फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Khadim Hussain Rizvi dies at 54, whose anti-blasphemy protests paralysed Islamabad in 2018

पाकिस्तान: अपने प्रदर्शनों से इमरान की नींद उड़ाने वाले मौलाना खादिम हुसैन रिजवी का निधन

Fri, 20 Nov 2020 02:19 PM IST
अनवर अंसारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: अनवर अंसारी Updated Fri, 20 Nov 2020 02:19 PM IST
विज्ञापन
Khadim Hussain Rizvi dies at 54, whose anti-blasphemy protests paralysed Islamabad in 2018
मौलाना खादिम हुसैन रिजवी (फाइल फोटो) - फोटो : social media

पाकिस्तान के चरमपंथी धार्मिक समूह तहरीक-ए-लब्बैक (टीएलपी) के मुखिया खादिम हुसैन रिजवी का गुरुवार को निधन हो गया। रिजवी ने पााकिस्तान के अति-रूढ़िवादी ईशनिंदा कानूनों में सुधारों का विरोध करने के लिए 2017 में टीएलपी की स्थापना की थी। हाल के दिनों में उन्होंने फ्रांस के खिलाफ प्रदर्शनों का आयोजन भी किया था। 

विज्ञापन


टीएलपी के प्रवक्ता पीर एजाज अशरफी ने बताया कि 54 वर्षीय खादिम हुसैन रिजवी की लाहौर के एक अस्पताल में बुखार के चलते मौत हो गई। हालांकि, अधिकारियों ने फायरब्रांड मौलवी की मौत का कारण नहीं बताया। 
विज्ञापन


फ्रांस के खिलाफ किया था जबरदस्त प्रदर्शन
हाल के दिनों में फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने बोलने की आजादी को अधिकार बताते हुए इस्लाम की आलोचना का समर्थन किया था। इसके बाद रिजवी ने पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में फ्रांस के विरोध में हुए प्रदर्शनों का नेतृत्व किया और देश से फ्रांस के राजदूत को निष्कासित करने की मांग की। रिजवी को पाकिस्तान भर में व्यापक रूप से जाना जाता था, विशेष रूप से देश के सबसे अधिक आबादी वाले प्रांत पंजाब में। 
विज्ञापन
विज्ञापन


ईशनिंदा कानून में सुधार के खिलाफ रहे मौलाना
खादिम हुसैन रिजवी ने मुमताज कादरी की फांसी का विरोध करने के लिए टीएलपी की स्थापना की थी। दरअसल, कादरी ने पंजाब के गवर्नर की साल 2011 में सिर्फ इसलिए हत्या कर दी थी, क्योंकि उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान के कठोर ईशनिंदा कानून में कुछ सुधार होने चाहिए। 

ईशनिंदा रूढ़िवादी पाकिस्तान में एक बेहद संवेदनशील मुद्दा है, जहां कानूनों में इस्लाम या इस्लामी प्रतीकों का अपमान करने के लिए किसी को भी मृत्युदंड दिए जाने की अनुमति है।

आसिया बीबी के बरी होने पर इस्लामाबाद में किया था व्यापक प्रदर्शन
रिजवी के नेतृत्व में, टीएलपी और उनके अनुयायियों ने देशभर में हिंसक प्रदर्शन किए। ऐसा ही एक प्रदर्शन साल 2018 में किया गया, जब पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने ईशनिंदा के एक मामले में आसिया बीबी नाम की एक ईसाई महिला को आरोपों से बरी कर दिया था। इसके बाद रिजवी द्वारा आयोजित किए गए प्रदर्शनों के कारण इस्लामाबाद में बंद जैसा माहौल हो गया था।  


इमरान ने जताई संवेदना
रिजवी के मौत की खबर सुनते ही उनके अनुयायी लाहौर पहुंचने लगे हैं। पाकिस्तान के धार्मिक मामलों के मंत्री पीर नूर-उल-हक कादरी ने एक बयान में कहा कि रिजवी की मौत से राष्ट्र ने एक महान धार्मिक विद्वान खो दिया। वहीं, प्रधानमंत्री इमरान खान ने ट्वीट कर अपनी संवेदना व्यक्त की।  

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed