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Man Made His Own Plane: लॉकडाउन में केरल के शख्स ने बनाया खुद का प्लेन, परिवार संग यूरोपीय देश घूम रहा
Wed, 27 Jul 2022 08:22 PM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
Published by: निर्मल कांत
Updated Wed, 27 Jul 2022 08:22 PM IST
सार
रिपोर्ट्स के मुताबिक, चार सीटों वाले विमान मॉडल 'स्लिंग टीएसआई' का नाम 'जी-दीया' रखा गया है, जिसमें दीया उनकी छोटी बेटी का नाम है। थमारक्षन अपनी मास्टर डिग्री हासिल करने के लिए 2006 में यूके गए थे और अभी वह फोर्ड मोटर कंपनी के लिए काम कर रहे हैं।
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केरल के शख्स ने बनाया खुद का प्लेन
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
केरल के एक शख्स अशोक अलीसेरिल थमारक्षन ने चार सीटों वाला हवाई जहाज बनाया। इसे बनाने में उन्हें 18 महीने का वक्त लगा। अब वह खुद के बनाए हुए विमान से परिवार संग यूरोपीय देशों की यात्रा कर रहे हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, चार सीटों वाले विमान मॉडल 'स्लिंग टीएसआई' का नाम 'जी-दीया' रखा गया है, जिसमें दीया उनकी छोटी बेटी का नाम है। पलक्कड़ इंजीनियरिंग कॉलेज से बीटेक करने के बाद थमारक्षन अपनी मास्टर डिग्री हासिल करने के लिए 2006 में यूके गए थे और अभी वह फोर्ड मोटर कंपनी के लिए काम कर रहे हैं। वह पूर्व विधायक ए.वी.थमारक्षन के बेटे हैं।
खुद के बनाए प्लेन से थमाक्षरन परिवार के साथ अब तक जर्मनी, ऑस्ट्रिया और चेक गणराज्य की यात्रा कर चुके हैं। उनके पास पायलेट का लाइसेंस है।
विमान बनाने के विचार कैसे आया?
थमारक्षन विमान बनाने के विचार पर कहते हैं, शुरुआत में मैं 2018 में अपना पायलट लाइसेंस प्राप्त करने के बाद यात्राओं के लिए छोटे टू-सीटर विमान किराए पर लेता था। लेकिन चूंकि मेरे परिवार में मेरी पत्नी और दो बेटियां भी हैं। मुझे चार सीटों वाले प्लेन की आवश्यकता थी। वे (चार सीटों वाले प्लेन) जल्दी नहीं मिलते हैं और अगर मुझे कोई मिल भी जाते तो वो बहुत पुराने होते थे।
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चार सीटों वाले सही विमान को खोजने में उन्हें मुश्किल हुई तो वह इस विषय पर शोध करने और घर में प्लेन बनाने के बारे में जानने के लिए प्रेरित हुए।
जनवरी में थमराक्षन द्वारा बनाए गए प्लेन पर पहली यात्री करने से पहले उनकी पत्नी अभिलाषा ने बताया कि परिवार ने पहले लॉकडाउन के दौरान पैसे बचाना शुरू कर दिया था। उन्होंने कहा, "हम जानते थे कि हम हमेशा अपना खुद का विमान चाहते है और पहले कुछ महीनों में हम बहुत सारा पैसा बचा रहे थे इसलिए हमने सोचा कि हम इसे बनाएंगे।"
38 वर्षीय थमराक्षन ने खुद के प्लेन को बनाने के लिए जोहान्सबर्ग स्थित कंपनी स्लिंग एयरक्राफ्ट के कारखाने का दौरा किया। इसके बाद थमराक्षन ने अपने विमान के लिए एक किट बनाने का आदेश दिया।
महामारी के दौरान लॉकडाउन लगने से समय के साथ-साथ बचाए गए धन से थमराक्षन को इस महत्वकांक्षी परियोजना पर काम करने का अवसर मिला। प्लेन को बनाने में कुल 1.8 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है।
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रिपोर्ट्स के मुताबिक, चार सीटों वाले विमान मॉडल 'स्लिंग टीएसआई' का नाम 'जी-दीया' रखा गया है, जिसमें दीया उनकी छोटी बेटी का नाम है। पलक्कड़ इंजीनियरिंग कॉलेज से बीटेक करने के बाद थमारक्षन अपनी मास्टर डिग्री हासिल करने के लिए 2006 में यूके गए थे और अभी वह फोर्ड मोटर कंपनी के लिए काम कर रहे हैं। वह पूर्व विधायक ए.वी.थमारक्षन के बेटे हैं।
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खुद के बनाए प्लेन से थमाक्षरन परिवार के साथ अब तक जर्मनी, ऑस्ट्रिया और चेक गणराज्य की यात्रा कर चुके हैं। उनके पास पायलेट का लाइसेंस है।
विमान बनाने के विचार कैसे आया?
थमारक्षन विमान बनाने के विचार पर कहते हैं, शुरुआत में मैं 2018 में अपना पायलट लाइसेंस प्राप्त करने के बाद यात्राओं के लिए छोटे टू-सीटर विमान किराए पर लेता था। लेकिन चूंकि मेरे परिवार में मेरी पत्नी और दो बेटियां भी हैं। मुझे चार सीटों वाले प्लेन की आवश्यकता थी। वे (चार सीटों वाले प्लेन) जल्दी नहीं मिलते हैं और अगर मुझे कोई मिल भी जाते तो वो बहुत पुराने होते थे।
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चार सीटों वाले सही विमान को खोजने में उन्हें मुश्किल हुई तो वह इस विषय पर शोध करने और घर में प्लेन बनाने के बारे में जानने के लिए प्रेरित हुए।
जनवरी में थमराक्षन द्वारा बनाए गए प्लेन पर पहली यात्री करने से पहले उनकी पत्नी अभिलाषा ने बताया कि परिवार ने पहले लॉकडाउन के दौरान पैसे बचाना शुरू कर दिया था। उन्होंने कहा, "हम जानते थे कि हम हमेशा अपना खुद का विमान चाहते है और पहले कुछ महीनों में हम बहुत सारा पैसा बचा रहे थे इसलिए हमने सोचा कि हम इसे बनाएंगे।"
38 वर्षीय थमराक्षन ने खुद के प्लेन को बनाने के लिए जोहान्सबर्ग स्थित कंपनी स्लिंग एयरक्राफ्ट के कारखाने का दौरा किया। इसके बाद थमराक्षन ने अपने विमान के लिए एक किट बनाने का आदेश दिया।
महामारी के दौरान लॉकडाउन लगने से समय के साथ-साथ बचाए गए धन से थमराक्षन को इस महत्वकांक्षी परियोजना पर काम करने का अवसर मिला। प्लेन को बनाने में कुल 1.8 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है।