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Liz Truss: ब्रिटेन की प्रधानमंत्री ने दिया इस्तीफा, पढ़िए पार्षद से कैसे PM के पद तक पहुंची थीं लिज ट्रस?
Thu, 20 Oct 2022 07:15 PM IST
हिमांशु मिश्रा
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु मिश्रा
Updated Thu, 20 Oct 2022 07:15 PM IST
सार
लिज ट्रस के पहले उनकी कैबिनेट के दो मंत्री भी इस्तीफा दे चुके हैं। इनमें वित्त मंत्री क्वासी क्वार्टेंग और गृह मंत्री सुएला ब्रेवरमैन शामिल हैं। दोनों के इस्तीफे के बाद से कयास लगाए जा रहे थे कि ट्रस भी ज्यादा दिन तक पद पर नहीं रहेंगी।
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लिज ट्रस
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
ब्रिटेन में एक बार फिर से राजनीतिक संकट गहराने लगा है। लिज ट्रस ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। वह मात्र 45 दिन ही पीएम पद पर रहीं। उन्होंने छह सितंबर 2022 को पीएम पद संभाला था। इसी के साथ लिज ट्रस ब्रिटेन के इतिहास में सबसे कम कार्यकाल वाली पीएम बन गईं। ट्रस से पहले टोरी पार्टी के जॉर्ज कैनिंग 1827 में 119 दिन तक प्रधानमंत्री पद पर रहे थे।
लिज ट्रस के पहले उनकी कैबिनेट के दो मंत्री भी इस्तीफा दे चुके हैं। इनमें वित्त मंत्री क्वासी क्वार्टेंग और गृह मंत्री सुएला ब्रेवरमैन शामिल हैं। दोनों के इस्तीफे के बाद से कयास लगाए जा रहे थे कि ट्रस भी ज्यादा दिन तक पद पर नहीं रहेंगी।
लिज ट्रस की जिंदगी भी काफी रोचक है। सरकारी स्कूल में पढ़ीं 47 साल की ट्रस के पिता गणित के प्रोफेसर और मां एक नर्स थीं। लेबर पार्टी समर्थक परिवार से आने वालीं ट्रस ने ऑक्सफोर्ड से दर्शन, राजनीति और अर्थशास्त्र की पढ़ाई की है।
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पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने कुछ समय के लिए अकाउंटेंट के रूप में भी काम किया। इसके बाद वह राजनीति में आ गईं। सबसे पहला चुनाव उन्होंने पार्षद का जीता था। परिवार लेबर पार्टी का समर्थक था, लेकिन ट्रस को कंजरवेटिव पार्टी की विचारधारा पसंद आई। ट्रस को राइट विंग का पक्का समर्थक माना जाता है।
2010 में ट्रस पहली बार सांसद चुनी गईं। ट्रस शुरुआत में यूरोपियन यूनियन से अलग होने के मुद्दे खिलाफ थीं। हालांकि, बाद में ब्रेक्जिट के हीरो बनकर उभरे बोरिस जॉनसन के समर्थन में आ गईं। ब्रिटिश मीडिया अक्सर पूर्व प्रधानमंत्री मार्गरेट थ्रेचर से उनकी तुलना करता है।
आइए ट्रस की पूरी कहानी जानते हैं। कैसे उन्होंने लेबर पार्टी का समर्थन करने वाले परिवार में जन्म लेकर कंजरवेटिव पार्टी को पकड़ा? कैसा रहा है उनका राजनीतिक कॅरियर?
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लिज ट्रस के पहले उनकी कैबिनेट के दो मंत्री भी इस्तीफा दे चुके हैं। इनमें वित्त मंत्री क्वासी क्वार्टेंग और गृह मंत्री सुएला ब्रेवरमैन शामिल हैं। दोनों के इस्तीफे के बाद से कयास लगाए जा रहे थे कि ट्रस भी ज्यादा दिन तक पद पर नहीं रहेंगी।
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लिज ट्रस की जिंदगी भी काफी रोचक है। सरकारी स्कूल में पढ़ीं 47 साल की ट्रस के पिता गणित के प्रोफेसर और मां एक नर्स थीं। लेबर पार्टी समर्थक परिवार से आने वालीं ट्रस ने ऑक्सफोर्ड से दर्शन, राजनीति और अर्थशास्त्र की पढ़ाई की है।
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पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने कुछ समय के लिए अकाउंटेंट के रूप में भी काम किया। इसके बाद वह राजनीति में आ गईं। सबसे पहला चुनाव उन्होंने पार्षद का जीता था। परिवार लेबर पार्टी का समर्थक था, लेकिन ट्रस को कंजरवेटिव पार्टी की विचारधारा पसंद आई। ट्रस को राइट विंग का पक्का समर्थक माना जाता है।
2010 में ट्रस पहली बार सांसद चुनी गईं। ट्रस शुरुआत में यूरोपियन यूनियन से अलग होने के मुद्दे खिलाफ थीं। हालांकि, बाद में ब्रेक्जिट के हीरो बनकर उभरे बोरिस जॉनसन के समर्थन में आ गईं। ब्रिटिश मीडिया अक्सर पूर्व प्रधानमंत्री मार्गरेट थ्रेचर से उनकी तुलना करता है।
आइए ट्रस की पूरी कहानी जानते हैं। कैसे उन्होंने लेबर पार्टी का समर्थन करने वाले परिवार में जन्म लेकर कंजरवेटिव पार्टी को पकड़ा? कैसा रहा है उनका राजनीतिक कॅरियर?
