जैसे कई सुरक्षित क्षेत्रों में देखा गया है। टबैस्को के सेंटला वेटलैंड्स में भी सफाई का काम किया जा रहा है। बता दें कि इससे पांच महीने पहले भी वेराक्रूज में भारी बारिश और बाढ़ के कारण वेराक्रूज में ही एक पाइपलाइन टूट गई थी और तेल का रिसाव हुआ था, जो पैंटेपेक नदी के किनारे-किनारे 8 किलोमीटर तक फैल गया था।
अन्य विडियो-
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन