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लीबिया: भूमध्य सागर में शरणार्थियों से भरी नौका पलटने से 150 लोग लापता

Fri, 26 Jul 2019 11:32 AM IST
अजय सिंह वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: अजय सिंह Updated Fri, 26 Jul 2019 11:32 AM IST
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Libya: 150 people missing after a boat filled with refugees drowned in the Mediterranean Sea
migration (प्रताकात्मक तस्वीर) - फोटो : social media

लीबिया से यूरोप जाने के लिए भूमध्य सागर को पार करने की कोशिश कर रहे 150 से अधिक शरणार्थी भूमध्य सागर में डूबने से लापता हैं। गुरुवार को मिली जानकारी के अनुसार दो प्रवासी नौकाओं के डूबने की आशंका है। 

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लीबिया के कोस्टगार्ड के प्रवक्ता अयूब गसीम ने कहा है कि राजधानी त्रिपोली से लगभग 75 मील (120 किमी) पूर्व में लगभग 300 लोगों को ले जाने वाली दो नौकाओं के पलटने की सूचना मिली। जिसके बाद लगभग 137 लोगों को बचाया गया और उन्हें लीबिया वापस लाया गया। कोस्टगार्ड ने अब तक एक शव बरामद किया है।
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यूरोप में गर्मियों में पलायन चरम पर होता है क्योंकि समुद्र शांत होता हैं जिस कारण हजारों शरणार्थी यूरोप जाने की कोशिश करते हैं। इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन ने बताया कि 2019 में अब तक समुद्र के रास्ते यूरोप में जाने वाले 37,555 लोगों को रिकॉर्ड किया गया है जबकि 8,007 लोग जमीन के रास्ते से यूरोप की तरफ पलायन कर चुके हैं।
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शरणार्थियों को लेकर संयुक्त राष्ट्र के उच्चायुक्त ने कहा है कि यूरोप जाने वाले रास्ते पर होने वाली मौतों की संख्या साल के शुरुआत में 164 थी जो  पिछले वर्ष की तुलना में कम हैं। लेकिन संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि पहले की तुलना में यूरोप की यात्रा अधिक खतरनाक हो रही है, जिसके कारण यूरोप पहुंचने से पहले समुद्र में चार में से एक व्यक्ति की मृत्यु होती है। 

2011 में लीबिया में हुई तानाशाह मुअम्मर गद्दाफी की हत्या के बाद से शुरू हुए गृह युद्ध के कारण लीबिया से एक विशाल पलायन यूरोप की तरफ शुरू हुआ जो आज भी जारी है। 

यूरोपीय नेताओं ने लीबिया के तटरक्षकों और अन्य लीबियाई सेनाओं के साथ मिलकर भूमध्य सागर में नौकाओें के प्रवाह को कम करने के प्रयास किए हैं। राइट्स ग्रुप्स ने कहा कि नीतियों के चलते प्रवासियों को क्रूर सशस्त्र समूहों की दया पर छोड़ दिया जाता है जहां उन्हें अमान्य हिरासत केंद्रों में भेज दिया जाता है जहां पर पर्याप्त भोजन और पानी की कमी होती है। 

यूएनएचसीआर के एक प्रवक्ता, चार्ली यक्सले ने कहा कि यह भयावह घटना एक बार फिर से उजागर करती है कि भूमध्यसागर में हो रहे पलायन की स्थिति के लिए एक बदलाव की सख्त जरूरत है। समुद्र में जाने से पहले लोगों को रोके जाने की तत्काल कारवाई की जरुरत है साथ ही लोगों को सुरक्षित और कानूनी विकल्प भी प्रदान करना होगा।

मानव अधिकार वॉच में यूरोप और मध्य एशिया के सहयोगी जूडिथ सुंदरलैंड ने कहा है कि इन अथक त्रासदियों से हमेशा इतना भयानक परिणाम निकलता है कि इन्हें रोका जाना चाहिए।

हजारों लोग हर साल भूमध्य सागर पार कर यूरोप जाने का प्रयास करते हैं और इस प्रयास के लिए लीबिया एक मुख्य केंद्र हैं जहां से प्रवासी यूरोप की तरफ जाते हैं। यात्रा करने वाले लोग अक्सर खराब रखरखाव और भीड़भाड़ वाले जहाजों से सफर करते हैं जिसके चलते कई लोग मारे जाते हैं।


लेकिन 2017 के मध्य से, यूरोप जाने वाले प्रवासियों की संख्या में नाटकीय रुप से गिरावट दर्ज हुई है। यह गिरावट इसलिए देखी जा रही है क्योंकि इटली ने लीबिया के सेनाओं को प्रवासियों के रोके जाने का आदेश दिया है। 

2019 के पहले तीन महीनों में, कुछ 15,900 शरणार्थी और प्रवासी भूमध्यसागरीय मार्गों से यूरोप पहुंचे हैं।

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