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लीबिया सरकार ने किया संघर्ष विराम का एलान, चुनाव कराने की मांग भी तेज हुई
Sun, 23 Aug 2020 02:00 AM IST
Jeet Kumar
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काहिरा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काहिरा
Published by: Jeet Kumar
Updated Sun, 23 Aug 2020 02:00 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
लीबिया की संयुक्त राष्ट्र समर्थित सरकार ने तेल समृद्ध देश में संघर्ष विराम की घोषणा की है। इसी के साथ उसने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण शहर सर्ट के विसैन्यीकरण की मांग भी कर दी है।
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फिलहाल यह शहर प्रतिद्वंद्वी बलों के नियंत्रण में हैं। एक अलग बयान में प्रतिद्वंद्वियों के पूर्व में स्थित प्रतिनिधि सदन के अध्यक्ष एंगुयिला सालेह ने भी संघर्ष विराम की अपील की है। देश में चुनाव की मांग भी तेज हो गई है।
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लीहिया में संघर्ष विराम की यह घोषणा ऐसे समय में हुई जब नौ साल से चल रहे इस संघर्ष के और बढ़ जाने की आशंका जताई जा रही है। राजधानी में राष्ट्रीय समझौते की सरकार के प्रमुख फयाज सराज ने मार्च में संसदीय और राष्ट्रपति चुनाव कराने की भी घोषणा की है।
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दोनों ही प्रशासनों ने कहा है कि वे इस साल की शुरुआत से ही सैन्य कमांडर खलीफा हिफ्तर पक्ष की तरफ से तेल नाकेबंदी खत्म होते हुए देखना चाहते थे। हिफ्तर संसदीय अध्यक्ष के सहयोगी भी हैं। हालांकि संघर्ष विराम को लेकर हिफ्तर की सेना ने अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है लेकिन हिफ्तर ने जून में मिस्र द्वारा की गई ऐसी कोशिशों पर सहमति जताई थी।
2011 से जारी है युद्ध
पूर्वी लीबिया में हिफ्तर के वफादार ताकतवर कबीलों ने साल के शुरूआत में ही तेल निर्यात टर्मिनलों को बंद कर प्रमुख तेल पाइपलाइनें रोक दीं। 2011 में नाटो समर्थित विद्रोह के बाद यह देश अराजकता में घिर गया और तानाशाह मुअम्मर कद्दाफी को सत्ता से बेदखल कर उनकी हत्या कर दी गई। तब से यह देश पूर्वी और उत्तरी प्रशासनों में बंटा है। दोनों को ही सशस्त्र समूहों और विदेशी सरकारों का समर्थन हासिल है।