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Japan: बूढ़ी हो रही जापान की आबादी, अधिक शादियों और बच्चों के लिए अहम फैसला; अब सरकारी डेटिंग एप से आएगा बदलाव
Sat, 08 Jun 2024 04:16 PM IST
मेघा झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: मेघा झा
Updated Sat, 08 Jun 2024 04:16 PM IST
सार
जापान की जनता लगातार बूढ़ी होती जा रही है, और जन्म का आंकड़ा कम होता जा रहा है। अब पिछले साल का सरकारी आंकड़ा यह बताता है कि 123.9 मिलियन आबादी वाले देश में सिर्फ 727277 शिशुओं ने जन्म लिया। यह आंकड़ा पिछले वर्षों की तुलना कम है। इसके लिए सरकार ने डेटिंग एप शुरू किया है।
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जापान में शादी पर जोर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पिछले वर्ष के आंकड़ों के अनुसार जापान में जन्मदर काफी कम दर्ज की गई है। जापान की जनता लगातार बूढ़ी होती जा रही है, और जन्म का आंकड़ा कम होता जा रहा है। अब पिछले साल का सरकारी आंकड़ा यह बताता है कि 123.9 मिलियन आबादी वाले देश में सिर्फ 727277 शिशुओं ने जन्म लिया। यह आंकड़ा पिछले वर्षों की तुलना कम है। इसके लिए सरकार ने डेटिंग एप शुरू किया है।
जापान में एक सरकार द्वारा संचालित डेटिंग एप चलाया जा रहा है। हालांकि यह एप का प्रारंभिक परीक्षण हो रहा है, जिसके जरिए शादी की इच्छा रखने वाले व्यक्तियों के बीच कनेक्शन को सुविधाजनक बनाया जाए। शादी के लिए पहला कदम के रूप में वर्णित एक ऐप टोक्यो मेट्रोपॉलिटन सरकार द्वारा प्रदान की गई एआई मैचमेकिंग प्रणाली का उपयोग करता है।
दरअसल जापान के स्वास्थ्य, श्रम और मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार पिछले साल 727277 शिशुओं का जन्म हुआ है। जबकि देश की आबादी 123.9 मिलियन है। यह जन्म की संख्या काफी कम दर्ज की गई है। प्रजनन दर में 1.26 से घटकर 1.20 हो गई है। जबकि स्थिर जनसंख्या के लिए 2.1 की प्रजनन दर होना चाहिए।
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वैवाहिक संघ भी कम होते जा रहे हैं, पिछले साल 30,000 विवाहों की कमी के साथ-साथ तलाक में वृद्धि हुई है। वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि देश के जनसांख्यिकी असंतुलन को देखते हुए यह गिरावट काफी समय तक बनी रहेगी। इन चुनौतियों को कम करने के प्रयास चल रहे हैं, सरकार इस मुद्दे को हल करने के लिए विशेष एजेंसियों की स्थापना कर रही है। जैसे कि चाइल्ड केयर सुविधाएं बढ़ाना, माता-पिता के लिए आवास सब्सिडी, चुनिंदा क्षेत्रों में बच्चों को जन्म देने वाले जोड़ों के लिए वित्तीय प्रोत्साहन आदि।
वहीं एलन मस्क ने जापान की पहल को स्वीकृति दी है। जिसमें जन्म दर में गिरावट को संबोधित करने की महत्वपूर्ण प्रकृति पर जोर दिया गया। विशेषज्ञ कहते हैं कि जनसांख्यिकी बदलाव, परिवर्तनकारी होते हुए भी जापान जैसे देशों के गायब होने का कारण बन सकता है। डेटिंग एप वैवाहिक बंधन को बढ़ावा देने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दिखा रहा है।
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जापान में एक सरकार द्वारा संचालित डेटिंग एप चलाया जा रहा है। हालांकि यह एप का प्रारंभिक परीक्षण हो रहा है, जिसके जरिए शादी की इच्छा रखने वाले व्यक्तियों के बीच कनेक्शन को सुविधाजनक बनाया जाए। शादी के लिए पहला कदम के रूप में वर्णित एक ऐप टोक्यो मेट्रोपॉलिटन सरकार द्वारा प्रदान की गई एआई मैचमेकिंग प्रणाली का उपयोग करता है।
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दरअसल जापान के स्वास्थ्य, श्रम और मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार पिछले साल 727277 शिशुओं का जन्म हुआ है। जबकि देश की आबादी 123.9 मिलियन है। यह जन्म की संख्या काफी कम दर्ज की गई है। प्रजनन दर में 1.26 से घटकर 1.20 हो गई है। जबकि स्थिर जनसंख्या के लिए 2.1 की प्रजनन दर होना चाहिए।
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वैवाहिक संघ भी कम होते जा रहे हैं, पिछले साल 30,000 विवाहों की कमी के साथ-साथ तलाक में वृद्धि हुई है। वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि देश के जनसांख्यिकी असंतुलन को देखते हुए यह गिरावट काफी समय तक बनी रहेगी। इन चुनौतियों को कम करने के प्रयास चल रहे हैं, सरकार इस मुद्दे को हल करने के लिए विशेष एजेंसियों की स्थापना कर रही है। जैसे कि चाइल्ड केयर सुविधाएं बढ़ाना, माता-पिता के लिए आवास सब्सिडी, चुनिंदा क्षेत्रों में बच्चों को जन्म देने वाले जोड़ों के लिए वित्तीय प्रोत्साहन आदि।
वहीं एलन मस्क ने जापान की पहल को स्वीकृति दी है। जिसमें जन्म दर में गिरावट को संबोधित करने की महत्वपूर्ण प्रकृति पर जोर दिया गया। विशेषज्ञ कहते हैं कि जनसांख्यिकी बदलाव, परिवर्तनकारी होते हुए भी जापान जैसे देशों के गायब होने का कारण बन सकता है। डेटिंग एप वैवाहिक बंधन को बढ़ावा देने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दिखा रहा है।