जन्म से शुरुआत करते हैं
लिज ट्रस का पूरा नाम मैरी एलिजाबेथ ट्रस है। इनका जन्म 26 जुलाई 1975 को इंग्लैंड के ऑक्सफोर्ड में हुआ था। पिता जॉन केनेथ और मां प्रिसिला मैरी ट्रस थीं। पिता लीड्स विश्वविद्यालय में गणित के प्रोफेसर, जबकि उनकी मां एक नर्स थीं। जब ट्रस चार साल की थीं, तब उनका परिवार स्कॉटलैंड शिफ्ट हो गया था। यहां उन्होंने शुरुआती पढ़ाई की। इसके कुछ साल बाद कनाडा शिफ्ट हो गईं। 1996 में ट्रस ने मेर्टन कॉलेज, ऑक्सफोर्ड से दर्शन, राजनीति और अर्थशास्त्र की पढ़ाई की है।
लिज ट्रस का पूरा नाम मैरी एलिजाबेथ ट्रस है। इनका जन्म 26 जुलाई 1975 को इंग्लैंड के ऑक्सफोर्ड में हुआ था। पिता जॉन केनेथ और मां प्रिसिला मैरी ट्रस थीं। पिता लीड्स विश्वविद्यालय में गणित के प्रोफेसर, जबकि उनकी मां एक नर्स थीं। जब ट्रस चार साल की थीं, तब उनका परिवार स्कॉटलैंड शिफ्ट हो गया था। यहां उन्होंने शुरुआती पढ़ाई की। इसके कुछ साल बाद कनाडा शिफ्ट हो गईं। 1996 में ट्रस ने मेर्टन कॉलेज, ऑक्सफोर्ड से दर्शन, राजनीति और अर्थशास्त्र की पढ़ाई की है।
कॉलेज के समय लिबरल डेमोक्रेट्स की नेता थीं ट्रस
मेर्टन कॉलेज में पढ़ाई के दौरान ट्रस लिबरल डेमोक्रेट्स पार्टी के लिए प्रचार करतीं थीं। वह ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी लिबरल डेमोक्रेट्स की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। इसके अलावा लिबरल डेमोक्रेट्स यूथ एंड स्टूडेंट्स की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सदस्य भी रहीं। छात्रनेता के रूप में ट्रस ने लेबर पार्टी के लिए खूब प्रचार भी किया। हालांकि, स्नातक खत्म होते-होते यानी 1996 में उन्होंने डेमोक्रेट्स छोड़कर कंजरवेटिव पार्टी जॉइन कर ली। तभी से वह इस पार्टी में हैं।
मेर्टन कॉलेज में पढ़ाई के दौरान ट्रस लिबरल डेमोक्रेट्स पार्टी के लिए प्रचार करतीं थीं। वह ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी लिबरल डेमोक्रेट्स की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। इसके अलावा लिबरल डेमोक्रेट्स यूथ एंड स्टूडेंट्स की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सदस्य भी रहीं। छात्रनेता के रूप में ट्रस ने लेबर पार्टी के लिए खूब प्रचार भी किया। हालांकि, स्नातक खत्म होते-होते यानी 1996 में उन्होंने डेमोक्रेट्स छोड़कर कंजरवेटिव पार्टी जॉइन कर ली। तभी से वह इस पार्टी में हैं।
ऐसे शुरु हुआ सियासी सफर
1996 से 2000 के बीच ट्रस ने शेल के लिए अकाउंटेंट के तौर पर काम किया। ब्रिटेन की टेलीकम्युनिकेशन कंपनी केबिल एंड वायरलेस में भी उन्होंने काम किया है। इस कंपनी में वह इकनॉमिक डायरेक्टर के पद तक पहुंची थीं। 2005 में उन्होंने कंपनी छोड़ दी। ट्रस ने 1998 और 2002 में ग्रीनविच लंदन बोरो काउंसिल इलेक्शन भी लड़ा, हालांकि दोनों में ही उन्हें हार मिली। चार मई 2006 को उन्होंने पहला चुनाव पार्षद के तौर पर जीता। इसके बाद 2010 में वह पहली बार सांसद चुनी गईं।
