जापान: सुगा की जगह लेने के लिए लग गई है एलडीपी नेताओं में तीखी होड़
सुगा के मैदान से हटने के पहले नेता पद के लिए मुख्य मुकाबला उनके और पार्टी के पूर्व नीति प्रमुख फुमियो किशिदा के बीच माना जा रहा था। लेकिन अब कई उम्मीदवार मैदान में उतर आए हैं। इसलिए चुनावी सूरत धुंधली हो गई है...
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जापान में प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा के मैदान से हटने के बाद सत्ताधारी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) के भीतर नेता पद पर दावेदारी करने वाले नेताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसमें ताजा नाम प्रशासनिक सुधार मंत्री तारो कोनो का है। नेता पद के लिए चुनाव 29 सितंबर को होगा। एलडीपी का नेता ही अगले चुनाव में प्रधानमंत्री पद के लिए पार्टी का चेहरा होगा।
सुगा के मैदान से हटने के पहले नेता पद के लिए मुख्य मुकाबला उनके और पार्टी के पूर्व नीति प्रमुख फुमियो किशिदा के बीच माना जा रहा था। लेकिन अब कई उम्मीदवार मैदान में उतर आए हैं। इसलिए चुनावी सूरत धुंधली हो गई है। साथ ही इस चुनाव में लोगों और जापान के पास-पड़ोस के देशों की दिलचस्पी बढ़ गई है।
तारो कोनो ने अपनी उम्मीदवारी की सूचना उप प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री तारो असो को सबसे पहले दी। असो एलडीपी के उस गुट के नेता हैं, जिसमें कोनो शामिल हैं। बताया जाता है कि तब कोनो ने उन्हें अपने इरादे के बारे में बताया, तो असो ने कहा कि वे उनकी उम्मीदवारी का समर्थन या विरोध नहीं करेंगे। तारो कोनो अभी देश में चल रहे कोरोना टीकाकरण अभियान के प्रभारी हैं। वे रक्षा और विदेश मंत्री रह चुके हैं।
शनिवार को वेबसाइट निक्कईएशिया.कॉम ने एक जनमत सर्वे प्रकाशित किया। उसके मुताबिक नए नेता के रूप में कोनो को सबसे ज्यादा समर्थन मिल रहा है। उन्हें 16 फीसदी लोगों का समर्थन मिला। खास कर वे युवा मतदाताओं में लोकप्रिय देखे गए हैं। इस सर्वे में 40 साल से कम उम्र के मतदाताओं के बीच बाकी तमाम उम्मीदवार उनसे कम से कम दस फीसदी पीछे देखे गए।
एलडीपी के महासचिव शिगेरु इशिबा ने पहले इस बारे में कुछ भी कहने से इनकार किया था कि वे नेता पद पर अपनी दावेदारी ठोकेंगे या नहीं। लेकिन अब उन्होंने भी मैदान में उतरने का संकेत दिया है। उन्होंने कहा है कि सुगा के मैदान से हटने के बाद स्थिति बिल्कुल बदल गई है। अब वे नए हालात को ध्यान में रखते हुए जल्द अपना फैसला देश को बताएंगे।
जापानी मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक उम्मीदवारों की लिस्ट में गृह मंत्री सनाये ताकाइची का नाम पहले से शामिल है। सुगा के हटने के बाद उन्होंने दोबारा अपनी दावेदारी की पुष्टि की। ताकाइची ने अब कहा है कि चूंकि वे किसी गुट से जुड़ी हुई नहीं हैं, इसलिए वे पार्टी के उन तमाम सदस्यों का समर्थन मांगेंगी, जो पार्टी के किसी गुट का हिस्सा नहीं हैं। ताकाइची ने कहा है कि संवैधानिक सुधार पहले की तरह ही उनका प्रमुख मुद्दा बना हुआ है।
वेबसाइट ऩिक्कई एशिया के मुताबिक पार्टी के कार्यकारी महासचिव सेइको नोडा भी चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। कुछ खबरों में बताया गया है कि पर्यावरण मंत्री शिनिजिरो कोइजुमी भी चुनाव मैदान में उतरेंगे। बताया जाता है कि कोइजुमी ने ही सुगा को सलाह दी थी कि वे मैदान से हट जाएं। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि सुगा सरकार ने सालभर कड़ी मेहनत की और किसी देश की सरकार से ज्यादा बेहतर नतीजे दिए। फिर भी उसे कड़ी आलोचना झेलनी पड़ी।