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खालिस्तान: कनाडा से फंडिंग की आशंका, एनआईए की चार सदस्यीय टीम पहुंची जांच के लिए
Fri, 05 Nov 2021 08:34 PM IST
सुरेंद्र जोशी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Fri, 05 Nov 2021 08:34 PM IST
सार
मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि एनआईए की तीन सदस्यीय टीम चार दिनों के दौरे पर कनाडा गई है। सिख फॉर जस्टिस जैसे खालिस्तान समर्थक संगठनों पर आरोप है कि उनकी ओर से कुछ एनजीओ को फंडिंग की जा रही है ताकि वे खालिस्तान बनाने के लिए काम करें।
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NIA (सांकेतिक तस्वीर)
विस्तार
खालिस्तान समर्थक संगठनों को कनाडा से वित्तीय मदद मिलने की आशंका के बीच एनआईए की एक टीम जांच के लिए वहां पहुंची है।
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मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि एनआईए की तीन सदस्यीय टीम चार दिनों के दौरे पर कनाडा गई है। सिख फॉर जस्टिस जैसे खालिस्तान समर्थक संगठनों पर आरोप है कि उनकी ओर से कुछ एनजीओ को फंडिंग की जा रही है ताकि वे खालिस्तान बनाने के लिए काम करें। इस मामले की जांच के लिए जो टीम कनाडा पहुंची है, उसमें आईजी लेवल का एक अधिकारी भी शामिल है।
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ये संगठन हैं रडार पर
एनआईए के रडार पर सिख फॉर जस्टिस के अलावा बब्बर खालसा इंटरनेशनल, खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स, खालिस्तान टाइगर फोर्स जैसे संगठन भी हैं। इन संगठनों को कनाडा, ब्रिटेन, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस और जर्मनी के रास्ते फंडिंग मिलने का संदेह है।
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किसानों को भड़काने के लिए इनाम का एलान किया था
एनआईए इसी कड़ी की जांच का जिम्मा संभाले हुए है। कनाडा पहुंची टीम इसी साल की शुरुआत में सिख फॉर जस्टिस नाम के संगठन ने दिल्ली की सीमा पर आंदोलन कर रहे किसानों को भड़काने के लिए इनाम का एलान किया गया था। एलान के तहत कहा गया था कि जो शख्स 26 जनवरी के मौके पर लाल किले पर खालिस्तान का झंडा फहराएगा, उसे ढाई लाख डॉलर का इनाम दिया जाएगा। यही नहीं इस संगठन से जुड़े आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने एक वीडियो में किसान आंदोलन को 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों से जोड़ने का भी प्रयास किया था। बता दें कि किसानों के आंदोलन से पहले भी इंटरनेशनल लिंक जुड़े होने के आरोप लगे थे और इस पर विवाद छिड़ा था।