Republic Day: गणतंत्र दिवस पर लगा बधाइयों का तांता, जानें अमेरिका समेत किन-किन देशों ने दीं शुभकामनाएं
देशभर में जहां लोग एक-दूसरे को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दे रहे हैं, तो वहीं दुनियाभर में भारत के गणतंत्र के जश्न की खुशी है। अमेरिका समेत कई देशों ने भारत को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी हैं। अमेरिका की ओर से मिली शुभकामनाओं में कहा गया है कि वह दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की नींव के रूप में भारत के स्थायी महत्व को मान्यता देता है।
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देश के 76 वें गणतंत्र दिवस की चारों ओर धूम है। देशभर में जहां लोग एक-दूसरे को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दे रहे हैं, तो वहीं दुनियाभर में भारत के गणतंत्र के जश्न की खुशी है। अमेरिका समेत कई देशों ने भारत को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी हैं। अमेरिका की ओर से मिली शुभकामनाओं में कहा गया है कि वह दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की नींव के रूप में भारत के स्थायी महत्व को मान्यता देता है।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि भारत-अमेरिका के संबंध नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं। यह 21वीं सदी का निर्णायक संबंध होगा। रूबियो ने कहा कि मैं संयुक्त राज्य अमेरिका की ओर से भारत के लोगों को गणतंत्र दिवस की बधाई देता हूं। भारत के लोग संविधान को अपनाने का जश्न मनाते हैं। हम दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की नींव के रूप में इसके स्थायी महत्व को पहचानने में उसके साथ शामिल हैं। अमेरिका दोनों देशों के बीच सहयोग को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
रूबियो ने कहा कि अमेरिका-भारत के बीच साझेदारी लगातार नई ऊंचाइयां छू रही है। यह 21वीं सदी का अहम रिश्ता होगा। हमारे दोनों देशों के लोगों के बीच स्थायी मित्रता हमारे सहयोग का आधार है। यह हमें आगे बढ़ाएगी। हम आने वाले सालों में संबंधों को और मजबूत करने का आह्वान करते हैं। इसमें अंतरिक्ष अनुसंधान में हमारे प्रयासों को आगे बढ़ाना और एक स्वतंत्र, खुले और समृद्ध हिंद प्रशांत क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए क्वाड के भीतर समन्वय करना शामिल है।
बीजिंग में अधिकारियों और प्रवासी भारतीयों ने गणतंत्र दिवस मनाया। यहां भारत के राजदूत प्रदीप रावत ने राष्ट्रपति के भाषण के महत्वपूर्ण अंश पढ़े। चीन में भारतीय दूतावास ने एक्स पर लिखा कि राजदूत ने 76वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर बीजिंग में तिरंगा फहराया। उन्होंने दूतावास के अधिकारियों और बड़ी संख्या में समारोह में शामिल हुए भारतीय समुदाय के सदस्यों के समक्ष माननीय राष्ट्रपति का गणतंत्र दिवस संदेश भी पढ़ा। साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए।
श्रीलंका में भी दिखा उल्लास
कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग ने कहा कि गणतंत्र दिवस 2025 का जश्न मनाते हुए। कार्यवाहक उच्चायुक्त डॉ. सत्यंजल ने इंडिया हाउस में तिरंगा फहराया। श्रीलंका में भारतीय समुदाय के सदस्य देशभक्ति की भावना और विकसित भारत के संकल्प के साथ उत्सव में शामिल हुए। श्रीलंका नौसेना बैंड ने हमारी सांस्कृतिक निकटता का प्रदर्शन करते हुए भारतीय देशभक्ति की धुनें प्रस्तुत कीं। कार्यवाहक उच्चायुक्त सत्यंजल पांडे और अन्य अधिकारियों ने आईपीकेएफ स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
सिंगापुर में गणतंत्र का जश्न
सिंगापुर में उच्चायुक्त शिल्पक अंबुले के साथ 2500 प्रवासी भारतीय चांसरी में गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल हुए। अंबुले ने देश के नाम राष्ट्रपति का संदेश पढ़ा। इसमें प्रवासी भारतीयों को देश की प्रगति के बारे में जानकारी दी गई। भारतीय स्कूलों के छात्रों ने देशभक्ति के गीत गाए और पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किए।
फिलीपींस में लहराया तिरंगा
फिलीपींस में राजदूत हर्ष के. जैन ने इंडिया हाउस में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का संबोधन पढ़ा। यहां भारत को जानिए (बीकेजे) क्विज में फिलीपींस के शीर्ष प्रदर्शन करने वालों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इस समारोह में भारतीय समुदाय और भारत के मित्रों से लगभग 300 लोग शामिल हुए। इंडोनेशिया में भी भारतीय समुदाय और भारत के मित्रों ने गणतंत्र दिवस मनाया। जकार्ता स्थित भारतीय दूतावास ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, कमांडर ने तिरंगा फहराया। इसके बाद राष्ट्रगान हुआ और माननीय राष्ट्रपति का राष्ट्र के नाम संबोधन पढ़ा गया। इंडोनेशिया के मिशन उप प्रमुख बिजय सेल्वराज ने राष्ट्रमंडल युद्ध स्मारक, मेंटेंग पुलो जकार्ता में द्वितीय विश्व युद्ध के भारतीय शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
पुतिन ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर दी बधाई
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को हार्दिक बधाई दी। रूस के विदेश मंत्रालय ने इस बारे में जानकारी दी है। रूसी विदेश मंत्रालय ने लिखा कि 75 साल पहले लागू हुए संविधान ने प्रभावी राज्य संस्थानों के निर्माण और भारत के स्वतंत्र लोकतांत्रिक विकास की नींव रखी। तब से, आपके देश ने सामाजिक-आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी और अन्य क्षेत्रों में सार्वभौमिक रूप से मान्यता प्राप्त सफलताएं हासिल की हैं और अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र में अच्छी तरह से योग्य अधिकार प्राप्त किया है।