France: 'यूक्रेन में बड़ी तादाद में नहीं होगी सैनिकों की तैनाती', राष्ट्रपति मैक्रों ने किया योजना का खुलासा
France: फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने यूक्रेन के लिए प्रस्तावित सैन्य सहायता बल की योजना का खुलासा किया। उन्होंने कहा कि युद्धविराम के बाद यूक्रेन में बड़ी संख्या में सैनिकों की तैनाती का विचार नहीं है। इसके बजाय, कुछ महत्वपूर्ण स्थानों पर सैनिकों की छोटी-छोटी टुकड़ियां तैनात की जाएंगी।
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फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने यूक्रेन के लिए सैन्य सहायता बल के कुछ संभावित योजना का खुलासा किया। इस बल को फ्रांस और ब्रिटेन अन्य देशों के साथ मिलकर तैयार कर रहे हैं। योजना के मुताबिक रूस के साथ युद्धविराम के बाद यूक्रेन में बहुत बड़ी संख्या में सैनिकों की तैनाती नहीं की जाएगी। इसके बजाय कुछ महत्वपूर्ण स्थानों पर सैनिकों की छोटी-छोटी टुकड़ियां तैनात की जाएंगी, ताकि यूक्रेन की रक्षा की जा सके।
ब्रिटेन की ओर से आयोजित एक ऑनलाइन सम्मेलन से पहले मैक्रों ने फ्रांसीसी मीडिया से बातचीत में कहा, फ्रांस-ब्रिटेन की योजना का मकसद यूक्रेन में बड़ी संख्या में सैनिकों की तैनाती करना नहीं है। इसके बजाय, इस योजना मं प्रमुख स्थानों पर सैनिकों की टुकड़ियां तैनात करने पर विचार किया जा रेेंहा है। मैक्रों के कार्यालय ने रिवार को कहा कि वह शुक्रवार रात को फ्रांसीसी क्षेत्रीय अखबारों के पत्रकारों के साथ हुए राष्ट्रपति के संवाद का रिकॉर्ड प्रदान नहीं कर सकता।
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'ला डेपेश डु मिडी' और 'ले पेरिसीयन' अखबारों के मुताबिक, फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने कहा कि बल में शामिल होने वाले देशों के हजारों सैनिक यूक्रेन के महत्वपूर्ण स्थानों पर तैनात करेंगे। उनके मिशन में सैनिकों को प्रशिक्षण प्रदान करना और यूक्रेनी रक्षा करना होगा, ताकि कीव के साथ दीर्घकालिक समर्थन जताया जता सके। 'ला डेपेश डु मिडी' की रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि नाटो के सदस्यों देशों से प्रस्ताविक सैनिकों की टुकड़ियां यूक्रेन के लिए सुरक्षा की गारंटी के रूप में काम करेंगी और कई यूरोपीय देशों ने इस प्रयास में शामिल होने की इच्छा जताई है।
वहीं, 'ले पेरिसीयन' ने मैक्रों के हवाले से कहा कि इस प्रकार की तैनाती के लिए मॉस्को की सहमति की जरूरत नहीं है। यूक्रेन एक संप्रभु देश है। अगर यह अपने क्षेत्र में सहयोगी सेनाओं को तैनात करने का अनुरोध करता है, तो यह रूस पर निर्भर नहीं है कि वह इसे स्वीकार करे या नहीं। स्टार्मर ने शनिवार की दो घंटे की ऑनलाइन बैठक के बाद रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को चुनौती दी कि अगर वह शांति को लेकर गंभीर हैं, तो वह यूक्रेन के खिलाफ अपनी युद्धविराम सहमति पर हस्ताक्षर करें। उन्होंने कहा कि सहयोगी देश क्रेमलिन पर दबाव बढ़ाते रहेंगे, जिसमें शांति स्थापना बल के लिए योजना को 'संचालन के चरण' में ले जाना शामिल है।
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