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जम्मू कश्मीर की परिस्थिति पर नजर बनाए हुए हैं: अमेरिकी विदेश मंत्रालय
Thu, 08 Aug 2019 09:18 AM IST
Priyesh Mishra
वर्ल्ड डेस्क, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, वाशिंगटन
Published by: Priyesh Mishra
Updated Thu, 08 Aug 2019 09:18 AM IST
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भारत-अमेरिका संबंध
- फोटो : फाइल फोटो
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अमेरिकी विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने बुधवार को कहा कि अमेरिका जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को हटाने और उसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने संबंधी भारत के कानून पर निकटता से नजर रख रहा है।
भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को सोमवार को हटा दिया तथा राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विभाजित कर दिया।
इसके मद्देनजर अमेरिकी विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका जम्मू-कश्मीर के शासन और उसकी नई क्षेत्रीय स्थिति के संबंध में भारत के कानून पर निकटता से नजर रख रहा है। हम इस घटनाक्रम के कारण क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ने की संभावना समेत सीमा पर पड़ने वाले प्रभाव पर नजर रख रहे हैं।
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भारत के साथ द्विपक्षीय राजनयिक संबंधों को कम करने का फैसला करने के कुछ ही देर बाद पाकिस्तान ने कश्मीर मुद्दे को लेकर बुधवार को भारतीय उच्चायुक्त अजय बिसारिया को देश छोड़ने का निर्देश दिया था।
अमेरिका ने बुधवार को भी कहा था कि तनाव कम करने के लिए सभी पक्षों को वार्ता करने की तत्काल आवश्यकता है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका सभी पक्षों से शांति बनाए रखने और संयम बरतने का अनुरोध करता है।
जम्मू-कश्मीर में नजरबंदी की खबरों पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि हम नजरबंदी और जम्मू-कश्मीर निवासियों पर जारी प्रतिबंध संबंधी खबरों को लेकर चिंतित हैं। हम कश्मीर और चिंता के अन्य विषयों पर भारत और पाकिस्तान के बीच प्रत्यक्ष वार्ता का समर्थन करते हैं।
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भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को सोमवार को हटा दिया तथा राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विभाजित कर दिया।
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इसके मद्देनजर अमेरिकी विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका जम्मू-कश्मीर के शासन और उसकी नई क्षेत्रीय स्थिति के संबंध में भारत के कानून पर निकटता से नजर रख रहा है। हम इस घटनाक्रम के कारण क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ने की संभावना समेत सीमा पर पड़ने वाले प्रभाव पर नजर रख रहे हैं।
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भारत के साथ द्विपक्षीय राजनयिक संबंधों को कम करने का फैसला करने के कुछ ही देर बाद पाकिस्तान ने कश्मीर मुद्दे को लेकर बुधवार को भारतीय उच्चायुक्त अजय बिसारिया को देश छोड़ने का निर्देश दिया था।
अमेरिका ने बुधवार को भी कहा था कि तनाव कम करने के लिए सभी पक्षों को वार्ता करने की तत्काल आवश्यकता है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका सभी पक्षों से शांति बनाए रखने और संयम बरतने का अनुरोध करता है।
जम्मू-कश्मीर में नजरबंदी की खबरों पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि हम नजरबंदी और जम्मू-कश्मीर निवासियों पर जारी प्रतिबंध संबंधी खबरों को लेकर चिंतित हैं। हम कश्मीर और चिंता के अन्य विषयों पर भारत और पाकिस्तान के बीच प्रत्यक्ष वार्ता का समर्थन करते हैं।