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Japan Earthquake: जापान में कांपी धरती, भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए; सुनामी का अलर्ट

Thu, 08 Aug 2024 01:45 PM IST
जितेंद्र भारद्वाज वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो Published by: जितेंद्र भारद्वाज Updated Thu, 08 Aug 2024 01:45 PM IST
सार

दक्षिणी जापान में 6.9 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया है। इसके बाद सुनामी की चेतावनी जारी की गई। दक्षिणी जापान के मियाजाकी में भूकंप का केंद्र था। भूकंप के झटके इतने तेज थे कि डरे सहमे लोग अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए।

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Japan Earthquake: Earth shook in Japan strong tremors of earthquake were felt
भूकंप - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जापान में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता सात के करीब मापी गई है। इसके बाद आसपास के इलाकों में सूनामी का अलर्ट जारी कर दिया गया है। जानकारी के मुताबिक, दक्षिणी जापान में 6.9 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया है। इसके बाद सुनामी की चेतावनी जारी की गई। दक्षिणी जापान के मियाजाकी में भूकंप का केंद्र था। भूकंप के झटके इतने तेज थे कि डरे सहमे लोग अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए।

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कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि भूकंप की तीव्रता 7.1 थी। इसका केंद्र जापान के दक्षिणी मुख्य द्वीप क्यूशू के पूर्वी तट पर लगभग 30 किलोमीटर की गहराई में था।क्यूशू के दक्षिणी तट और पास के शिकोकू द्वीप पर 1 मीटर तक की लहरें उठने की चेतावनी जारी की गई। इससे पहले 1 जनवरी को जापान के उत्तर-मध्य क्षेत्र नोटो में आए भूकंप में 240 से अधिक लोगों की जान चली गई थी।
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क्यों आता है भूकंप?
पृथ्वी के अंदर 7 प्लेट्स हैं, जो लगातार घूमती रहती हैं। जहां ये प्लेट्स ज्यादा टकराती हैं, वह जोन फॉल्ट लाइन कहलाता है। बार-बार टकराने से प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं। जब ज्यादा दबाव बनता है तो प्लेट्स टूटने लगती हैं। नीचे की ऊर्जा बाहर आने का रास्ता खोजती हैं और डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है।
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जानें क्या है भूंकप के केंद्र और तीव्रता का मतलब?
भूकंप का केंद्र उस स्थान को कहते हैं जिसके ठीक नीचे प्लेटों में हलचल से भूगर्भीय ऊर्जा निकलती है। इस स्थान पर भूकंप का कंपन ज्यादा होता है। कंपन की आवृत्ति ज्यों-ज्यों दूर होती जाती हैं, इसका प्रभाव कम होता जाता है। फिर भी यदि रिक्टर स्केल पर 7 या इससे अधिक की तीव्रता वाला भूकंप है तो आसपास के 40 किमी के दायरे में झटका तेज होता है। लेकिन यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि भूकंपीय आवृत्ति ऊपर की तरफ है या दायरे में। यदि कंपन की आवृत्ति ऊपर को है तो कम क्षेत्र प्रभावित होगा। 


कैसे मापा जाता है भूकंप की तिव्रता और क्या है मापने का पैमाना?
भूंकप की जांच रिक्टर स्केल से होती है। इसे रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल कहा जाता है। रिक्टर स्केल पर भूकंप को 1 से 9 तक के आधार पर मापा जाता है। भूकंप को इसके केंद्र यानी एपीसेंटर से मापा जाता है। भूकंप के दौरान धरती के भीतर से जो ऊर्जा निकलती है, उसकी तीव्रता को इससे मापा जाता है। इसी तीव्रता से भूकंप के झटके की भयावहता का अंदाजा होता है।

कितनी तबाही लाता है भूकंप?

रिक्टर स्केल असर
0 से 1.9 सिर्फ सीज्मोग्राफ से ही पता चलता है।
2 से 2.9 हल्का कंपन
3 से 3.9 कोई ट्रक आपके नजदीक से गुजर जाए, ऐसा असर
4 से 4.9 खिड़कियां टूट सकती हैं और दीवारों पर टंगी फ्रेम गिर सकती हैं।
5 से 5.9 फर्नीचर हिल सकता है।
6 से 6.9 इमारतों की नींव दरक सकती है। ऊपरी मंजिलों को नुकसान हो सकता है।
7 से 7.9  इमारतें गिर जाती हैं। जमीन के अंदर पाइप फट जाते हैं।
8 से 8.9  इमारतों सहित बड़े पुल भी गिर जाते हैं। सुनामी का खतरा।
9 और उससे ज्यादा  पूरी तबाही, कोई मैदान में खड़ा हो तो उसे धरती लहराते हुए दिखेगी। समंदर नजदीक हो तो सुनामी।

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