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जापान ने एकाकीपन के लिए मंत्री किया तैनात, 11 साल बाद बढ़ी आत्महत्याएं घटाने का लक्ष्य

Wed, 24 Feb 2021 01:04 AM IST
देव कश्यप अमर उजाला रिसर्च टीम/एजेंसी, टोक्यो।
अमर उजाला रिसर्च टीम/एजेंसी, टोक्यो। Published by: देव कश्यप Updated Wed, 24 Feb 2021 01:04 AM IST
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Japan first time appointed Minister of Loneliness to stop rising suicide cases
प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

बढ़ती आत्महत्याओं को रोकने के लिए जापान ने पहली बार एकाकीपन के लिए एक मंत्री नियुक्त किया है। यहां बीते 11 वर्ष में पहली बार आत्महत्याओं की दर में वृद्धि हुई है। इसकी वजह कोरोना महामारी और इससे उपजे हालात को माना गया।

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जापान टाइम्स के अनुसार, प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा ने 19 फरवरी को ही अपनी कैबिनेट में एकाकीपन मंत्री का पद बनाया था। अब तेत्सुशी साकामोटो को इसकी जिम्मेदारी दी है। खास बात कि साकामोटो के पास देश की गिरती जन्मदर और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था के विकास की जिम्मेदारियां भी हैं।
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पद ग्रहण के बाद पहली प्रेसवार्ता में उन्हाेंने कहा कि प्रधानमंत्री ने इसे राष्ट्रीय मामला मानते हुए यह जिम्मेदारी दी है। उनका लक्ष्य लोगों के आपसी संबंधों को प्रगाढ़ बनाने के लिए ऐसे आयोजनों को बढ़ावा देना होगा, जिनसे सामाजिक एकाकीपन दूर हो। जापान में 4.26 लाख लोग कोविड-19 की चपेट में आए थे और 7,577 की मौत हुई थी।
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महिलाओं ने ज्यादा की आत्महत्याएं
साल 2020 में जापान में आत्महत्याओं की दर बढ़ी क्योंकि महिलाओं की आत्महत्या में 15 प्रतिशत वृद्धि हुई। अकेले अक्तूबर में 70 प्रतिशत अधिक महिलाओं ने खुदकुशी की। साकामोटो ने इसे तत्काल ध्यान देने वाला विषय बताया। वे हालात का विश्लेषण कर समाधान की रणनीति पीएम को सौंपेंगे। विभिन्न विभागों व मंत्रालयों में समन्वय भी करवाएंगे।


इंग्लैंड ने 2018 में ऐसा किया था
इससे पहले इंग्लैंड ने भी 2018 में ऐसे ही पद की रचना अपने मंत्रिमंडल में की थी। वह ऐसा करने वाला विश्व का पहला देश था। जापान एकाकीपन के साथ-साथ बच्चों को गरीबी के हालात से निकालने पर भी काम करेगा।

इसलिए बढ़ी आत्महत्याएं

  • लोग तेजी से नौकरियां खो रहे थे।
  • शहरी क्षेत्रों में अकेलापन हावी।
  • महिलाओं पर घराें की जिम्मेदारी हावी।
  • 40 वर्ष की उम्र में महिलाओं में निराशा ज्यादा।
  • कामकाजी जीवन में भी ऊब और हताशा बढ़ी।
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