{"_id":"6899603aaf38fd3db00d1534","slug":"jd-vance-said-donald-trump-thinking-tariffs-on-china-for-purchasing-russia-oil-2025-08-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"China: 'रूस से तेल खरीदने के चलते चीन पर भी टैरिफ लगा सकते हैं ट्रंप', उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का बयान","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
China: 'रूस से तेल खरीदने के चलते चीन पर भी टैरिफ लगा सकते हैं ट्रंप', उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का बयान
Mon, 11 Aug 2025 08:54 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: नितिन गौतम
Updated Mon, 11 Aug 2025 08:54 AM IST
सार
चीनी विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को एक बयान में दो टूक कहा, 'रूस सहित दुनिया भर के सभी देशों के साथ सामान्य आर्थिक, व्यापारिक और ऊर्जा सहयोग करना चीन के लिए कानूनी तौर पर वैध है। हम अपने राष्ट्रीय हितों के अनुसार तेल खरीद करते रहेंगे।'
विज्ञापन
जेडी वेंस, डोनाल्ड ट्रंप
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने के लिए भारत पर भारी-भरकम टैरिफ लगा दिया है। अब ट्रंप, चीन पर भी रूस से तेल खरीदने के लिए टैरिफ लगाने पर विचार कर रहे हैं। ये कहना है अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का। एक इंटरव्यू में जेडी वेंस ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप, चीन पर टैरिफ लगाने पर विचार कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कुछ भी तय नहीं है।
वेंस बोले- चीन पर टैरिफ लगाना अभी तय नहीं
इंटरव्यू के दौरान एंकर ने वेंस से पूछा कि अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने के लिए भारत पर भारी-भरकम टैरिफ लगाए हैं तो क्या अमेरिका, चीन के खिलाफ भी ऐसी कोई कार्रवाई कर सकता है? इस पर वेंस ने कहा कि 'राष्ट्रपति ट्रंप इस पर विचार कर रहे हैं, लेकिन अभी तक उन्होंने इस पर कोई फैसला नहीं किया है। चीन का मुद्दा थोड़ा जटिल है क्योंकि चीन से हमारे रिश्ते ही कुछ ऐसे हैं। रूस की स्थिति को छोड़ दें तो भी चीन पर टैरिफ लगाने से कई अन्य चीजें भी बिगड़ सकती हैं। इसलिए राष्ट्रपति ट्रंप फिलहाल इस पर विचार कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने अभी तक कोई फैसला नहीं किया है।'
ये भी पढ़ें- IND-PAK Tension : सिंधु नदी पर बांध बना तो मिसाइल दागकर उड़ा देंगे, अमेरिका पहुंचे मुनीर दिखाया बड़बोलापन
विज्ञापन
चीन की अमेरिका को दो टूक
सीमा शुल्क आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीन का रूसी तेल आयात बढ़कर 10 अरब डॉलर से ज्यादा हो गया, जो मार्च के बाद से अब तक का सबसे ज्यादा मासिक तेल आयात है। हालांकि, इस साल चीन का रूस से कुल आयात 2024 की तुलना में 7.7 प्रतिशत कम रहा। वहीं अमेरिका की टैरिफ धमकियों के बीच चीन ने रूस के साथ अपने ऊर्जा व्यापार का बचाव किया। चीनी विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को एक बयान में दो टूक कहा, 'रूस सहित दुनिया भर के सभी देशों के साथ सामान्य आर्थिक, व्यापारिक और ऊर्जा सहयोग करना चीन के लिए कानूनी तौर पर वैध है। हम अपने राष्ट्रीय हितों के अनुसार तेल खरीद करते रहेंगे।'
अमेरिका ने भारत पर टैरिफ लगाया
पिछले हफ्ते ट्रंप ने रूस से तेल खरीद को लेकर भारत पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने का एलान किया। इस तरह भारत पर अमेरिका का कुल टैरिफ 50 प्रतिशत हो गया है। अतिरिक्त टैरिफ 27 अगस्त से लागू होगा। भारत ने भी अमेरिका के टैरिफ पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है और इसे अनुचित और अविवेकपूर्ण बताया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत का ऊर्जा आयात बाज़ार के कारकों और हमारी ऊर्जा जरूरतों से प्रेरित है और इसका उद्देश्य अपनी 1.4 अरब आबादी के लिए ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
विज्ञापन
वेंस बोले- चीन पर टैरिफ लगाना अभी तय नहीं
इंटरव्यू के दौरान एंकर ने वेंस से पूछा कि अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने के लिए भारत पर भारी-भरकम टैरिफ लगाए हैं तो क्या अमेरिका, चीन के खिलाफ भी ऐसी कोई कार्रवाई कर सकता है? इस पर वेंस ने कहा कि 'राष्ट्रपति ट्रंप इस पर विचार कर रहे हैं, लेकिन अभी तक उन्होंने इस पर कोई फैसला नहीं किया है। चीन का मुद्दा थोड़ा जटिल है क्योंकि चीन से हमारे रिश्ते ही कुछ ऐसे हैं। रूस की स्थिति को छोड़ दें तो भी चीन पर टैरिफ लगाने से कई अन्य चीजें भी बिगड़ सकती हैं। इसलिए राष्ट्रपति ट्रंप फिलहाल इस पर विचार कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने अभी तक कोई फैसला नहीं किया है।'
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- IND-PAK Tension : सिंधु नदी पर बांध बना तो मिसाइल दागकर उड़ा देंगे, अमेरिका पहुंचे मुनीर दिखाया बड़बोलापन
विज्ञापन
चीन की अमेरिका को दो टूक
सीमा शुल्क आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीन का रूसी तेल आयात बढ़कर 10 अरब डॉलर से ज्यादा हो गया, जो मार्च के बाद से अब तक का सबसे ज्यादा मासिक तेल आयात है। हालांकि, इस साल चीन का रूस से कुल आयात 2024 की तुलना में 7.7 प्रतिशत कम रहा। वहीं अमेरिका की टैरिफ धमकियों के बीच चीन ने रूस के साथ अपने ऊर्जा व्यापार का बचाव किया। चीनी विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को एक बयान में दो टूक कहा, 'रूस सहित दुनिया भर के सभी देशों के साथ सामान्य आर्थिक, व्यापारिक और ऊर्जा सहयोग करना चीन के लिए कानूनी तौर पर वैध है। हम अपने राष्ट्रीय हितों के अनुसार तेल खरीद करते रहेंगे।'
अमेरिका ने भारत पर टैरिफ लगाया
पिछले हफ्ते ट्रंप ने रूस से तेल खरीद को लेकर भारत पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने का एलान किया। इस तरह भारत पर अमेरिका का कुल टैरिफ 50 प्रतिशत हो गया है। अतिरिक्त टैरिफ 27 अगस्त से लागू होगा। भारत ने भी अमेरिका के टैरिफ पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है और इसे अनुचित और अविवेकपूर्ण बताया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत का ऊर्जा आयात बाज़ार के कारकों और हमारी ऊर्जा जरूरतों से प्रेरित है और इसका उद्देश्य अपनी 1.4 अरब आबादी के लिए ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन