फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   kulbhushan jadhav icj verdict international court of justice judges list

कुलभूषण जाधव मामलाः क्या है अंतरराष्ट्रीय न्यायालय और किन जजों ने सुनाया फैसला

Wed, 17 Jul 2019 08:16 PM IST
अमर शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: अमर शर्मा Updated Wed, 17 Jul 2019 08:16 PM IST
विज्ञापन
kulbhushan jadhav icj verdict international court of justice judges list
अंतरराष्ट्रीय न्यायालय - फोटो : PTI

भारत-पाकिस्तान के विवादों के बीच 17 जुलाई का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ। नीदरलैंड के हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय अदालत (आईसीजे) पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव के मामले में फैसला सुनाया जिसमें पाकिस्तान को झटका लगा है और भारत की बड़ी जीत हुई है।


loader

आईसीजे की कानूनी सलाहकार रीमा उमर ने ट्वीट करके बताया कि अदालत ने कुलभूषण की फांसी पर रोक लगा दी है। उमर के मुताबिक भारत को कॉन्सुलर एक्सेस दिया गया है और पाकिस्तान के फैसले पर पुनर्विचार होगा। आईसीजे में 15-1 से भारत के पक्ष में फैसला आया। इस मामले पर इस साल 18 से 21 फरवरी तक कोर्ट में खुली सुनवाई भी हो चुकी है।

आईसीजे में फैसले की घड़ी के दौरान पाकिस्तान के अटॉर्नी जनरल के नेतृत्व में कानूनी विशेषज्ञों की एक टीम हेग में मौजूद रही। इसमें पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता डॉ मोहम्मद फैसल भी शामिल थे। इस फैसले पर भारत और पाकिस्तान की निगाहें टिकी हुई थीं। आईसीजे में कुलभूषण जाधव केस में सुनवाई करने वाले 16 जज में एक भारतीय और एक पाकिस्तान जज भी शामिल है। आइए, जानते हैं इस केस में फैसले देने वाले सभी 16 जजों के बारे में।

जज पीटर टॉमका

स्लोवाकिया के जज पीटक टॉमका कुलभूषण जाधव मामले की सुनवाई कर रहे पैनल में सबसे वरिष्ठ हैं। टॉमका संयुक्त राष्ट्र में स्लोवाकिया के राजदूत भी रह चुके हैं। वह साल 2003 में आईसीजे से जुड़े हुए हैं। टॉमका साल 2012 से 2015 तक आईसीजे के अध्यक्ष थे। वह आईसीजे के उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय मामलों को देखने का उन्हें खासा लंबा अनुभव है।

अब्दुलकवी अहमद यूसुफ, आईसीजे अध्यक्ष

सोमालिया के अब्दुलकवी अहमद यूसुफ फरवरी 2018 में आईसीजे के अध्यक्ष चुने गए थे। यूसुफ 2009 से आईसीजे के सदस्य हैं। इससे पहले वे युनेस्को में कानूनी सलाहकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं। जानकारी के मुताहिक कुलभूषण जाधव मामले में अब्दुलकवी अहमद यूसुफ ही फैसला पढ़कर सुनाएंगे।

शू हांकिन, आईसीजे उपाध्यक्ष 

चीन की शू हांकिन जून 2010 से आईसीजे की सदस्य हैं। साल 2012 में उन्हें दोबारा चुना गया था। उन्हें 6 फरवरी 2018 में आईसीजे की उपाध्यक्ष चुना गया। हांकिन चीन के कानूनी विधि विभाग की प्रमुख और नीदरलैंड में चीन की राजदूत थीं। 

जज रॉनी अब्राहम

कुलभूषण जाधव का केस जब अंतरराष्ट्रीय अदालत पहुंचा तब फ्रांस के जज रॉनी अब्राहम आईसीजे के अध्यक्ष थे। जज रॉनी फ्रांस के विदेश मंत्रालय में कानूनी सलाहकार हैं। अब्राहम इस कोर्ट से साल 2005 से जुड़े हुए हैं। वे साल 2015 से 2018 तक आईसीजे के अध्यक्ष थे। उन्हें 6 फरवरी 2018 में एक बार फिर चुना गया।

जस्टिस दलवीर भंडारी

जस्टिस दलवीर भंडारी अंतरराष्ट्रीय अदालत में इकलौते भारतीय जज हैं, जो कुलभूषण जाधव मामले की सुनवाई में शामिल हैं। जस्टिस भंडारी 2012 से आईसीजे के सदस्य हैं। भंडारी फरवरी 2018 में दोबारा आईसीजे के सदस्य चुने गए। भंडारी भारत के सर्वोच्च न्यायालय में जज रह चुके हैं। 

जज एंटोनियो ऑगस्टो ट्रिनडाडे

ब्राजील के एंटोनियो ऑगस्टो ट्रिनडाडे साल 2009 से आईसीजे के सदस्य हैं। उन्हें फरवरी 2018 में दोबारा चुना गया। साल 2017 में जज ट्रिनेड ने जज दलवीर भंडारी के फैसले के साथ सहमति जताई थी। कुलभूषण जाधव मामले में यह सकारात्मक खबर है। 