बताया जाता है कि जब वह सांसद का चुनाव लड़ रहीं थीं, तब उनके पिता ने इसलिए प्रचार करने से मना कर दिया क्योंकि ट्रस कंजरवेटिव पार्टी से थीं और वह लेबर पार्टी को पसंद करते थे। हालांकि मां ने जरूर ट्रस के लिए प्रचार किया। सांसद बनने के दो साल बाद वह शिक्षामंत्री भी बन गईं। बतौर शिक्षामंत्री उन्होंने कई बड़े काम किए। एक सर्वे करवाया, जिसमें मालूम चला कि 18 वर्ष तक केवल 20 प्रतिशत ब्रिटिश छात्र गणित पढ़ पाते हैं। ऐसे में उन्होंने पूर्णकालिक बच्चों के लिए गणित विषय अनिवार्य कर दिया। 2014 में उन्हें पर्यावरण मंत्री बनाया गया।
1996 से 2000 के बीच ट्रस ने शेल के लिए अकाउंटेंट के तौर पर काम किया। ब्रिटेन की टेलीकम्युनिकेशन कंपनी केबिल एंड वायरलेस में भी उन्होंने काम किया है। इस कंपनी में वह इकनॉमिक डायरेक्टर के पद तक पहुंची थीं। 2005 में उन्होंने कंपनी छोड़ दी। ट्रस ने 1998 और 2002 में ग्रीनविच लंदन बोरो काउंसिल इलेक्शन भी लड़ा, हालांकि दोनों में ही उन्हें हार मिली। चार मई 2006 को उन्होंने पहला चुनाव पार्षद के तौर पर जीता। इसके बाद 2010 में वह पहली बार सांसद चुनी गईं।
बताया जाता है कि जब वह सांसद का चुनाव लड़ रहीं थीं, तब उनके पिता ने इसलिए प्रचार करने से मना कर दिया क्योंकि ट्रस कंजरवेटिव पार्टी से थीं और वह लेबर पार्टी को पसंद करते थे। हालांकि मां ने जरूर ट्रस के लिए प्रचार किया। सांसद बनने के दो साल बाद वह शिक्षामंत्री भी बन गईं। बतौर शिक्षामंत्री उन्होंने कई बड़े काम किए। एक सर्वे करवाया, जिसमें मालूम चला कि 18 वर्ष तक केवल 20 प्रतिशत ब्रिटिश छात्र गणित पढ़ पाते हैं। ऐसे में उन्होंने पूर्णकालिक बच्चों के लिए गणित विषय अनिवार्य कर दिया। 2014 में उन्हें पर्यावरण मंत्री बनाया गया।
ये भी जानें
- यूरोपिय संघ से यूके के बाहर निकलने का पहले ट्रस ने विरोध किया था। इस प्रक्रिया को ब्रेक्जिट कहा जाता है। हालांकि, बाद में वह इसका समर्थन करने लगीं। ब्रेक्जिट के लिए 2016 में एक जनमत संग्रह हुआ था। इसमें 51.89 प्रतिशत लोगों ने ब्रेक्जिट का समर्थन किया था।
- 2016 में ट्रस को न्याय सचिव बनाया गया। 2017 में उन्हें ट्रेजरी प्रमुख का पद दे दिया। 2019 में जब जॉन बोरिसन प्रधानमंत्री बने तो लिज ट्रस को विदेश सचिव बना दिया गया।
- एक इंटरव्यू में लिज के भाई ने पुरानी बातों को याद किया है। इसमें उन्होंने बताया उनका परिवार क्लूडो और मोनोपोली जैसे बोर्ड गेम्स खेलना पसंद करता है। इसमें ट्रस भी खेलती थीं। हालांकि ट्रस को हारना पसंद नहीं रहता था। इसलिए जब भी उन्हें एहसास होता था कि वह गेम हार रहीं हैं तो बीच में ही छोड़ देती थीं।