फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   large number of candidates won the Republican primary who believe in conspiracy theory and a far-right agenda of donald trump

MAGA Movement: अमेरिका के सामने नई चुनौती, अब आने जा रहा है धुर-दक्षिपंथ का दौर

Tue, 28 Jun 2022 04:55 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: Harendra Chaudhary Updated Tue, 28 Jun 2022 04:55 PM IST
सार

रिपब्लिकन प्राइमरी में बड़ी संख्या में ऐसे उम्मीदवार विजयी हुए हैं, जो षड्यतंत्र के सिद्धांतों (कॉन्सपाइरेसी थ्योरी) और धुर दक्षिणपंथी एजेंडे में यकीन करते हैं। इनमें ज्यादातर उम्मीदवार पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थक हैं। ये उम्मीदवार अब पार्टी की तरफ से अगले नवंबर में सीनेट, हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव, राज्यों के गवर्नर, और राज्यों की विधायिका के लिए चुनाव मैदान में उतरेंगे...

विज्ञापन
large number of candidates won the Republican primary who believe in conspiracy theory and a far-right agenda of donald trump
यूएस सीनेट - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

अगले नवंबर में अमेरिका में होने वाले मध्य अवधि के चुनाव (मिडटर्म्स) के लिए रिपब्लिकन पार्टी की प्राइमरी (उम्मीदवार चुनने के लिए मतदान) में जीतने वाले धुर दक्षिणपंथी उम्मीदवारों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इससे खुद रिपब्लिकन पार्टी का पारंपरिक नेतृत्व परेशान है। पार्टी के पुराने नेताओं के अगले नवंबर के बाद अप्रासंगिक हो जाने का अंदेशा लगातार बढ़ रहा है।

विज्ञापन


रिपब्लिकन प्राइमरी में बड़ी संख्या में ऐसे उम्मीदवार विजयी हुए हैं, जो षड्यतंत्र के सिद्धांतों (कॉन्सपाइरेसी थ्योरी) और धुर दक्षिणपंथी एजेंडे में यकीन करते हैं। इनमें ज्यादातर उम्मीदवार पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थक हैं। ये उम्मीदवार अब पार्टी की तरफ से अगले नवंबर में सीनेट, हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव, राज्यों के गवर्नर, और राज्यों की विधायिका के लिए चुनाव मैदान में उतरेंगे। इनमें से बहुत से उम्मीदवार कंजरवेटिव माने जाने वाली सीटों के लिए चुनाव लड़ेंगे, जहां उनके जीतने की संभावना काफी मजबूत है।

विज्ञापन

मागा आंदोलन का बढ़ रहा प्रभाव

प्राइमरी में ट्रंप समर्थकों को मिली सफलता को इस बात का संकेत माना गया है कि रिपब्लिकन पार्टी में ट्रंप के मागा (‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’) आंदोलन का प्रभाव बढ़ता जा रहा है। जो उम्मीदवार जीते हैं, उनकी रिपब्लिकन पार्टी के परंपरागत नेतृत्व के प्रति कोई निष्ठा नहीं है। बल्कि वाशिंगटन में विजयी हुए लॉरेन कल्प और जो केंट जैसे उम्मीदवारों ने खुलकर हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव में रिपब्लिकन पार्टी के नेता केविन मैकार्थी के प्रति अपनी नापसंदगी जताई है। उधर मैकार्थी इन उम्मीदवारों की सार्वजनिक आलोचना करने से बचते रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन


वेबसाइट एक्सियोस.कॉम ने अपने एक विश्लेषण में कहा है कि जब ये उम्मीदवार चुन कर आ जाएंगे, तब मैकार्थी के लिए उन पर नियंत्रण रख पाना मुश्किल हो जाएगा। अभी भी मारजोरी टेलर ग्रीन, पॉल गोसार, लॉरेन बोयबेर्ट, और मेडिसन काउथॉर्न जैसे सांसद सदन में हैं, जो पार्टी नेतृत्व के निर्देशों की अवहेलना करते हैं। अब ऐसे सदस्यों की संख्या काफी बढ़ जाने की संभावना है। समझा जाता है कि उस परिस्थिति में राष्ट्रपति जो बाइडेन के लिए शासन करना और कठिन हो जाएगा।

धुर दक्षिणपंथी सदस्यों से है ये समस्या

ये आम तौर पर माना जा रहा है कि नवंबर के चुनावों के बाद सीनेट और प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेटिक पार्टी का बहुमत नहीं रह जाएगा। महंगाई और चुनावी वादे पूरे करने में राष्ट्रपति की नाकामी के कारण डेमोक्रेटिक पार्टी की लोकप्रियता तेजी से गिरी है। विश्लेषक क्रिस्टल बॉल ने कहा है कि चुनावी वादों को लेकर राष्ट्रपति की अगंभीरता ने डेमोक्रेटिक पार्टी ने अपने समर्थकों को बिखरने पर मजबूत कर दिया है। ऐसे में पार्टी के सिर पर हार मंडरा रही है।



विश्लेषक अलायना ट्रीन के मुताबिक धुर दक्षिणपंथी रिपब्लिकन सदस्यों का समर्थन बढ़ने के बाद रिपब्लिकन नेतृत्व के लिए महत्त्वपूर्ण विधेयकों पर बाइडन प्रशासन से सहयोग करना कठिन हो जाएगा। इससे आम प्रशासन में रुकावट आएगी। एक रिपब्लिकन सांसद ने वेबसाइट एक्सियोस से कहा- ‘धुर दक्षिणपंथी सदस्य अपने रुख पर अड़े रहने के लिए जाने जाते हैं। जबकि बाइडन भले राष्ट्रपति हों, लेकिन सरकारी बजट जैसे बिल पारित कराने के लिए उन्हें हमारी मदद की जरूरत होगी। ऐसे मौकों पर सौदेबाजी से काम चलता है। लेकिन धुर दक्षिणपंथी सदस्य ऐसी सौदेबाजियों में दिलचस्पी नहीं रखते।’ इसीलिए कई जानकार मागा आंदोलन के बढ़ रहे असर को अमेरिका के लिए खतरनाक संकेत मानते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed