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भटकते मिले जापान के लापता नोबेल विजेता, पत्नी भी मृत मिलीं

Fri, 16 Mar 2018 09:56 AM IST
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Updated Fri, 16 Mar 2018 09:56 AM IST
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lost japanese 'nobel prize winner' ei-echi negishi found in illinois with his dead wife

अमेरिका ए-इची नेगिशी नामक एक जापानी नोबेल पुरस्कार विजेता लापता हो गए। लापता होने की रिपोर्ट दर्ज होने के नौ घंटे बाद रसायनशास्त्री को उत्तरी इलिनॉयस के ग्रामीण इलाके में भटकते हुए पाया गया जबकि उनकी पत्नी मृत अवस्था में मिली। दोनों अपने घर से 320 किमी दूर मिले। ए-इची नेगिशी को साल 2010 में रसायन क्षेत्र के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। 

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स्थानीय पुलिस ने कहा कि नोबेल पुरस्कार विजेता 82 वर्षीय ए-इची नेगिशी को मंगलवार सुबह 5 बजे इलिनॉइस के रॉकफोर्ड के पास भटकते हुए पाया गया था। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती करवाया गया। वहीं अधिकारियों को ओकार्ड हिल्स लैंडफिल के पास नेगिशी की कार और उनकी पत्नी सुमिरे नेगिशी का शव मिला। शेरिफ विभाग ने कहा कि सुमिरे के शव का पोस्टमॉर्टम किया जाना बाकी है, ताकि मौत का कारण पता चल सके। वहीं नेगिशी की तबीयत के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई।
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सोमवार को रात करीब आठ बजे इंडियाना प्रांत की पुलिस को रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। रिपोर्ट में कहा गया कि नोबेल पुरस्कार विजेता अपनी पत्नी के साथ लापता हो गए हैं। आखिरी बार उन्हें वेस्ट लाफयत में स्थित उनके घर पर देखा गया था। उनका घर पर्ड्यू यूनिवर्सिटी कैंपस के पास स्थित है। इसी यूनिवर्सिटी में नेगिशी रसायन के प्रोफेसर थे।  
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वह यहां करीब 30 साल से रिसर्चर हैं। पडर्यू के राष्ट्रपति मिच डेनाइल्स ने सुमिरे नेगिशी की मौत पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि सुमिरे ने सारी जिंदगी पूरी इमानदारी और प्यार से अपने पति का उनके करियर में साथ दिया। 

आपको बता दें कि ए-इची के साथ-साथ अन्य दो वैज्ञानिक रिचर्ड हेक और अकीरा सुजुकी को भी 2010 में नोबेल पुरस्कार मिला था। यह पुरस्कार इन तीनों वैज्ञानिकों को इसलिए दिया गया था क्योंकि इन्होंने एक ऐसी रसायन पद्धति विकसित की थी जिससे वैज्ञानिक कैंसर की दवाओं का परीक्षण करने और कंप्यूटर के पतले स्क्रीन बनाने में सक्षम हुए।


स्वीडीश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने पुरस्कार के जरिए इनकी खोज को सम्मानित किया था। यह पुरस्कार उन्हें कैटेलाइज्ड क्रॉस सिस्टम इन ऑर्गेनिक सिस्टम विकसित करने के लिए दिया गया था। जिसका दुनिया भर के अनुसंधानकर्ता प्रयोग करते हैं। 

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