जज जेम्ल रिचर्ड क्रॉफोर्ड

ऑस्ट्रेलिया के जज जेम्ल रिचर्ड क्रॉफोर्ड भारत के खिलाफ 2 बार पैरवी कर चुके हैं। उन्होंने एक बार भारत बनाम पाकिस्तान किशनगंगा डैम विवाद में क्रॉफोर्ड पाकिस्तान की तरफ से और दूसरी बार मैरिटाइम बाउंड्री विवाद में बांग्लादेश की तरफ से भारत के खिलाफ पैरवी की। हालांकि कुलभूषण जाधव केस में वह जज की भूमिका में हैं। क्रॉफोर्ड 2015 से अंतरराष्ट्रीय कोर्ट के सदस्य हैं।

जज मोहम्मद बेनौना

मोरक्को के जज मोहम्मद बेनौना साल 2006 से आईसीजे के सदस्य हैं। बेनौना साल 2001 से लेकर 2006 तक संयुक्त राष्ट्र में मोरक्को के स्थाई प्रतिनिधि थे। बेनौना को साल 2015 में एक बार फिर चुना गया। 

जज जोआन ई डोनोह्यू

अमेरिका की जज जोआन ई डोनोह्यू साल 2010 से आईसीजे की सदस्य हैं। वह 2015 में एक बार फिर चुनी गईं थीं। जज डोनोह्यू अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट का हिस्सा भी रही हैं। डोनाह्यू अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा को अंतरराष्ट्रीय कानून पर सलाह देती थीं। 

जज जॉर्जिओ गजा

इटली के जज जॉर्जिओ गजा फरवरी 2012 से आईसीजे के सदस्य हैं। गजा इटली सरकार की तरफ से आईसीजे में अधिवक्ता के तौर पर भी जा चुके हैं। गजा अंतरराष्ट्रीय कानून आयोग के सदस्य भी रह चुके हैं। 

जज पैट्रिक लिप्टन रॉबिंसन

जमैका के जज पैट्रिक लिप्टन रॉबिंसन फरवरी 2015 से आईसीजे के सदस्य हैं। रॉबिंसन 26 सालों तक संयुक्त राष्ट्र के छठे कानूनी समिति के सदस्य रहे हैं। इसके अलावा भी वह कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के सदस्य रह चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय मामलों में उनका अनुभव खासा पुराना है।

जज जूलिया सेबुटिंडे

युगांडा की जज जूलिया सेबुटिंडे वहां हाई कोर्ट की जज रह चुकीं हैं। वह साल 2012 से आईसीजे की सदस्य हैं। जूलिया कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की सदस्य भी रह चुकी हैं।

जज किरिल गेवोर्जिअन

रूस फेडरेशन की जज किरिल आईसीजे के साल 2015 से सदस्य हैं। किरिल रूस की तरफ से आईसीजे में कई बार एजेंट के तौर पर प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।

तस्सदुक हुसैन जिलानी

पाकिस्तान ने जज तस्सदुक को जाधव केस में एक एड-हॉक जज के तौर पर नियुक्त किया है। दरअसल नियमों के अनुसार ऐसा एक देश तभी करता है, जब उसका कोई भी जज सुनवाई कर रही पीठ में नहीं होता है। जिलानी पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश के तौर पर एक साल काम कर चुके हैं।

जज नवाज सलाम

लेबनान के जज सलाम अंतरराष्ट्रीय कोर्ट के सबसे नए सदस्य हैं। साल 2007 से 2017 तक वह संयुक्त राष्ट्र में लेबनान के राजदूत और स्थायी सदस्य रह चुके हैं। उन्हें 6 जनवरी 2018 को आईसीजे के जज के तौर पर चुना गया था।

जज यूजी इवसावा

जाधव मामले कि सुनवाई कर रही पीठ में सबसे नए जजों में से एक जापान के जज यूजी इवसावा मानवाधिकारों के दुनिया में सबसे बड़े महारथियों में से एक हैं। 

आईसीजे काम कैसे करता है

आईसीजे को संयुक्त राष्ट्र के चार्टर द्वारा जून 1945 में स्थापित किया गया था और इसने अप्रैल 1946 में काम करना शुरू किया था। यह संयुक्त राष्ट्र (यूएन) का प्रमुख न्यायिक हिस्सा है। अंतरराष्ट्रीय न्यायालय का मुख्यालय नीदरलैंड के हेग में शांति पैलेस में है। 

यह अदालत जासूसी के आरोप में पाकिस्तान में बंद कुलभूषण जाधव के मामले की सुनवाई कर रहा है। पाकिस्तान की अदालत ने कुलभूषण को जासूसी के आरोप में मौत की सजा सुनाई है। इसके विरोध में भारत ने अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में मुकदमा दायर किया है। 

अंतराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) संयुक्त राष्ट्र के छह प्रमुख अंगों में से, एकमात्र ऐसा अंग है जो कि न्यूयॉर्क (अमेरिका) में स्थित नहीं है। इसका अधिवेशन छट्टियों को छोड़कर हमेशा चालू रहता है। इस न्यायालय के प्रशासन में होने वाले खर्च को संयुक्त राष्ट्र संघ उठाता है। 

आईसीजे में कितने जज हैं

अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में 15 न्यायाधीश हैं, जो संयुक्त राष्ट्र महासभा और सुरक्षा परिषद द्वारा नौ साल के कार्यकाल के लिए चुने जाते हैं और इनको दोबारा भी चुना जा सकता है। हर तीसरे साल इन 15 न्यायाधीशों में से पांच दोबारा चुने जा सकते है। न्यायाधीशों की नियुक्ति के संबंध में अहम शर्त यह होती है कि दो न्यायधीश एक देश से नहीं चुने जा सकते हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed